शामली में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार सुबह दो कथित शार्पशूटरों सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था और दोनों सोनीपत के रहने वाले थे। जांच में सामने आया कि दोनों 20 अगस्त को शामली के एक होटल में रुके थे और 20-21 अगस्त को अंकित की रेकी की थी। पुलिस चार शूटरों के हत्या में शामिल होने की बात कह रही है। परिवार ने पुलिस कार्रवाई का स्वागत करते हुए बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। वहीं ड्यूटी में कथित लापरवाही पर SWAT टीम के तीन पुलिसकर्मियों को भी टीम से हटाया गया है।
शामली में 26 अगस्त की शाम करीब सात बजे का वक्त था। हरियाणवी कलाकार और यूट्यूबर अंकित बालियान जिम से बाहर निकला ही था कि बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
अंकित को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
हत्या की खबर सामने आते ही शामली पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर इस हत्या के पीछे कौन है और हमलावरों को अंकित की गतिविधियों की जानकारी कैसे मिल रही थी?
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को कथित तौर पर ऐसी कड़ियां मिलने लगीं, जिनसे संकेत मिला कि हत्या की तैयारी पहले से की जा रही थी।
20 अगस्त को होटल पहुंचे थे दो कथित शूटर
पुलिस के मुताबिक, अंकित की हत्या में शामिल बताए जा रहे दो आरोपी मोहित और सुमित वारदात से करीब छह दिन पहले शामली पहुंचे थे।
दोनों 20 अगस्त को शामली के सूर्या होटल में ठहरे थे। होटल के CCTV फुटेज में दोनों के दिखाई देने की बात सामने आई है।
पुलिस का दावा है कि दोनों ने 20 और 21 अगस्त को अंकित की रेकी की। यानी हत्या से पहले उसके आने-जाने और गतिविधियों पर नजर रखी गई।
यही CCTV फुटेज अब जांच में अहम कड़ी मानी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने होटल में रुककर अंकित के मूवमेंट की जानकारी जुटाई और इसके बाद 26 अगस्त को हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
GPS डिवाइस से भी निगरानी का आरोप
जांच में एक और गंभीर बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, मोहित और सुमित के पास GPS डिवाइस था। आरोप है कि इसी के जरिए अंकित की गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश की गई।
पुलिस ने सोनीपत निवासी भोलू शाहपुरिया को इस मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस के मुताबिक, उसी ने शूटरों को GPS उपलब्ध कराया था।
भोलू पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित होने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, भोलू पहले भी हत्या की वारदातों में शामिल रहा है। मार्च 2025 में रिश्तेदार की हत्या का बदला लेने के लिए मुरथल में दीपक नाम के युवक की हत्या में उसकी भूमिका होने का भी पुलिस ने दावा किया है।
हालांकि इन सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की कार्रवाई के बाद ही होगी।
चार शूटर हरियाणा से आए थे—पुलिस
शामली पुलिस के मुताबिक अंकित की हत्या को अंजाम देने के लिए चार शूटर हरियाणा से आए थे।
पुलिस ने जांच के दौरान इन चारों की पहचान करने का दावा किया है। हत्या के बाद आरोपी अलग-अलग समूहों में भागे।
इनमें से दो कथित शूटर मोहित और सुमित को पुलिस ने सोमवार सुबह ट्रैक किया।
दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक दोनों का संबंध गोगी गैंग से था और दोनों सोनीपत के रहने वाले थे।
फिर आया सोमवार की सुबह का एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद दोनों आरोपी अपनी गाड़ी छोड़कर फरार हुए थे।
इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर दूसरी गाड़ी पर ऑल्टो का नंबर लगाया।
पुलिस का कहना है कि अपनी पहचान से जुड़े कुछ दस्तावेज और सामान लेने के लिए दोनों करनाल की तरफ से वापस इस इलाके में आए थे।
इसी दौरान पुलिस की ट्रैकिंग उन तक पहुंची।
इसके बाद पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई।
मुठभेड़ में दोनों कथित शार्पशूटर मारे गए।
ADG कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने सुमित और मोहित को ट्रैक किया था। उन्होंने कहा कि बाकी शूटरों और साजिश में शामिल लोगों की तलाश जारी है।
सोशल मीडिया पोस्ट ने भी बढ़ाया रहस्य
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें एक कथित ग्रुप की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात सामने आई।
हालांकि ADG अमिताभ यश ने स्पष्ट किया कि इस पोस्ट की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक पोस्ट का ओरिजिन देश के बाहर का बताया गया है।
पुलिस इस सोशल मीडिया गतिविधि को भी जांच का हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है।
अंकित को पहले धमकियां मिलने की बात भी सामने आई थी। पुलिस हत्या को गाने से जुड़े पुराने विवाद और कथित गैंग कनेक्शन के एंगल से भी जांच रही है।
जेल में बंद और विदेश में बैठे लोगों पर भी नजर
पुलिस के मुताबिक इस मामले की साजिश सिर्फ सड़क पर मौजूद शूटरों तक सीमित नहीं हो सकती।
कुछ आरोपी जेल में बंद बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ के विदेश में होने की बात सामने आई है।
पानीपत जेल में बंद राकेश और तिहाड़ जेल में बंद रोहित की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
वहीं मोंटी नाम के एक आरोपी के बारे में पुलिस का दावा है कि वह गोगी का करीबी रिश्तेदार है और कनाडा में रह रहा है।
पुलिस के मुताबिक, विदेश में मौजूद आरोपियों को भारत लाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रयास किए जाएंगे।
पत्नी बोलीं—अभी काम खत्म नहीं हुआ
दो कथित शूटरों के एनकाउंटर के बाद अंकित की पत्नी की प्रतिक्रिया भी सामने आई।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया, लेकिन साफ कहा कि अभी काम खत्म नहीं हुआ है।
उनका कहना है कि हत्या की साजिश में शामिल बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। तभी परिवार को पूरी तरह इंसाफ मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर सामने से हमला किया जाता तो अंकित चार-पांच लोगों से अकेले मुकाबला कर सकता था। परिवार के मुताबिक अंकित करीब दस साल से जिम कर रहा था।
मां को परिवार की सुरक्षा की चिंता
अंकित की मां ने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।
उनका कहना है कि आरोपियों के लोग कथित तौर पर पहले से ही अंकित की गाड़ी में डिवाइस लगवाकर उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और घर तक पहुंच चुके थे।
ऐसे में उन्हें आशंका है कि कहीं परिवार के किसी दूसरे सदस्य को भी निशाना न बनाया जाए।
मां का कहना है कि सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी या एनकाउंटर काफी नहीं है। हत्या की साजिश में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पिता बोले—अभी सिर्फ आधा धन्यवाद
अंकित के पिता सतवीर फौजी ने भी पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि अभी यह सिर्फ आधा धन्यवाद है।
उनके मुताबिक जब तक हत्या में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई नहीं होती और शामली तथा आसपास के इलाकों में अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होता, परिवार संतुष्ट नहीं होगा।
उनका दर्द एक पिता का दर्द है—बेटा वापस नहीं आएगा, लेकिन कम से कम उसके कत्ल की पूरी साजिश का सच सामने आना चाहिए।
पुलिस की अपनी टीम पर भी कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस के भीतर भी कार्रवाई हुई है।
अंकित की हत्या के बाद शामली में अपराधियों की तलाश के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया गया था। बागपत सीमा से लगा जिला होने के कारण पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही थी।
एसपी सूरज कुमार राय ने SWAT टीम को शामली पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद करने के निर्देश दिए थे।
आरोप है कि SWAT टीम के तीन पुलिसकर्मी निर्देश के बावजूद शामली नहीं पहुंचे।
एसपी ने इसे ड्यूटी में लापरवाही मानते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को SWAT टीम से हटा दिया।
यानी अंकित हत्याकांड में एक तरफ पुलिस ने दो कथित शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया, तो दूसरी तरफ ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में अपनी ही टीम के तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की।
दो शूटर ढेर... लेकिन कहानी अभी बाकी है
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।
दो कथित शूटर मारे जा चुके हैं।
लेकिन पुलिस के मुताबिक अभी तीन बदमाश बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है। जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ होनी है और विदेश में मौजूद बताए जा रहे आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जानी है।
सबसे अहम सवाल अब भी वही है—
अंकित की हत्या की पूरी साजिश किसने रची?
किसने शूटरों को भेजा?
GPS किसने उपलब्ध कराया?
20 और 21 अगस्त की रेकी किसके निर्देश पर हुई?
सोशल मीडिया पर कथित जिम्मेदारी लेने वाला नेटवर्क कितना वास्तविक है?
और इस पूरी साजिश में देश के बाहर बैठे लोगों की भूमिका कितनी है?
इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आएंगे।
फिलहाल दो कथित शूटरों का अध्याय खत्म हो चुका है।
लेकिन अंकित के परिवार की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई।
परिवार की मांग साफ है—
अंकित वापस नहीं आ सकता, लेकिन उसकी हत्या के पीछे जो भी है, वह कानून के शिकंजे से बाहर नहीं रहना चाहिए।
COMMENTS