उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कानपुर नगर में विभिन्न नामी ब्रांडों के नाम पर नकली और अपमिश्रित पान मसाला बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। चकेरी क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली पान मसाला, सुपारी, कत्था, फ्लेवरिंग एजेंट और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कानपुर में एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो प्रतिष्ठित ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली और अपमिश्रित पान मसाला तैयार कर बाजार में बेच रहा था। इस कार्रवाई में एसटीएफ ने भारी मात्रा में तैयार नकली पान मसाला, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री बरामद की है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई केवल नकली उत्पादों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़े गंभीर खतरे को भी उजागर करती है, जो ब्रांडेड उत्पाद समझकर ऐसे नकली सामान का इस्तेमाल कर रहे थे।
खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
एसटीएफ को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में नामी कंपनियों के नाम पर नकली और अपमिश्रित पान मसाला तैयार कर बड़े पैमाने पर बेचा जा रहा है। यह भी जानकारी सामने आई थी कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क केवल कानपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ की टीम ने अपर पुलिस अधीक्षक श्री अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में जांच और अभिसूचना संकलन शुरू किया। लगातार निगरानी और जानकारी जुटाने के बाद टीम को चकेरी क्षेत्र में एक ठिकाने की सटीक जानकारी मिली।
आइस फैक्ट्री के सामने चल रही थी नकली फैक्ट्री
एसटीएफ टीम ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर चन्द्रनगर, लाल बंगला क्षेत्र स्थित एक परिसर में छापा मारा। यह स्थान चकेरी थाना क्षेत्र में एक आइस फैक्ट्री के सामने स्थित बताया गया है।
छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि वहां विभिन्न प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम पर नकली पान मसाला तैयार किया जा रहा था। मौके से भारी मात्रा में तैयार माल, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई।
कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसकी पहचान कुनाल गुप्ता पुत्र सुनील कुमार गुप्ता निवासी दानाखोरी, थाना हरवंश मोहाल, कानपुर नगर के रूप में हुई।
क्या-क्या हुआ बरामद?
एसटीएफ की कार्रवाई में बरामद सामग्री का आंकड़ा चौंकाने वाला है। टीम ने मौके से लगभग पांच क्विंटल अपमिश्रित पान मसाला बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 9.20 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा—
- 1540 किलोग्राम कटी हुई सुपारी (करीब 3.85 लाख रुपये मूल्य)
- 479 किलोग्राम कत्था (करीब 3.35 लाख रुपये मूल्य)
- 37 बोरी फ्लेवरिंग एजेंट (करीब 2.96 लाख रुपये मूल्य)
- शिखर पान मसाला के नाम से जुड़े पैकेजिंग पेपर और अन्य सामग्री
भी बरामद की गई।
बरामद सामग्री से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि यहां बड़े पैमाने पर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे।
पूछताछ में सामने आया बड़ा नाम
गिरफ्तार आरोपी कुनाल गुप्ता से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोपी ने बताया कि इस पूरे कारोबार का संचालन मोहित गुप्ता उर्फ सौरभ गुप्ता नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था।
आरोपी के अनुसार मोहित गुप्ता लंबे समय से विभिन्न प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम पर नकली और अपमिश्रित पान मसाला तैयार करवा रहा था। वह ही कच्चे माल की व्यवस्था करता था और पैकेजिंग के लिए ब्रांडेड कंपनियों जैसी सामग्री उपलब्ध कराता था।
इसके बाद तैयार माल को अन्य सहयोगियों की मदद से बाजार में भेजा जाता था।
कई राज्यों तक फैला था सप्लाई नेटवर्क
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि नकली पान मसाले की सप्लाई केवल कानपुर या आसपास के जिलों तक सीमित नहीं थी।
आरोपी के अनुसार यह माल उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, मुंबई, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों तक भेजा जाता था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कारोबार काफी बड़े स्तर पर संचालित हो रहा था और लंबे समय से सक्रिय था।
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
उपभोक्ताओं की सेहत से हो सकता था खिलवाड़
विशेषज्ञों का मानना है कि नकली और अपमिश्रित खाद्य उत्पाद केवल आर्थिक अपराध नहीं होते, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
बिना गुणवत्ता जांच और मानकों के तैयार किए गए उत्पादों में ऐसे रसायन या पदार्थ मिलाए जा सकते हैं जो लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं।
ऐसे में इस प्रकार के अवैध कारोबार पर कार्रवाई को सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई शुरू
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ थाना चकेरी, कानपुर नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(4) तथा कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
जांच का दायरा बढ़ा
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे, माल कहां-कहां सप्लाई किया गया और इससे कितनी आर्थिक कमाई की गई।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली उत्पादों के निर्माण में किन-किन ब्रांडों के नाम और पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जा रहा था।
फिलहाल एसटीएफ की इस कार्रवाई को नकली उत्पादों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल ब्रांडेड कंपनियों के अधिकारों की रक्षा करेगी, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी ऐसे नकली और संभावित रूप से हानिकारक उत्पादों से बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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