पूर्वी जिला दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने मोबाइल चोरी और अवैध मोबाइल कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गफ्फार मार्केट स्थित एक दुकान पर छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 45 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 22 मोबाइल बॉडी, एक लैपटॉप और मोबाइल सुरक्षा लॉक तोड़ने वाला चीनी AMP टूल बरामद किया गया है। जांच में अब तक सात मोबाइल दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज चोरी और गुमशुदगी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं
मोबाइल चोरी की घटनाएं आमतौर पर सड़क, बाजार, बस, मेट्रो या रेलवे स्टेशन पर होती हैं, लेकिन चोरी के बाद इन मोबाइलों का क्या होता है, यह सवाल हमेशा बना रहता है। दिल्ली पुलिस की पूर्वी जिला स्पेशल स्टाफ टीम ने इसी सवाल का जवाब तलाशते हुए एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो चोरी किए गए मोबाइल फोन खरीदता था, उनके सुरक्षा लॉक तोड़ता था और फिर उन्हें दोबारा बाजार में बेच देता था।
यह कार्रवाई दिल्ली के मशहूर इलेक्ट्रॉनिक बाजार गफ्फार मार्केट में की गई, जहां से दो मोबाइल सॉफ्टवेयर तकनीशियनों को गिरफ्तार किया गया।
पूर्वी जिला स्पेशल स्टाफ मोबाइल चोरी के मामलों में लगातार काम कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में कुछ लोग चोरी के मोबाइल फोन खरीदकर उन्हें तकनीकी माध्यम से अनलॉक कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई गौरव, एएसआई राजकुमार, हेड कांस्टेबल हिमांशु, नरेश, सनोज तथा कांस्टेबल शिवम, सनोज और राजीव को शामिल किया गया। पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशंस पवन कुमार के मार्गदर्शन में की गई।
गफ्फार मार्केट की दुकान पर पड़ा छापा
पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, स्थानीय पूछताछ और निगरानी के बाद गफ्फार मार्केट के बीडन पुरा इलाके में स्थित एक दुकान को चिन्हित किया।
इसके बाद पुलिस ने अचानक छापा मारा। छापेमारी के दौरान दुकान से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और तकनीकी उपकरण बरामद हुए।

पुलिस को मौके से—
- 45 एंड्रॉयड मल्टीमीडिया मोबाइल फोन
- 22 मोबाइल फोन बॉडी
- 1 लैपटॉप
- 1 चीनी AMP टूल
- बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान दुकान संचालक बरामद मोबाइलों के स्वामित्व से जुड़े संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी अत्याधुनिक चीनी AMP टूल का उपयोग करते थे।
यह टूल मोबाइल फोन के Factory Reset Protection (FRP) और अन्य सुरक्षा लॉक को बायपास करने में सक्षम बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार चोरी किए गए मोबाइल फोन इस टूल के माध्यम से रीसेट किए जाते थे ताकि उनके मूल मालिक की जानकारी मिट जाए और मोबाइल को आसानी से दोबारा बेचा जा सके।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि FRP लॉक मोबाइल चोरी रोकने के लिए लगाया जाता है, लेकिन ऐसे अवैध उपकरण इस सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर देते हैं।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गफ्फार मार्केट में “KGN Software & Mobile Repairing Institute” नाम से मोबाइल रिपेयरिंग और सॉफ्टवेयर सर्विसिंग का काम करते थे।

जांच के दौरान उन्होंने बताया कि चोरी के मोबाइल फोन संदिग्ध चैनलों से उनके पास पहुंचते थे। इसके बाद वे AMP टूल और अन्य सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल की सुरक्षा प्रणाली हटाकर उन्हें दोबारा बेचने योग्य बनाते थे।
पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
1. मोहम्मद जलाल
- उम्र : 29 वर्ष
- निवासी : लोनी, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
- शिक्षा : 12वीं पास
- पेशा : मोबाइल सॉफ्टवेयर तकनीशियन
- पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड : नहीं
2. इमरान
- उम्र : 27 वर्ष
- निवासी : राजपुर खुर्द एक्सटेंशन, नई दिल्ली
- शिक्षा : 12वीं पास
- पेशा : मोबाइल सॉफ्टवेयर तकनीशियन
- पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड : नहीं

हालांकि दोनों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन पुलिस अब उनके संपर्कों और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।
दिल्ली, हरियाणा और यूपी के मामलों से जुड़े मिले मोबाइल
जांच के दौरान बरामद सात मोबाइल फोन विभिन्न राज्यों में दर्ज चोरी और गुमशुदगी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं।
इनमें शामिल हैं—
- मदु विहार थाना, दिल्ली में दर्ज ई-एफआईआर
- रेलवे पुलिस स्टेशन का मामला
- न्यू अशोक नगर थाना
- मंडावली थाना
- गाजीपुर थाना की गुमशुदगी रिपोर्ट
- हरियाणा के पानीपत स्थित इंडस्ट्रियल सेक्टर-29 की रिपोर्ट
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर कोतवाली क्षेत्र में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी की एंट्री

इससे साफ हो गया है कि नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था।
दिल्ली पुलिस अब बरामद सभी मोबाइल फोन की IMEI जांच कर रही है।
इसके साथ ही विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद मोबाइल फोन किन-किन मामलों से जुड़े हैं।
पुलिस को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से कई लंबित मोबाइल चोरी के मामलों का खुलासा हो सकता है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच का मुख्य उद्देश्य उस पूरे नेटवर्क को तोड़ना है जो मोबाइल चोरी, अवैध खरीद-फरोख्त, सॉफ्टवेयर छेड़छाड़ और पुनर्विक्रय जैसे अपराधों में शामिल है।

पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जो चोरी के मोबाइल फोन इन आरोपियों तक पहुंचाते थे और उन खरीदारों की भी जांच की जा रही है जो ऐसे मोबाइल खरीदते थे।
पूर्वी जिला पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज कई मोबाइल चोरी मामलों के खुलासे में मदद मिलेगी।
गफ्फार मार्केट से बरामद मोबाइल फोन, मोबाइल बॉडी, लैपटॉप और चीनी AMP टूल इस बात का संकेत हैं कि चोरी के मोबाइलों का यह कारोबार केवल सड़क पर होने वाली चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे तकनीकी विशेषज्ञता और एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सप्लायरों और रिसीवरों की तलाश में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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