गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों की ठगी करता था।
साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है, जो मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए लोगों, खासकर महिलाओं को अपने प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी करता था।
पुलिस के अनुसार, 18 मार्च 2026 को कार्रवाई करते हुए अभियुक्त सैमुअल ओगुन उर्फ स्टेपनी डेरिक को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 5 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 1 वाई-फाई राउटर, 1 डोंगल, 1 सिम कार्ड, विदेशी मुद्रा (नायरा 1800), अलग-अलग नामों के पासपोर्ट और अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से ठगी को अंजाम देता था। वह मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के माध्यम से शादी की तलाश कर रही महिलाओं से संपर्क करता था। इसके बाद खुद को विदेशी बिजनेसमैन बताकर उनका विश्वास जीतता और उन्हें प्रेमजाल में फंसा लेता था।
ठगी का सबसे बड़ा तरीका था ‘विदेश से पार्सल भेजने’ का झांसा। आरोपी पीड़िताओं को बताता था कि उसने उनके लिए महंगे गिफ्ट या पार्सल भेजा है, जो एयरपोर्ट पर कस्टम में फंस गया है। इसके बाद वह फर्जी कॉल, मैसेज और दस्तावेजों के जरिए पीड़िता को भ्रमित करता और अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराने को मजबूर करता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ पहले भी दो बड़े मामले दर्ज हैं। एक मामले में आरोपी ने एक महिला से 56 लाख 46 हजार रुपये की ठगी की, जबकि दूसरे मामले में 1 करोड़ 26 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई।
पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह फर्जी लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को ठगता था। वह नकली दस्तावेज तैयार कर लोगों को आसान लोन का लालच देता और उनसे पैसे ऐंठता था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पास दो अलग-अलग नाम और नागरिकता के पासपोर्ट मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, एक पासपोर्ट अमान्य होने के बाद आरोपी दूसरे देश जाकर नई पहचान से नया पासपोर्ट बनवाता था और फिर भारत आकर ठगी के नेटवर्क को चलाता था।
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पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी एक साथ 15-16 महिलाओं से अलग-अलग फर्जी प्रोफाइल के जरिए संपर्क में था और उन्हें अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा था। आरोपी के पास से बरामद लैपटॉप और टैबलेट से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के नेटवर्क को उजागर कर सकते हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गौतमबुद्धनगर में दर्ज मुकदमे संख्या 07/2025 और 45/2025 के अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सतर्क रहें और उनकी पहचान की पुष्टि किए बिना किसी पर भरोसा न करें। “विदेश से पार्सल” या “कस्टम में फंसा सामान” जैसे बहानों से पैसे मांगने वाले संदेशों से विशेष सावधानी बरतें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
यह कार्रवाई न केवल एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि आम लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि ऑनलाइन दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
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