नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए देश-विदेश में क्रूज और अन्य नौकरियां दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम और दस्तावेज बरामद किए हैं।
नोएडा में सोशल मीडिया के जरिए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “WE ARE HIRING” नाम से पेड विज्ञापन चलाकर लोगों को क्रूज और विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।
पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2025 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-113 थाना पुलिस ने एंथूरियम बिजनेस पार्क, सेक्टर-73 नोएडा में छापेमारी की। यहां से पुलिस ने तीन पुरुष और तीन महिलाओं सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, पांच मॉनिटर, पांच कीबोर्ड, पांच CPU, चार माउस, एक राउटर, दो मोहर, दो चेकबुक, दो सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सरीम खान और शोएब खान ने बताया कि उन्होंने “M/S Recruite Service” नाम से एक फर्जी कंपनी बना रखी थी। यह लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “WE ARE HIRING” नाम से पेड विज्ञापन चलाते थे। इन विज्ञापनों के जरिए देश-विदेश, खासकर क्रूज शिप में नौकरी दिलाने का लालच दिया जाता था।

जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों को देखकर संपर्क करता था तो उससे ऑनलाइन फॉर्म भरवाया जाता था और उसकी पूरी डिटेल ली जाती थी। इसके बाद आरोपियों द्वारा प्रोसेसिंग फीस और जॉब कन्फर्मेशन के नाम पर 40 हजार से 60 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी ईमेल के माध्यम से फर्जी जॉइनिंग लेटर भेज देते थे और कुछ समय बाद पीड़ितों से संपर्क बंद कर देते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने इस पूरे फर्जीवाड़े को चलाने के लिए सेक्टर-73 स्थित एंथूरियम बिजनेस पार्क में एक ऑफिस किराए पर लिया हुआ था। इसी ऑफिस से सोशल मीडिया विज्ञापन चलाए जाते थे और कॉलिंग के जरिए लोगों को नौकरी का झांसा दिया जाता था। पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरीम खान पुत्र नफीस अहमद निवासी इन्द्रानगर गढ़मुक्तेश्वर, शोएब खान पुत्र नजररुद्दीन निवासी ग्राम शकूरपुर मोदीनगर गाजियाबाद, रितिका पुत्री राजीव गुप्ता निवासी ममूरा सेक्टर-66 नोएडा, मन्तसा अब्बासी पुत्री इकबाल अहमद निवासी श्याम नगर मेरठ, फातिमा पुत्री गुलाम गोस सिद्दकी निवासी शाहीन बाग दिल्ली और खुशी उर्फ खुशबू पुत्री शकूर खान निवासी छजारसी सेक्टर-63 नोएडा के रूप में हुई है।
इनमें से कुछ आरोपी स्नातक और प्रबंधन की पढ़ाई कर चुके हैं, जबकि कुछ की शिक्षा 10वीं और 12वीं तक है। पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य संचालन सरीम खान और शोएब खान करते थे, जबकि अन्य आरोपी कॉलिंग और डेटा हैंडलिंग का काम करते थे।
इस मामले में थाना सेक्टर-113 में मु0अ0सं0 75/2026 के तहत धारा 61(2), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) और 66(D) आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके बैंक खातों की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर नौकरी के नाम पर चलने वाले ऐसे विज्ञापनों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी कंपनी को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच अवश्य करें।
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