उत्तर प्रदेश STF ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गोरखपुर से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से 4 किलोग्राम अवैध चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। STF अब नेपाल-बिहार-उत्तर प्रदेश नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
उत्तर प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच STF को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चरस की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को STF ने गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 4 किलो अवैध चरस बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर की गई, जहां STF ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामचन्द्र पुत्र बाबूराम निवासी मुझाहिदपुर सराय, थाना हयातनगर, जनपद सम्भल के रूप में हुई है। STF के अनुसार आरोपी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था और नेपाल तथा बिहार के रास्ते उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरस की सप्लाई करता था।
STF अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें पिछले कई दिनों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय एक गिरोह ट्रकों और अन्य वाहनों के जरिए भारी मात्रा में चरस की खेप उत्तर प्रदेश भेज रहा है। यह गिरोह नेपाल से मादक पदार्थ लाकर बिहार के रास्ते यूपी के कई शहरों तक पहुंचाता था। सूचना को गंभीरता से लेते हुए STF की अलग-अलग इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के लिए लगाया गया था।
पूरे ऑपरेशन की निगरानी STF लखनऊ इकाई में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में की जा रही थी। लगातार निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर STF को जानकारी मिली कि गिरोह का एक सदस्य नेपाल से चरस की खेप लेकर रक्सौल, पूर्वी चम्पारण, बिहार होते हुए गोरखपुर के रास्ते कानपुर जाने वाला है।
सूचना मिलते ही STF ने तुरंत कार्रवाई की रणनीति तैयार की। उपनिरीक्षक अमित कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक विकासनगर, मुख्य आरक्षी स्वरूप कुमार पाण्डेय, मुख्य आरक्षी जितेन्द्र कुमार वर्मा, मुख्य आरक्षी अमित कुमार सिंह और चालक उपेन्द्र की टीम गठित की गई। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से गोरखपुर-वाराणसी नेशनल हाईवे 24 पर महेवा बंधा मोड़ के पास घेराबंदी शुरू कर दी।
28 मई 2026 की रात करीब 8 बजकर 28 मिनट पर STF टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान उसके पास से 4 किलोग्राम अवैध चरस बरामद हुई। साथ ही एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड और 1090 रुपये नकद भी बरामद किए गए। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद STF ने आरोपी से कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो कई वर्षों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है। गिरोह के सदस्य नेपाल और बिहार के अलग-अलग इलाकों से चरस की खेप उठाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों तक पहुंचाते थे।
आरोपी ने बताया कि वाराणसी और बिहार के रास्तों का इस्तेमाल करते हुए कानपुर और आसपास के जिलों में चरस की सप्लाई की जाती थी। STF अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों, सप्लायरों और फाइनेंसरों की तलाश में जुट गई है। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैला हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं। आशंका है कि इस गिरोह का संबंध बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से हो सकता है। STF अब नेपाल बॉर्डर से लेकर यूपी के कई जिलों तक सक्रिय संदिग्ध संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में नेपाल सीमा से सटे इलाकों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तस्कर सीमा क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और निगरानी की चुनौतियों का फायदा उठाकर अवैध कारोबार को अंजाम देते हैं। यही वजह है कि STF और अन्य एजेंसियां अब सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना बेलीपार, जनपद गोरखपुर में मुकदमा अपराध संख्या 125/2026 के तहत धारा 8/20 NDPS एक्ट में मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की वैधानिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
इस कार्रवाई को STF की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल STF की इस कार्रवाई के बाद मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े गिरोहों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियों की नजर अब उन लोगों पर भी है, जो पर्दे के पीछे रहकर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे हैं।
COMMENTS