दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने 1568 ग्राम हेरोइन और 506 ग्राम क्रूड अफीम बरामद कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
राजधानी दिल्ली में “सफेद जहर” के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए रोहिणी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने अंतरराज्यीय ड्रग्स सप्लाई सिंडिकेट का खुलासा किया है। “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत चलाए जा रहे अभियान में पुलिस ने अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 1568 ग्राम हेरोइन और 506 ग्राम क्रूड अफीम बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 16 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक बरामद की गई क्रूड अफीम से लगभग 1.5 से 2 किलोग्राम तक हेरोइन तैयार की जा सकती थी। यह पूरा नेटवर्क मणिपुर से दिल्ली-एनसीआर तक सक्रिय था और लंबे समय से ड्रग्स सप्लाई में लगा हुआ था।
कैसे शुरू हुई जांच?
मामला थाना बुद्ध विहार में दर्ज FIR नंबर 142/26 से जुड़ा है। NDPS एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज इस केस की जांच के दौरान रोहिणी स्पेशल स्टाफ को लगातार अहम सुराग मिलते गए। जांच ACP ऑपरेशंस अजीमेर सिंह और इंस्पेक्टर संदीप गोदारा के नेतृत्व में की गई। पूरी कार्रवाई डीसीपी रोहिणी शशांक जायसवाल और ज्वाइंट सीपी विजय सिंह की निगरानी में हुई।
स्पेशल स्टाफ की टीम लगातार दिल्ली और आसपास के इलाकों में ड्रग्स सप्लाई चेन को खत्म करने में जुटी हुई थी। इसी दौरान गिरफ्तार आरोपी मनोज सोनी से पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आए।
तिलक नगर से शुरू हुई बड़ी कड़ी
पुलिस ने 21 अप्रैल 2026 को मनोज सोनी की निशानदेही पर तिलक नगर में छापा मारकर 30 वर्षीय संध्या को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 278 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
जांच आगे बढ़ी तो 7 मई को पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के बरेली पहुंची, जहां से 51 वर्षीय मेहनाज उर्फ बेजी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 58 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
इसके बाद 12 मई को शाहजहांपुर में छापा मारकर यूनुस नामक आरोपी को पकड़ा गया। यूनुस के पास से 578 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जो इस पूरे नेटवर्क की बड़ी खेप मानी जा रही है।
बाराबंकी से भी हुई गिरफ्तारी
यूनुस से पूछताछ के बाद पुलिस ने 17 मई को बाराबंकी में दबिश देकर 40 वर्षीय शब्बीर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
पूछताछ में यूनुस ने पुलिस को बताया कि वह मणिपुर से क्रूड अफीम मंगवाता था और अपने घर पर उसे रिफाइन कर हेरोइन तैयार करता था। इसके बाद यह माल दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता था।

मणिपुर तक पहुंची दिल्ली पुलिस
ड्रग्स नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए रोहिणी स्पेशल स्टाफ की टीम 20 मई को मणिपुर के इंफाल पहुंची। कई दिनों की निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने दो आरोपियों— मोहम्मद इस्ताफाम और फुंद्रेइमायुम अमजद अली को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपी एक बोलेरो कार में क्रूड अफीम की खेप लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने जब कार की जांच की तो गियर बॉक्स के अंदर बने गुप्त हिस्से से 506 ग्राम क्रूड अफीम बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार यह कच्ची अफीम हेरोइन तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जाती थी। बरामद अफीम से करीब 1.5 से 2 किलो तक हेरोइन बनाई जा सकती थी।
परिवार आधारित ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी संध्या एक फैमिली बेस्ड ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ी हुई थी। उसका पति विकास उर्फ आकाश पहले से NDPS एक्ट समेत 16 आपराधिक मामलों में जेल में बंद है। वहीं उसकी सास सीमा भी ड्रग्स मामले में जेल में बंद बताई गई है।
पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क परिवार और रिश्तेदारों के जरिए लंबे समय से ड्रग्स कारोबार चला रहा था।
आसान पैसे के लालच में बने तस्कर
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी समीर अहमद पहले सदर बाजार इलाके में कॉस्मेटिक सामान की डिलीवरी करता था। वहीं आरोपी आशीष सोनी पहले जिप्टो में डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करता था।
पुलिस के अनुसार दोनों आसान पैसे और ज्यादा कमीशन के लालच में हेरोइन तस्करी में शामिल हो गए।
क्या-क्या हुआ बरामद?
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने—
-
1568 ग्राम हेरोइन
-
506 ग्राम क्रूड अफीम
-
हेरोइन सप्लाई में इस्तेमाल की गई एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
-
क्रूड अफीम ढोने में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार
बरामद की है।
पुलिस की बड़ी सफलता
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से मणिपुर से दिल्ली तक फैले एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क की बैकवर्ड सप्लाई चेन का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
COMMENTS