दिल्ली पुलिस की AATS/Outer North District टीम ने बवाना इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए 90.225 किलो गांजा बरामद किया है। आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ बाबलू को गिरफ्तार किया गया है, जो आंध्र प्रदेश-ओडिशा बॉर्डर से गांजा लाकर दिल्ली में सप्लाई करता था। पुलिस अब पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी है।
बवाना में फ्रीजर से निकला 90 किलो गांजा, दिल्ली पुलिस ने किया बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश
दिल्ली के बाहरी उत्तर जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) की टीम ने बवाना इलाके में छापेमारी कर एक अंतरराज्यीय गांजा सप्लाई मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 90.225 किलो गांजा बरामद किया और मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ बाबलू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने घर से ही गांजा सप्लाई का धंधा चला रहा था और उसने भारी मात्रा में गांजा घर के अंदर एक गहरे फ्रीजर में छिपाकर रखा हुआ था, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई
20 मई 2026 को सेक्टर-11 रोहिणी स्थित AATS/Outer North District कार्यालय में हेड कांस्टेबल संजय कुमार को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि बवाना गांव निवासी अब्दुल रहमान उर्फ बाबलू लंबे समय से गांजा सप्लाई के अवैध कारोबार में शामिल है।
सूचना मिलते ही इसे इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा, प्रभारी AATS/OND को बताया गया। उन्होंने तुरंत सूचना की पुष्टि की और ACP ऑपरेशंस दिनेश कुमार को मामले से अवगत कराया। इसके बाद NDPS एक्ट की धारा 41 और 42 के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए घर की तलाशी की अनुमति ली गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष रेडिंग टीम का गठन किया गया। टीम में हेड कांस्टेबल अभिषेक, हेड कांस्टेबल जोगिंदर, हेड कांस्टेबल संदीप और महिला हेड कांस्टेबल पिंकी को शामिल किया गया। पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा और ACP दिनेश कुमार की निगरानी में की गई।

मुखबिर की निशानदेही पर दबोचा गया आ
रोपी
21 मई 2026 की सुबह पुलिस टीम गुप्त मुखबिर के साथ बवाना गांव पहुंची। सुबह करीब 10:35 बजे मुखबिर ने आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ बाबलू की पहचान की। पुलिस ने तुरंत उसे उसके घर के बाहर से हिरासत में ले लिया।
इसके बाद पुलिस ने घर की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान एक कमरे में रखा बड़ा डीप फ्रीजर पुलिस को संदिग्ध लगा। जब फ्रीजर को खोला गया तो उसके अंदर चार बड़े कट्टे मिले। जांच करने पर उनमें गांजा भरा हुआ पाया गया।
मौके पर ही पुलिस ने फील्ड टेस्टिंग किट से जांच की, जिसमें बरामद पदार्थ गांजा निकला। बाद में वजन करने पर इसकी कुल मात्रा 90.225 किलो पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने से साफ हो गया कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
बरामदगी के बाद थाना बवाना में FIR नंबर 254/2026 के तहत NDPS एक्ट की धारा 20/25 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ बाबलू पुत्र मोइनुद्दीन, निवासी बवाना गांव, दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पूछताछ में सामने आया अंतरराज्यीय नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से गांजा तस्करी के धंधे में शामिल है और उसके साथ कई अन्य साथी भी इस नेटवर्क में सक्रिय हैं।
आरोपी ने खुलासा किया कि गांजा आंध्र प्रदेश और ओडिशा बॉर्डर इलाके से मंगाया जाता था। वहां से इसे अलग-अलग माध्यमों से दिल्ली लाया जाता था और फिर राजधानी के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता था।

उसने यह भी बताया कि सीमापुरी और बवाना इलाके में उसके कई लोकल रिसीवर और सप्लायर सक्रिय थे, जिन्हें वह गांजा पहुंचाता था। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क काफी समय से दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय था।
पहले भी NDPS मामले में शामिल रहा आरोपी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसके खिलाफ साल 2017 में ओडिशा के मलकानगिरी जिले के चित्रकोंडा थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी के कारोबार में सक्रिय था और उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है।
अब पूरे सिंडिकेट तक पहुंचेगी जांच
दिल्ली पुलिस अब इस मामले में केवल एक गिरफ्तारी पर नहीं रुकना चाहती। पुलिस पूरे अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक अब नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक तलाशे जा रहे हैं।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर गांजा किन रास्तों से दिल्ली लाया जाता था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और राजधानी में इसकी सप्लाई कहां-कहां की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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