यूपी के बदायूं जिले में एचपीसीएल के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में पूर्व कर्मचारी ने मुख्य प्रबंधक और उप प्रबंधक की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी अजय प्रताप सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में गुरुवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब एक पूर्व कर्मचारी ने दिनदहाड़े प्लांट में घुसकर मुख्य प्रबंधक और उप प्रबंधक की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात इतनी तेजी से हुई कि पूरे प्लांट में दहशत का माहौल फैल गया।
यह घटना बदायूं के दातागंज इलाके के गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई। यहां मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता (55) और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा (40) की करीब दो बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला आरोपी अजय प्रताप सिंह प्लांट का पूर्व ऑपरेटर था, जिसे कुछ समय पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।
बताया जा रहा है कि जनवरी 2024 में सैजनी में एचपीसीएल के इस कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट की शुरुआत हुई थी और यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा प्लांट था। आरोपी अजय प्रताप सिंह इसी प्लांट में पहले काम करता था। उस पर अवैध वसूली के आरोप लगे थे, जिसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद से वह अधिकारियों से रंजिश रखे हुए था और पिछले छह महीनों से विवाद चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से योजना बनाई थी। जांच में सामने आया है कि अजय ने अपने गांव सैजनी के पास प्लांट की एक बोलेरो गाड़ी को लूट लिया। यह गाड़ी कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होती थी। गाड़ी में मौजूद तीन कर्मचारियों और चालक के मोबाइल फोन भी उसने छीन लिए ताकि कोई पुलिस या प्लांट प्रबंधन को सूचना न दे सके।
इसके बाद वह उसी बोलेरो से प्लांट के मुख्य गेट तक पहुंच गया। चूंकि गाड़ी प्लांट की ही थी, इसलिए गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका नहीं। बताया जा रहा है कि प्लांट में करीब 20 सुरक्षाकर्मी तैनात थे, लेकिन आरोपी गाड़ी के जरिए सीधे अंदर पहुंच गया।

प्लांट के कार्यालय में उस समय मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा एक बैठक कर रहे थे। इसी दौरान अजय वहां पहुंचा और अचानक दोनों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुधीर गुप्ता को सीने और सिर में दो गोलियां लगीं, जबकि हर्षित मिश्रा को एक गोली लगी। गोली लगते ही दोनों अधिकारी वहीं गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आरोपी ने 315 बोर के दो तमंचों का इस्तेमाल किया। गोलीबारी के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों के बीच चीख-पुकार शुरू हो गई, जबकि आरोपी मौके से भाग निकला।
वारदात के बाद दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दातागंज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

डीएम अवनीश राय और एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद डीआईजी अजय साहनी भी मौके पर पहुंचे। प्लांट को छावनी में तब्दील कर दिया गया और अंदर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
घटना के बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह खुद मूसाझाग थाने पहुंच गया, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस को अभी तक हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद नहीं हुए हैं।
इस बीच पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। बताया गया कि छह फरवरी को भी आरोपी ने प्लांट में घुसकर दोनों अधिकारियों पर हमला किया था और इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा और न ही समय पर चार्जशीट दाखिल की।
इस लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने थाना प्रभारी अजय कुमार और विवेचक एसआई धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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