दिल्ली पुलिस की बुराड़ी थाना टीम ने दो कुख्यात सेंधमारों को गिरफ्तार कर बुराड़ी और शालीमार बाग में हुई दो बड़ी चोरी की वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26 नए चोरी के मोबाइल फोन, ₹2.5 लाख नकद, एक डेल लैपटॉप, 60 मोबाइल बैटरियां, मोबाइल के पार्ट्स, ताला तोड़ने के औजार और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। आरोपियों तक पहुंचने में CCTV फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और रैपिडो कैब की बुकिंग अहम सुराग साबित हुए।
दिल्ली पुलिस की बुराड़ी थाना पुलिस ने दो कुख्यात सेंधमारों को गिरफ्तार कर राजधानी में हुई दो बड़ी चोरी की वारदातों का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय फुरशत अली उर्फ जावेद और 20 वर्षीय कैफ राजा के रूप में हुई है। दोनों आरोपी रात के समय मोबाइल दुकानों को निशाना बनाते थे और दुकान का ताला तोड़कर मोबाइल फोन व नकदी चोरी कर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने इनके कब्जे से 26 नए चोरी के मोबाइल फोन, ₹2.5 लाख नकद, मोबाइल फोन के अलग-अलग पार्ट्स, एक डेल लैपटॉप, 60 मोबाइल बैटरियां, ताला तोड़ने के उपकरण तथा वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इनकी गिरफ्तारी से बुराड़ी और शालीमार बाग थाना क्षेत्र में दर्ज दो चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा हो गया है।
मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में हुई थी चोरी
मामले की शुरुआत 10 जुलाई 2026 को हुई, जब बुराड़ी थाना में ऑनलाइन ई-एफआईआर संख्या 80055881/26 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत दर्ज की गई।
शिकायतकर्ता राकेश कुमार, जो पश्चिम संत नगर, बुराड़ी स्थित होली चौक में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को बताया कि 8 जुलाई की शाम वह दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह दुकान पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दुकान का ताला टूटा हुआ था और दुकान से 11 मोबाइल फोन तथा ₹25,000 नकद चोरी हो चुके थे।
विशेष टीम गठित कर शुरू हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बुराड़ी के प्रभारी निरीक्षक गिरिश चंद्र रतूड़ी के नेतृत्व तथा एसीपी बुराड़ी शशि कांत गौर के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
इस टीम में एसआई संदीप माथुर (प्रभारी पुलिस पोस्ट बुराड़ी अस्पताल), एसआई राहुल, एएसआई सुधीर सांगवान, हेड कांस्टेबल प्रदीप, हेड कांस्टेबल राहिश पूनिया, हेड कांस्टेबल रोहित कुमार और कांस्टेबल पूरन मल शामिल थे।

टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
CCTV फुटेज और रैपिडो कैब बनी सबसे बड़ी कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो युवक दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसते और मोबाइल फोन तथा नकदी चोरी करते दिखाई दिए।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के भागने का पूरा रूट ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने एक कैब बुक कर इलाके से फरार हो गए थे।
सीसीटीवी से कैब का रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद पुलिस वाहन मालिक तक पहुंची। जांच में पता चला कि वाहन को आजादपुर निवासी टिंकू रैपिडो प्लेटफॉर्म पर चलाता था।
टिंकू ने पुलिस को बताया कि 8 और 9 जुलाई की रात उसने बुराड़ी से दो यात्रियों को बैठाया था और उन्हें जहांगीरपुरी के ई-ब्लॉक में छोड़ा था।
इसके बाद पुलिस ने रैपिडो से बुकिंग आईडी और ग्राहक का मोबाइल नंबर प्राप्त किया। तकनीकी निगरानी के दौरान मोबाइल नंबर की लोकेशन जहांगीरपुरी मिली।
जहांगीरपुरी से दोनों आरोपी गिरफ्तार
17 जुलाई 2026 को पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया, जिसकी पहचान फुरशत अली उर्फ जावेद के रूप में हुई।
पहले उसके किराए के कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन वहां चोरी का कोई सामान नहीं मिला। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर उसके साथी कैफ राजा को भी जहांगीरपुरी से गिरफ्तार कर लिया गया।
कैफ राजा ने पुलिस को बताया कि फुरशत अली ने जहांगीरपुरी में एक और किराए का कमरा ले रखा है। पुलिस ने वहां छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद हुआ।
भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद
पुलिस ने दूसरे कमरे से 26 नए मोबाइल फोन, मोबाइल फोन के अलग-अलग पार्ट्स, एक डेल लैपटॉप, 60 मोबाइल बैटरियां, ताला तोड़ने के औजार, ₹2.5 लाख नकद तथा वारदात के दौरान पहने गए कपड़े बरामद किए।
जांच में पता चला कि बरामद 26 मोबाइल फोन शालीमार बाग स्थित एक मोबाइल दुकान से चोरी किए गए थे।
पूछताछ में खुला दूसरा बड़ा मामला
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले उन्होंने शालीमार बाग क्षेत्र की एक मोबाइल दुकान में भी सेंधमारी की थी।
दोनों आरोपी चोरी के मोबाइल फोन बेचने के बजाय पहले उन्हें खोलकर उनके अलग-अलग पार्ट्स कर देते थे। इसके बाद जहांगीरपुरी इलाके में राहगीरों और स्थानीय लोगों को ये पार्ट्स बेच देते थे, ताकि पुलिस उनके खिलाफ सबूत न जुटा सके।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
मुख्य आरोपी फुरशत अली उर्फ जावेद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला है। करीब दस वर्ष पहले वह दिल्ली आया था और शुरुआत में दर्जी का काम करता था।
बाद में उसने नौकरी छोड़ दी और अपराध की दुनिया में प्रवेश कर गया। पुलिस के अनुसार वह पहले भी थाना न्यू उस्मानपुर में दर्ज एक चोरी के मामले में शामिल रह चुका है। वह नशे और शराब का आदी बताया गया है।
दूसरा आरोपी कैफ राजा जहांगीरपुरी का निवासी है। वह भी स्कूल छोड़ चुका है और नशे का आदी है।
दो मामलों का हुआ खुलासा
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने दो अलग-अलग सेंधमारी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा कर लिया है।
इनमें पहला मामला बुराड़ी थाना क्षेत्र में मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में चोरी का और दूसरा मामला शालीमार बाग थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में सेंधमारी का है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपियों से आगे भी पूछताछ जारी है। संभावना है कि इनके खिलाफ अन्य चोरी और सेंधमारी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इनके साथ कोई और सदस्य इस गिरोह में शामिल था या नहीं।
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