राजधानी दिल्ली में एक बार फिर संगठित अपराध का साया गहराता हुआ दिखाई दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर नीरज बवाना और नवीन बाली गिरोह के लिए काम करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से दो विदेशी पिस्तौल, एक अन्य पिस्तौल, दो देसी कट्टे और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था।
राजधानी दिल्ली में अपराध की दुनिया एक बार फिर सुर्खियों में है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कुख्यात नीरज बवाना और नवीन बाली गिरोह से जुड़े एक सक्रिय अपराधी को गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।
यह कार्रवाई बाहरी दिल्ली के कंझावला इलाके में की गई, जहां पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ भी हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोलियां चला दी थीं। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और जवाबी कार्रवाई के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस पूरी घटना ने राजधानी में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस को कुछ दिनों पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि नीरज बवाना और नवीन बाली गिरोह से जुड़ा एक अपराधी राजधानी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल टास्क फोर्स ने निगरानी बढ़ा दी। संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी जाने लगी और कई स्थानों पर गुप्त रूप से पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया।
जांच के दौरान यह पता चला कि गिरोह का एक सदस्य कंझावला इलाके में पहुंचने वाला है। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके में विशेष अभियान शुरू कर दिया।
पुलिस टीम ने जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति को रोकने की कोशिश की, उसने खुद को घिरा हुआ देखकर पुलिस वाहन पर गोलियां चला दीं। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि, पुलिस ने संयम बनाए रखा और जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया। कुछ देर तक चली इस कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो कोई बड़ी आपराधिक घटना हो सकती थी।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। इनमें दो विदेशी पिस्तौल, एक अन्य पिस्तौल, दो देसी कट्टे और 18 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी गैंगवार, रंगदारी या अन्य संगठित आपराधिक गतिविधि में किया जा सकता था।
फिलहाल इन हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किसी वारदात में हुआ था या नहीं।

नीरज बवाना का नाम दिल्ली और आसपास के राज्यों में लंबे समय से अपराध जगत से जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण और गैंगवार जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
दूसरी ओर, नवीन बाली भी अपराध की दुनिया का एक चर्चित नाम रहा है। पुलिस का मानना है कि दोनों गिरोहों के बीच आपसी संपर्क और सहयोग के कारण राजधानी में आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं।इसी वजह से दिल्ली पुलिस लगातार इन गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी की अगली योजना क्या थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं वह किसी कारोबारी, प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति को निशाना बनाने की तैयारी तो नहीं कर रहा था।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और हथियारों की आपूर्ति कहां से की जा रही थी।
दिल्ली पुलिस लगातार राजधानी में अपराध पर लगाम लगाने के लिए अभियान चला रही है। हाल ही में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसमें 84 रोल चाइनीज मांझा बरामद किया गया था।
अब एसटीएफ की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि दिल्ली पुलिस किसी भी हाल में अपराधियों को खुली छूट देने के पक्ष में नहीं है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके अन्य साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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