दिल्ली के सरस्वती विहार में दुकान बंद करते समय 2 लाख 10 हजार 340 रुपये कैश, लैपटॉप और जरूरी दस्तावेजों से भरा बैग चोरी होने के मामले में NR-1 क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दो शिकायतकर्ता के पूर्व कर्मचारी हैं, जिन्हें दुकान की बिक्री और बंद होने के समय की जानकारी थी। तीसरा आरोपी दुकान के पास Tata Ace चलाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की पूरी रकम, Apple लैपटॉप, बैंक पासबुक, पेन ड्राइव, आधार कार्ड की कॉपी और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है।
मामला 18 सितंबर 2026 की शाम करीब 8 बजे का है। पुलिस के मुताबिक सरस्वती विहार इलाके में रहने वाले महेंद्र अपनी दुकान बंद कर रहे थे। इसी दौरान ग्रे रंग की स्कूटी पर सवार आरोपी वहां पहुंचे और कथित तौर पर दुकान से पिट्ठू बैग चोरी कर फरार हो गए।
इस बैग में 2,10,340 रुपये नकद, एक लैपटॉप, बैंक पासबुक, पेन ड्राइव और आधार कार्ड की कॉपी रखी हुई थी।
घटना के बाद पुलिस ने रानी बाग थाने में FIR नंबर 79240/2026, धारा 303(2)/3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं था। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर आरोपियों को दुकान के अंदर मौजूद कैश और दुकान बंद होने के समय की इतनी सटीक जानकारी कैसे थी?
जांच में पूर्व कर्मचारियों पर पहुंची पुलिस की नजर
जांच आगे बढ़ी तो क्राइम ब्रांच की नजर उन लोगों पर गई जिन्हें दुकान की दिनचर्या और बिक्री से जुड़ी जानकारी थी।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार तीन आरोपियों में अमर और आकाश शिकायतकर्ता के पूर्व कर्मचारी रह चुके हैं। दोनों को दुकान के बिक्री के पैसों और दुकान बंद होने के समय की जानकारी थी।
तीसरा आरोपी आशीष कुमार शिकायतकर्ता की दुकान के आसपास Tata Ace चलाता था और अमर तथा आकाश का करीबी दोस्त बताया गया है।
पुलिस के अनुसार तीनों ने कथित तौर पर मिलकर वारदात की योजना बनाई।
मामले को सुलझाने के लिए NR-1 क्राइम ब्रांच ने इंस्पेक्टर पुखराज के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई।
इस टीम में SI राहुल, SI निरंजन सिंह, ASI पवन, ASI प्रदीप, HC सचिन और HC मुकेश शामिल थे। टीम ने ACP/NR-1 अशोक शर्मा की निगरानी में जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस के मुताबिक HC सचिन और HC मुकेश ने लगातार फील्ड सोर्स और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी मिली। इसके बाद 24 सितंबर 2026 की आधी रात को टीम को सूचना मिली कि अमर, आशीष और आकाश सरस्वती विहार के जीवन ज्योति अपार्टमेंट स्थित DDA Park के पास मौजूद हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां जाल बिछाया और तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
चोरी का 100 फीसदी माल बरामद करने का दावा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के समय आरोपियों के कब्जे से चोरी की पूरी रकम 2,10,340 रुपये बरामद की गई।
इसके अलावा एक Apple लैपटॉप और उसका चार्जर, एक पिट्ठू बैग, बैंक पासबुक, पेन ड्राइव और आधार कार्ड की कॉपी भी बरामद हुई।
वारदात में इस्तेमाल की गई ग्रे रंग की स्कूटी, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर DL12SW से शुरू होता है, भी पुलिस ने आरोपी अमर के कब्जे से बरामद की है।
यानी पुलिस के मुताबिक मामले में चोरी की गई संपत्ति की 100 प्रतिशत बरामदगी हुई है।
कौन है अमर? पूर्व कर्मचारी से बना आरोपी
पुलिस के मुताबिक अमर पुत्र बिरजन महतो शिकायतकर्ता की दुकान पर पहले काम करता था। उसने करीब 6-7 महीने काम करने के बाद 2025 में नौकरी छोड़ दी थी।
पुलिस का कहना है कि नौकरी के दौरान उसे दुकान की बिक्री और दिन के अंत में दुकान बंद होने के समय की जानकारी हो गई थी।
अमर ने पितमपुरा के सरकारी स्कूल से 11वीं तक पढ़ाई की है। वर्तमान में वह AC रिपेयर टेक्नीशियन के तौर पर काम करता है।
पुलिस के अनुसार वह शराब का आदी है। उसके पिता रिक्शा चलाते हैं और मां घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं। परिवार में उसकी तीन बड़ी बहनें हैं।
पुलिस का आरोप है कि अमर अपेक्षाकृत महंगी जीवनशैली का आदी था और अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए उसने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।
दूसरा आरोपी आकाश पुत्र रज्जन लाल बिंद भी शिकायतकर्ता की दुकान पर काम कर चुका था।
पुलिस के मुताबिक आकाश ने करीब दो महीने तक दुकान पर काम किया और 2025 में नौकरी छोड़ दी। उसे भी दुकान की बिक्री और बंद होने के समय की जानकारी थी।

आकाश ने पितमपुरा के सरकारी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की है और फिलहाल बेरोजगार बताया गया है।
पुलिस के अनुसार आकाश भी शराब का सेवन करता है। उसके पिता चौकीदार हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। वह दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटा है।
पुलिस का कहना है कि आकाश ने भी अपने साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर चोरी की योजना बनाई।
तीसरा आरोपी दुकान के पास चलाता था Tata Ace
तीसरे आरोपी की पहचान आशीष कुमार पुत्र दिनेश महतो के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आशीष मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है।
वह शिकायतकर्ता की दुकान के आसपास Tata Ace चालक के रूप में काम करता था और अमर तथा आकाश का करीबी दोस्त बताया गया है।
आशीष ने समस्तीपुर के सरकारी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की है।
पुलिस के मुताबिक वह भी शराब का आदी है। उसके पिता बेरोजगार हैं और मां गृहिणी हैं। परिवार में वह दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा है।
पुलिस का आरोप है कि आशीष भी अपने दोनों साथियों के साथ इस वारदात की योजना में शामिल था।
पुलिस जांच में अब आगे क्या?
क्राइम ब्रांच ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से चोरी का सामान तथा वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद होने का दावा किया है।
इस मामले में पुलिस की जांच अब आरोपियों की भूमिका, वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों तथा चोरी की योजना से जुड़े अन्य पहलुओं पर केंद्रित रहेगी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद एक बात साफ है कि जिस दुकान की दिनचर्या और बंद होने के समय की जानकारी अंदर के लोगों को थी, वही जानकारी इस चोरी की वारदात में अहम कड़ी बनी।
हालांकि, आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
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