फर्जी पहचान पत्रों पर फर्म खोलकर नकली इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए GST चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी आईडी और फर्जी फर्म बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये का GST नुकसान पहुंचाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी मु.अ.सं. 26/2024, धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत की गई है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान जाहिद पुत्र नसीम उर्फ नसीमुद्दीन, निवासी मकान नंबर 386, गली नंबर-5/3, ग्राम जगतपुर, थाना वजीराबाद, दिल्ली के रूप में हुई है। अभियुक्त को 22 जनवरी 2026 को सुबह 4 बजे उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि जाहिद बीते चार वर्षों से इस गिरोह से जुड़ा था। वह लोगों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता, मोबाइल सिम खरीदवाता और बदले में प्रति खाता 10 हजार रुपये देता था। इसके बाद बैंक अकाउंट, एटीएम, पासबुक, चेकबुक, आधार और पैन कार्ड की प्रतियां लेकर अपने साथियों — सुरेश उर्फ रमेश, हनुमान राम, लाभराम, संतोष, बुद्धराम, ओमप्रकाश और रतनाराम (सभी निवासी गण बाड़मेर, राजस्थान) — के साथ मिलकर फर्जी फर्म खोलकर नकली GST इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे।
जाहिद के पास अब तक कोटक महिंद्रा बैंक, पीएनबी बैंक और एयरटेल पेमेंट बैंक के तीन खाते पाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल GST चोरी में किया गया। यह गिरोह केवल 10 दिनों के लिए खाते इस्तेमाल करता था ताकि ट्रेस न हो सके।
पुलिस ने अभियुक्त को संबंधित धाराओं में न्यायालय में पेश कर दिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
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