दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सनलाइट कॉलोनी इलाके में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज लूटकांड का खुलासा करते हुए दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन, देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, चाकू और वारदात में इस्तेमाल स्पोर्ट्स बाइक बरामद हुई है।
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी इलाके में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी और लूट की सनसनीखेज वारदात को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनका एक साथी अभी फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूट की बड़ी रकम, हथियार और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजेंद्र यादव और पवन गिरी के रूप में हुई है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पहले से आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।
क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 25 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6:40 बजे सनलाइट कॉलोनी इलाके में यह वारदात हुई थी। शिकायतकर्ता शाकिर अली अपने साले जीशान के साथ बाइक से जा रहे थे। जीशान के पास एक बैग था, जिसमें करीब 5 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। यह रकम वह पुरानी दिल्ली स्थित अपने एक रिश्तेदार से लेकर लौट रहे थे।
इसी दौरान स्पोर्ट्स बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। बदमाशों के हाथों में पिस्टल और चाकू थे। उन्होंने जीशान से बैग छीनने की कोशिश की। जब दोनों ने विरोध किया तो एक आरोपी ने शाकिर के पेट में गोली मार दी, जबकि जीशान पर चाकू से हमला किया गया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नकदी से भरा बैग और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।

घायल दोनों युवकों को पहले होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें AIIMS रेफर किया गया।
घटना के बाद सनलाइट कॉलोनी थाने में FIR नंबर 146/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की AEKC यूनिट ने जांच शुरू की। DCP क्राइम संजीव कुमार यादव की निगरानी में ACP पंकज अरोड़ा के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई।
टीम लगातार इलाके में CCTV फुटेज, लोकल इनपुट और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान 1 मई की शाम पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल आरोपी IP पार्क रिंग रोड इलाके में मिलने वाले हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर जाल बिछाया। शाम करीब 7:30 बजे एक स्पोर्ट्स बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। मुखबिर के इशारे पर पुलिस ने उन्हें घेर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी पवन गिरी ने पिस्टल निकालने की कोशिश की, लेकिन हेड कांस्टेबल विनीत ने तुरंत उसे काबू कर लिया।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 3 लाख 92 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जो लूट की रकम का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा पुलिस ने एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, एक बटनदार चाकू, लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई सुजुकी जिक्सर स्पोर्ट्स बाइक भी बरामद की है।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने वारदात से पहले पीड़ितों की गतिविधियों की रेकी की थी। उन्हें पहले से जानकारी थी कि दोनों युवक बड़ी रकम लेकर जा रहे हैं।
आरोपियों ने यह भी बताया कि वारदात में उनका तीसरा साथी संजय भी शामिल था, जिसकी तलाश जारी है।
चोरी की बाइक से दिया वारदात को अंजाम
जांच में यह भी सामने आया कि जिस बाइक का इस्तेमाल लूट में किया गया, वह भी चोरी की थी। आरोपियों ने यह बाइक 2024 में सहारनपुर से छीनी थी।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक बिजेंद्र यादव पहले एक्साइज एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में शामिल रह चुका है। वहीं पवन गिरी पर मेरठ में हत्या का मामला दर्ज है और वह फिलहाल जमानत पर बाहर था।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही उनके फरार साथी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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