दिल्ली क्राइम ब्रांच ने खंझावला में नकली Sensodyne toothpaste बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। हजारों ट्यूब, मशीनें और कच्चा माल बरामद हुआ है, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आर्थिक अपराध और नकली उत्पादों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खंझावला इलाके में चल रही नकली Sensodyne toothpaste बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मौके से लाखों रुपये के नकली उत्पाद और भारी मात्रा में मशीनरी व कच्चा माल बरामद किया गया है।
संगठित गिरोह का खुलासा
क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-1 टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर आशीष शर्मा कर रहे थे, जबकि उनके साथ एसआई प्रकाश, एसआई रंजीत सिंह, एसआई गुमान सिंह और एएसआई अशोक शामिल थे। पूरी कार्रवाई एसीपी/ER-1 की निगरानी में की गई।
यह कार्रवाई 2 अप्रैल 2026 को खंझावला स्थित महावीर विहार के सी-ब्लॉक में एक गोदाम पर छापेमारी के दौरान की गई, जहां बड़े पैमाने पर नकली टूथपेस्ट तैयार किया जा रहा था।
गुप्त सूचना से खुला राज
दरअसल, एसआई गुमान सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग नामी ब्रांड Sensodyne के नाम पर नकली टूथपेस्ट तैयार कर रहे हैं। सूचना के अनुसार, स्थानीय स्तर पर तैयार घटिया और अस्वास्थ्यकर पेस्ट को खाली ट्यूब में भरकर असली उत्पाद की तरह पैक किया जा रहा था।
इस सूचना को तुरंत इंस्पेक्टर आशीष शर्मा और एसीपी को दिया गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।

कंपनी प्रतिनिधि की मौजूदगी में रेड
कार्रवाई को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए राजेश कुमार को भी टीम में शामिल किया गया, जो Assiduous Consulting Pvt Ltd के अधिकृत प्रतिनिधि हैं।
पुलिस टीम जब गोदाम पर पहुंची तो वहां छह मजदूर नकली टूथपेस्ट भरने और पैकिंग करने के काम में लगे हुए पाए गए।
मौके पर क्या मिला?
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली सामग्री और मशीनरी बरामद हुई, जिसमें शामिल हैं—
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1,800 भरे और सील किए गए नकली Sensodyne ट्यूब
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1,224 पैक्ड ट्यूब कार्टन में
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10,472 खाली ट्यूब बिना कैप के
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616 खाली ट्यूब कैप के साथ
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225 मास्टर कार्टन
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लगभग 130 किलोग्राम नकली नीले रंग का टूथपेस्ट पेस्ट
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50.5 किलोग्राम प्रिंटेड कार्टन
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23.5 किलोग्राम कैप्स
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7 किलोग्राम पैकिंग स्लीव्स
इसके अलावा—
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ट्यूब फिलिंग और सीलिंग मशीन (1 HP DC Drive)
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2 हीटिंग गन
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9 रोल “SENSODYNE” प्रिंटेड टेप
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200 सुपर ग्लू पीस
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4 खाली ड्रम
बरामद किए गए सभी उपकरण बड़े पैमाने पर नकली उत्पादन का संकेत देते हैं।
मजदूरों की पहचान
मौके पर काम कर रहे छह मजदूरों की पहचान बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न जिलों के रूप में हुई। इनमें गया (बिहार), बुलंदशहर (यूपी), हरदोई (यूपी) और कराला (दिल्ली) के निवासी शामिल हैं।
मजदूरों ने बताया कि वे गोदाम मालिक के निर्देश पर काम कर रहे थे और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह अवैध गतिविधि है।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पता चला कि यह गोदाम हरी ओम मिश्रा का है, जो रोहिणी सेक्टर-2 में रहता है। पुलिस ने उसे मौके पर बुलाकर गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हरी ओम मिश्रा ने कबूल किया कि उसने गोदाम किराए पर लिया था और बिना किसी लाइसेंस या अनुमति के नकली Sensodyne टूथपेस्ट बनाकर बाजार में बेच रहा था।

स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि राजेश कुमार ने मौके पर जांच कर पुष्टि की कि बरामद सभी प्रोडक्ट्स नकली हैं और बेहद अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में बनाए गए हैं।
ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, जिससे दांत और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अब पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों, कच्चे माल के सप्लायर्स और पूरे वितरण नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
प्राथमिक जांच से संकेत मिलता है कि यह कोई छोटा ऑपरेशन नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नकली प्रोडक्ट्स किन-किन बाजारों में सप्लाई किए जा रहे थे।
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि बाजार में नकली उत्पादों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी उत्पाद को खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, सील और गुणवत्ता की जांच जरूर करनी चाहिए।
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