दिल्ली पुलिस की AATS दक्षिण जिला टीम ने वाहन चोरी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 51 आपराधिक मामलों में शामिल कुख्यात ऑटो लिफ्टर सूरज कुमार उर्फ मणिकांत उर्फ मणि को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 9 चोरी की मोटरसाइकिलें और स्कूटर, एक देसी कट्टा तथा जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
51 मामलों में वांछित शातिर ऑटो लिफ्टर गिरफ्तार, दिल्ली से मेवात तक फैले चोरी के नेटवर्क का खुलासा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं के बीच दक्षिण जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक ऐसे कुख्यात और आदतन वाहन चोर को गिरफ्तार किया है जो पिछले कई वर्षों से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिल और स्कूटर चोरी कर उन्हें हरियाणा के मेवात क्षेत्र में खपाने का काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सूरज कुमार उर्फ मणिकांत उर्फ मणि (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिहार के बांका जिले का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से ही वाहन चोरी, लूट, स्नैचिंग, चोरी की संपत्ति रखने और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में कुल 51 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही नौ चोरी की दोपहिया गाड़ियां और एक अवैध देसी कट्टा भी बरामद किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
दक्षिण जिला पुलिस की AATS टीम दिल्ली में दर्ज कई वाहन चोरी के मामलों की जांच कर रही थी। जांच के दौरान विभिन्न घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति कई घटनाओं में समान तरीके से दिखाई दिया। इसके बाद तकनीकी निगरानी, स्थानीय मुखबिरों से मिली जानकारी और लगातार फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए संदिग्ध की पहचान सूरज कुमार के रूप में हुई।
पुलिस ने उसे थाना साकेत में दर्ज एफआईआर संख्या 154/2026, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी से गहन पूछताछ की गई तो उसने कई अहम खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि नवंबर 2025 में जेल से रिहा होने के बाद उसने फिर से वाहन चोरी का धंधा शुरू कर दिया था। वह दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिल और स्कूटर चोरी करता था और बाद में उन्हें हरियाणा के मेवात क्षेत्र में सक्रिय रिसीवरों को बेच देता था।
पूछताछ में उसने मेवात निवासी राशिद नामक व्यक्ति का नाम भी बताया, जो चोरी के वाहनों को खरीदकर आगे बेचने का काम करता था। पुलिस अब राशिद और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
नौ चोरी के वाहन और अवैध हथियार बरामद
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से कुल नौ चोरी की मोटरसाइकिलें और स्कूटर बरामद किए गए। इसके अलावा उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस भी मिला।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद वाहनों की पहचान विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मामलों से की गई है। इससे कई लंबित मामलों का खुलासा हुआ है।
14 वाहन चोरी के मामलों का हुआ खुलासा
आरोपी की गिरफ्तारी से दिल्ली के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज कम से कम 14 वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। इनमें साकेत, उत्तम नगर, मॉडल टाउन, हौज खास, पुल प्रह्लादपुर, नेब सराय, गोविंदपुरी, कोटला मुबारकपुर और अंबेडकर नगर जैसे क्षेत्रों में दर्ज मामले शामिल हैं।
इसके अलावा मेहरौली, लाजपत नगर, कीर्ति नगर और मालवीय नगर थाना क्षेत्रों में हुई वाहन चोरी की घटनाओं में भी आरोपी की संलिप्तता सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर सामने आई है।

51 मुकदमों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सूरज कुमार कोई सामान्य वाहन चोर नहीं बल्कि एक पेशेवर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2014 से लेकर 2025 तक दिल्ली के विभिन्न थानों में कुल 51 मुकदमे दर्ज हैं।
इन मामलों में वाहन चोरी, लूट, झपटमारी, चोरी की संपत्ति रखने, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। वह कई बार जेल जा चुका है, लेकिन हर बार रिहा होने के बाद फिर से अपराध की दुनिया में लौट आता था।
ऐसे हुई पूरी कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन को इंस्पेक्टर उमेश यादव के नेतृत्व में AATS दक्षिण जिला की टीम ने अंजाम दिया। टीम में एसआई नवदीप सिंह, एएसआई देशराज, हेड कांस्टेबल राज कुमार, संदीप, रघुवेंद्र, अमित तथा कांस्टेबल अरविंद, मंदीर और हरीश शामिल थे।
इस कार्रवाई की निगरानी दक्षिण जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन) अरविंद कुमार द्वारा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई दिनों तक तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।
वाहन चोरी के नेटवर्क को बड़ा झटका
दिल्ली पुलिस का मानना है कि सूरज कुमार की गिरफ्तारी से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क को करारा झटका लगा है। बरामद नौ वाहनों के अलावा कई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस फरार रिसीवर राशिद और अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चोरी के वाहन किन-किन राज्यों तक पहुंचाए जाते थे।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से वाहन चोरी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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