दिल्ली के दबरी इलाके में राम नवमी के दिन हुई महिला से चेन स्नैचिंग की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने कुख्यात अपराधी करण शिवपुरी उर्फ कांची और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। मामले में नकदी, बाइक और फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई है।
दिल्ली के द्वारका जिले के दबरी थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज गोल्ड चेन स्नैचिंग मामले का पर्दाफाश करते हुए एक कुख्यात अपराधी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने न केवल आरोपियों को दबोचा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, फर्जी नंबर प्लेट और 80,000 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
यह घटना 26 मार्च 2026 को सामने आई थी, जब करीब 58 वर्षीय एक महिला राम नवमी के अवसर पर पूजा समारोह से घर लौट रही थीं। दोपहर करीब 3:30 बजे एक अज्ञात युवक, जो बजाज पल्सर NS200 मोटरसाइकिल पर सवार था, अचानक उनके पास आया और उनकी सोने की चेन झपटकर फरार हो गया। इस घटना ने इलाके में दहशत फैला दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत FIR नंबर 196/26 दर्ज की और भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत जांच शुरू की। इस केस को सुलझाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें SI अनिल कुमार, ASI धर्मेंद्र, HC बच्छू और HC राजेंद्र शामिल थे। टीम का नेतृत्व SHO इंस्पेक्टर गंगा राम मीणा कर रहे थे और इसकी निगरानी ACP दबरी संजీవ कुमार द्वारा की जा रही थी।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और पारंपरिक दोनों तरीकों का सहारा लिया। करीब 25 किलोमीटर के दायरे में लगे 250 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इस व्यापक जांच के बाद संदिग्ध की गतिविधियों को वसंत कुंज इलाके तक ट्रैक किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट DL14AXXXX का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने संदिग्ध की पहचान 32 वर्षीय करण शिवपुरी उर्फ कांची के रूप में की, जो पहले से ही 27 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
पुलिस टीम ने उसे मसूदपुर डेयरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अपराध को कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई असली नंबर वाली बाइक (DL10ADXXXX), फर्जी नंबर प्लेट और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए। बरामद कपड़ों में एक नीली हूडी, नीली जींस और काले रंग के नाइकी जूते शामिल हैं।
आगे की पूछताछ में करण शिवपुरी ने खुलासा किया कि उसने छीनी गई सोने की चेन अपने सहयोगी विपिन कुमार उर्फ बंटी को बेच दी थी। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 32 वर्षीय विपिन कुमार को गिरफ्तार किया, जो रंगपुरी इलाके का रहने वाला है।
विपिन कुमार से पूछताछ में एक और अहम खुलासा हुआ। उसने बताया कि उसने यह चेन महिपालपुर स्थित बालाजी ज्वेलर्स के मालिक हिमांशु वर्मा को 1,18,000 रुपये में बेची थी। यह भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया गया था।

पुलिस ने विपिन कुमार की निशानदेही पर 80,000 रुपये नकद बरामद किए, जो इस अपराध से प्राप्त रकम का हिस्सा है। हालांकि, इस मामले में मुख्य खरीदार हिमांशु वर्मा अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस केस को सुलझाने में तकनीकी निगरानी, CCTV विश्लेषण और सतर्क टीमवर्क की अहम भूमिका रही है। 250 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगालना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन पुलिस की मेहनत रंग लाई और आरोपी को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी करण शिवपुरी उर्फ कांची का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद गंभीर है। वह पहले से ही 27 मामलों में शामिल रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह एक आदतन अपराधी है। वहीं, उसके सहयोगी विपिन कुमार की भूमिका भी इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण रही है।
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और किसी भी वारदात को अनसुलझा नहीं छोड़ती। फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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