दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्य प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर के गैंगस्टरों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 26 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ कारतूस, तीन वाहन और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सक्रिय कुख्यात गैंगस्टरों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पर्दाफाश किया है। कई महीनों की निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में छह प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 26 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, तीन वाहन, छह मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश के बुरहानपुर और खरगोन क्षेत्र से अवैध हथियार लाकर दिल्ली-एनसीआर के अपराधियों और गैंगस्टरों तक पहुंचा रहा था। जांच में सामने आया है कि ये हथियार मंजीत महाल गैंग, गोगी गैंग और रणदीप भाटी गैंग जैसे कुख्यात अपराधी गिरोहों तक पहुंचाए जा रहे थे।
महीनों की निगरानी के बाद हाथ लगी सफलता
स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज लगातार दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हथियार तस्करी नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस को सूचना मिल रही थी कि मध्य प्रदेश के हथियार तस्कर बड़ी मात्रा में अवैध पिस्टल दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई कर रहे हैं।
इसी सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर अनुकुल पंवार, इंस्पेक्टर परवीन कुमार और इंस्पेक्टर राकेश कुमार की टीम ने एसीपी राहुल कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष अभियान शुरू किया।
पहला ऑपरेशन: दो बड़े सप्लायर गिरफ्तार
22 मई 2026 को स्पेशल सेल ने राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर के पास दबिश देकर दो प्रमुख तस्करों रवि कुमार और सुनील तंवर उर्फ चीनू को गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान रवि के बैग से 10 और सुनील के बैग से 5 अवैध पिस्टल बरामद हुईं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि रवि मध्य प्रदेश से हथियार लेकर आया था और उन्हें सुनील तंवर को सौंपने वाला था।
जांच में सामने आया कि दोनों पिछले चार से पांच वर्षों से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय थे।

दूसरे चरण में रिसीवर भी गिरफ्त में
24 मई को पुलिस ने द्वारका सेक्टर-7 से योगेश को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक लोडेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच कारतूस और वाहन में छिपाकर रखी गई तीन अन्य पिस्टल बरामद हुईं।
इसके बाद 26 मई को लक्ष्मी नगर इलाके से रजत उर्फ राज्जू और सौरभ को पकड़ा गया। दोनों के कब्जे से एक-एक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए।
अलग ऑपरेशन में पकड़ा गया एक और हथियार सप्लायर
इसी दौरान स्पेशल सेल को एक और बड़ी सफलता मिली। 22 मई को रोहिणी हेलिपैड क्षेत्र के पास निखिल नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वह अपने संपर्कों को हथियारों की खेप देने पहुंचा था।
पुलिस ने उसके बैग से पांच अवैध पिस्टल बरामद कीं। निखिल भी मध्य प्रदेश के हथियार सप्लायरों से सीधे संपर्क में था और दिल्ली-एनसीआर में हथियार बेचने का काम करता था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार छह आरोपियों में गाजियाबाद, बागपत और दिल्ली के निवासी शामिल हैं।
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रवि कुमार (लोनी, गाजियाबाद)
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सुनील तंवर उर्फ चीनू (बागपत)
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योगेश (द्वारका, दिल्ली)
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रजत उर्फ राज्जू (लोनी, गाजियाबाद)
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सौरभ (बागपत)
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निखिल (नई कोंडली, दिल्ली)
पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और कई गंभीर मुकदमों का सामना कर चुके हैं।
गैंगस्टरों तक पहुंचते थे हथियार
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अवैध हथियारों की सप्लाई दिल्ली-एनसीआर के कई कुख्यात अपराधियों और गैंगों तक की जाती थी।

सुनील तंवर इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख कड़ी था, जो मध्य प्रदेश से हथियार मंगाकर विभिन्न अपराधियों तक पहुंचाता था। रवि कुमार उसकी ओर से हथियार लाने और सप्लाई करने का काम करता था।
योगेश, रजत और सौरभ इन हथियारों को आगे स्थानीय अपराधियों तक पहुंचाते थे। पुलिस को आशंका है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल हत्या, रंगदारी, लूट और गैंगवार जैसी घटनाओं में किया जाना था।
आपराधिक इतिहास भी बेहद गंभीर
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा है।
सुनील तंवर के खिलाफ अपहरण, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित 14 मुकदमे दर्ज हैं।
रजत उर्फ राज्जू पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत 19 मुकदमे दर्ज हैं।
सौरभ 17 मामलों में आरोपी रह चुका है जबकि योगेश हत्या के प्रयास और लूट जैसे मामलों में पहले भी जेल जा चुका है।
रवि कुमार पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज है, जबकि निखिल एनडीपीएस एक्ट सहित चार मामलों में आरोपी रहा है।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों से:
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26 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल
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8 जिंदा कारतूस
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6 मोबाइल फोन
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कई सिम कार्ड
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स्विफ्ट कार
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थार एसयूवी
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ऑल्टो कार
बरामद की हैं।
स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, मध्य प्रदेश स्थित सप्लायरों और हथियार खरीदने वाले अपराधियों की तलाश में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
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