Monday, July 06, 2026

तुष्टिकरण के खिलाफ डॉ. मुखर्जी ने किया था शंखनाद’— 125वीं जयंती पर सीएम योगी का बड़ा बयान, अनुच्छेद-370 से लेकर पश्चिम बंगाल तक गिनाए ऐतिहासिक संदर्भ

लखनऊ में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, कहा— राष्ट्र की अखंडता के लिए सत्ता का त्याग करने वाले युगपुरुष थे डॉ. मुखर्जी

New Delhi , Latest Updated On - Jul 06 2026 | 14:06:00 PM
विज्ञापन

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान का उल्लेख करते हुए अनुच्छेद-370, पश्चिम बंगाल, भारतीय जनसंघ की स्थापना और राष्ट्रीय अखंडता से जुड़े कई विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

विज्ञापन

देश के प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद् और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके जीवन, राष्ट्र निर्माण में योगदान और राष्ट्रीय अखंडता के प्रति उनके संघर्ष को याद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत माता के महान सपूत, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी शिक्षाविद् थे। उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और देश की एकता एवं अखंडता के लिए किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि तत्कालीन सरकार की नीतियों के विरोध में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता के पक्ष में आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद-370 के कारण जम्मू-कश्मीर में बनी विशेष व्यवस्था देश की एकता और अखंडता के लिए चुनौती बन रही थी और डॉ. मुखर्जी ने इसके विरोध में संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अनुच्छेद-370 को समाप्त कर डॉ. मुखर्जी के उस सपने को साकार किया, जिसमें पूरे देश में एक समान संवैधानिक व्यवस्था लागू करने की परिकल्पना थी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद जम्मू-कश्मीर में भी डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान पूर्ण रूप से लागू हुआ।


पश्चिम बंगाल के संदर्भ में डॉ. मुखर्जी की भूमिका का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक संदर्भ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय जब बंगाल के विभाजन और उसके बड़े हिस्से को पाकिस्तान में शामिल किए जाने की परिस्थितियां बन रही थीं, तब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने उसका विरोध किया और पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है, तो उन नेताओं में डॉ. मुखर्जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है, जिन्होंने उस समय राष्ट्रीय हित में संघर्ष किया और अपनी आवाज बुलंद की।

'सत्ता नहीं, राष्ट्रहित को दी प्राथमिकता'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी सत्ता को सर्वोपरि नहीं माना। उन्होंने कहा कि जब तत्कालीन सरकार की नीतियां देश की अखंडता के लिए चुनौती बनती दिखाई दीं, तब उन्होंने सत्ता का मोह त्यागकर सरकार से अलग होने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना के बाद डॉ. मुखर्जी ने संस्थापक अध्यक्ष के रूप में "एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे" का उद्घोष किया। इसी विचार के साथ उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन परमिट व्यवस्था का विरोध किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1953 में कश्मीर में उनका निधन हुआ और उनका बलिदान देश के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बन गया।

'पश्चिम बंगाल में डॉ. मुखर्जी की विरासत को संजोने का प्रयास'

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस पश्चिम बंगाल को बचाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आज उसी राज्य में भारतीय जनता पार्टी एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार डॉ. मुखर्जी से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार की दिशा में भी कार्य कर रही है।


महज 33 वर्ष की उम्र में बने थे कुलपति

मुख्यमंत्री ने डॉ. मुखर्जी के शैक्षणिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जन्म वर्ष 1901 में बंगाल में हुआ था। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने अध्यापन कार्य से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बनना उनकी असाधारण प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण था। बाद में उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, कपिलदेव अग्रवाल, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया।

राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, जनसेवा और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उनके विचार आज भी भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में व्यापक चर्चा का विषय हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

विज्ञापन

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी 125वीं जयंती, योगी आदित्यनाथ, अनुच्छेद 370, लखनऊ समाचार, भारतीय जनसंघ, पश्चिम बंगाल, भाजपा समाचार, नरेंद्र मोदी, डॉ भीमराव आंबेडकर, राष्ट्रीय एकता, उत्तर प्रदेश समाचार, मुख्यमंत्री योगी, राजनीतिक समाचार


Related News

विज्ञापन

Newsletter

For newsletter subscribe us

विज्ञापन
आपकी राय
भारत क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान का नाम कौन है?




COMMENTS
All Comments (11)
  • V
    vijaykumar
    vijaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    arif
    arif@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    ajaykumar
    ajaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    very intresting news
    A
    ankitankit
    ankitankit@pearlorganisation.com
    27/12/2023
    Good
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    29/12/2023
    good news
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Nice
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Bisarkh police station, during checking at Char Murti intersection, spotted an FZ MOSA carrying two persons towards Surajpur.
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    test
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    अच्छा
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    08/02/2024
    अच्छा