ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र स्थित ननुआ का राजपुर गांव में सोमवार सुबह एसी के कंप्रेसर में हुए ब्लास्ट के बाद एक मकान में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में दो कमरों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन घर का लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। दमकल विभाग और पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं।
भीषण गर्मी के बीच एयर कंडीशनर (एसी) का लगातार उपयोग अब कई बार जानलेवा साबित हो रहा है। ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र के ननुआ का राजपुर गांव में सोमवार सुबह ऐसा ही एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक मकान में लगे एसी के कंप्रेसर में अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कुछ ही क्षण बाद पूरे कमरे में आग फैल गई और देखते ही देखते लपटों ने मकान के दो कमरों को अपनी चपेट में ले लिया।
इस घटना में घर में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और अन्य घरेलू सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। हालांकि सबसे राहत की बात यह रही कि घर में मौजूद सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
सुबह की शांति अचानक धमाके से टूटी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार सुबह घर में सामान्य दिनचर्या चल रही थी। इसी दौरान अचानक एसी के कंप्रेसर से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग भी घबरा गए। कुछ ही क्षणों में एसी से चिंगारियां निकलने लगीं और आग तेजी से पूरे कमरे में फैल गई।
कमरे में रखा लकड़ी का फर्नीचर, गद्दे, कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामान आग की चपेट में आने लगे। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और मकान के दो कमरे पूरी तरह धुएं और लपटों से भर गए।
परिवार ने दिखाई सूझबूझ, समय रहते बाहर निकले
घटना के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के भीतर मौजूद थे। धमाका होते ही उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए घर से बाहर निकल गए। यदि कुछ मिनट की भी देरी होती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
परिवार के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास करने लगे। लोगों ने बाल्टियों और पाइप के माध्यम से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि स्थानीय स्तर पर उसे नियंत्रित करना संभव नहीं हो सका।
दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को तत्काल सूचना दी गई। कुछ ही देर में दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि आग आसपास के अन्य मकानों तक न पहुंचे। यदि समय पर दमकल विभाग मौके पर नहीं पहुंचता, तो आसपास के कई मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
लाखों रुपये का सामान जलकर हुआ नष्ट
इस भीषण आग में मकान के दो कमरों में रखा लगभग पूरा घरेलू सामान नष्ट हो गया। आग की चपेट में आने से—
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महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
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फर्नीचर
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कपड़े
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घरेलू उपयोग का सामान
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आवश्यक दस्तावेज
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अन्य कीमती वस्तुएं
पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में परिवार को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
एसी के कंप्रेसर में ब्लास्ट की आशंका
दमकल विभाग और पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण एसी के कंप्रेसर में हुआ ब्लास्ट माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार अत्यधिक तापमान, लंबे समय तक एसी का लगातार उपयोग, विद्युत ओवरलोड, खराब वायरिंग या समय पर सर्विसिंग न होने जैसी तकनीकी वजहें इस प्रकार की घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
गांव में मची अफरा-तफरी
घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। कई लोग परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दिए। हालांकि सभी सदस्यों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाल के दिनों में लगातार बढ़ती गर्मी के कारण एसी का उपयोग काफी बढ़ गया है। ऐसे में बिजली के उपकरणों की नियमित जांच और सावधानी बेहद जरूरी हो गई है।
दमकल विभाग ने जारी की सावधानी बरतने की सलाह
घटना के बाद दमकल विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में लगे एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों की समय-समय पर सर्विसिंग कराते रहें।
अधिकारियों ने सलाह दी कि—
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एसी को लगातार कई घंटों तक बिना ब्रेक के न चलाएं।
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बिजली की वायरिंग और एमसीबी की नियमित जांच कराएं।
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यदि एसी से असामान्य आवाज, चिंगारी, जलने की गंध या अत्यधिक गर्मी महसूस हो तो उसे तुरंत बंद कर दें।
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केवल अधिकृत तकनीशियन से ही उपकरणों की मरम्मत कराएं।
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घर में अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) उपलब्ध रखें।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ब्लास्ट तकनीकी खराबी, ओवरलोडिंग, बिजली की समस्या या किसी अन्य कारण से हुआ। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि भीषण गर्मी के मौसम में बिजली से चलने वाले उपकरणों के उपयोग में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। समय रहते सावधानी बरतकर न केवल संपत्ति बल्कि मानव जीवन की भी रक्षा की जा सकती है।
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