बारिश के बाद उत्पन्न हालात का जायजा लेने के लिए नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलभराव और जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल राहत कार्य तेज करने, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
मंगलवार को हुई बारिश के बाद नोएडा के कई हिस्सों में जलभराव और जलनिकासी की स्थिति का आकलन करने के लिए नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मैदान में उतर गए। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों ने मौके पर हालात का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, निरीक्षण दल में श्री एस. पी. सिंह, श्री आर. पी. सिंह और श्री ए. के. अरोड़ा सहित सिविल और जल विभाग के संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक शामिल रहे। अधिकारियों ने उन स्थानों का दौरा किया जहां बारिश के बाद जलभराव या जलनिकासी प्रभावित होने की संभावना थी।
जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़कों पर जलभराव, नालों और ड्रेनेज सिस्टम की कार्यक्षमता, जलनिकासी की गति तथा अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। विभिन्न स्थानों पर चल रहे राहत एवं जलनिकासी कार्यों की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और फील्ड टीमों को निर्देश दिए कि जलनिकासी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त मशीनरी और संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं तथा नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर
वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए जिन्हें जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर स्थिति बिगड़ने की संभावना हो तो संबंधित विभाग बिना देरी किए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही अधिकारियों ने फील्ड टीमों को निर्देशित किया कि बारिश के बाद सड़कों की स्थिति, जलनिकासी नेटवर्क और सार्वजनिक सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग जारी रखी जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि राहत कार्यों का उद्देश्य केवल जलनिकासी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों की आवाजाही, यातायात व्यवस्था और दैनिक जीवन को सामान्य बनाए रखना भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय संवेदनशील स्थानों पर पहले से सक्रिय रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखें और आवश्यक कार्रवाई करें।

मानसून के बीच सतर्कता बढ़ाई गई
मानसून के सक्रिय दौर को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान और उसके बाद शहर में जलभराव जैसी समस्याओं को न्यूनतम रखने के लिए विभिन्न विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
प्राधिकरण ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं भी जलभराव या नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
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