लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पारा और बीकेटी क्षेत्र में लगभग 40 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही 8 अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-3 और जोन-4 की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर निजी डेवलपर्स द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को हटाया और अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया।
राजधानी लखनऊ में अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया है। शुक्रवार को एलडीए की प्रवर्तन टीमों ने पारा और बीकेटी (बख्शी का तालाब) क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई करते हुए लगभग 40 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही 8 अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। बुलडोजर की इस कार्रवाई के दौरान निजी डेवलपर्स द्वारा बनाए गए अवैध निर्माणों, सड़क निर्माण, प्लॉटिंग से जुड़े ढांचों और अन्य विकास कार्यों को भी हटाया गया।
यह अभियान एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई का उद्देश्य बिना मानचित्र स्वीकृति और नियमानुसार अनुमति के विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाना तथा आम नागरिकों को ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश करने से पहले सतर्क करना बताया गया।
एलडीए ने इस अभियान को दो अलग-अलग प्रवर्तन जोनों के माध्यम से संचालित किया। प्रवर्तन जोन-3 और प्रवर्तन जोन-4 की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, दोनों क्षेत्रों में पहले से चिन्हित अवैध विकास कार्यों की निगरानी की जा रही थी। पर्याप्त जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को संयुक्त अभियान चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया गया।
पारा क्षेत्र में 15 बीघा में चल रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्रवर्तन जोन-3 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि पारा क्षेत्र के ग्राम हंसखेड़ा और सदरौना में अभियान चलाया गया।
जांच में पाया गया कि यहां विक्कू सिंह, योगेन्द्र, सतीश, अजय कुमार, चन्द्रभान, गुड्डू तथा अन्य लोगों द्वारा लगभग 15 बीघा भूमि पर बिना एलडीए की स्वीकृति के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।
एलडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से प्लॉटिंग के लिए विकसित किए गए अवैध निर्माणों और अन्य ढांचों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से भविष्य में वहां अवैध कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लग गई है।

प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि बीकेटी क्षेत्र के ग्राम राजपुर इन्दौर में भी बड़े स्तर पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।
यहां किशन गुप्ता, अभय सिंह, सुरेन्द्र कुमार, अनुज, सचिन यादव, नरेन्द्र पाठक तथा अन्य लोगों द्वारा लगभग 25 बीघा भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के प्लॉट विकसित किए जा रहे थे।
एलडीए की टीम ने पूरे क्षेत्र में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग से जुड़े विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई भविष्य में अवैध कॉलोनियों के विस्तार को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
कुल 40 बीघा में 8 अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
एलडीए के इस संयुक्त अभियान में दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल 40 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही 8 अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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पारा क्षेत्र – 15 बीघा में 3 अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
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बीकेटी क्षेत्र – 25 बीघा में 5 अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियां न केवल शहरी नियोजन के नियमों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि भविष्य में वहां रहने वाले लोगों को सड़क, सीवर, बिजली, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अपनी "जीरो टॉलरेंस" नीति का हिस्सा बताया है।
प्राधिकरण का कहना है कि बिना स्वीकृत लेआउट और वैधानिक अनुमति के विकसित की जा रही किसी भी कॉलोनी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
एलडीए ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।

प्राधिकरण का कहना है कि केवल एलडीए से स्वीकृत लेआउट वाली योजनाओं में ही निवेश करना सुरक्षित है। अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने वाले लोगों को भविष्य में कानूनी विवाद, निर्माण पर रोक तथा मूलभूत सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में अवैध कॉलोनियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शुक्रवार को पारा और बीकेटी में हुई बुलडोजर कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शहर के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करना और अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगाना है।
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