ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में बोरवेल के पानी से भरे खुले गड्ढे में डूबकर 6 वर्षीय मासूम अव्यान सूर्या की मौत के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। संयुक्त जांच रिपोर्ट में अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही सामने आने पर तीन अधिकारियों को सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है, जबकि दो के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में छह वर्षीय मासूम अव्यान सूर्या की बोरवेल के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से हुई दर्दनाक मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद जहां परिवार गहरे सदमे में है, वहीं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन.जी. रवि कुमार ने संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर जल विभाग के तीन अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सभी दायित्वों से मुक्त कर ग्रेटर नोएडा वेस्ट कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही दो अधिकारियों के निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी गई है।
संयुक्त जांच में सामने आई कई स्तरों की लापरवाही
घटना के तुरंत बाद सीईओ के निर्देश पर ओएसडी अभिषेक पाठक और महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह को संयुक्त जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। कार्यस्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई।
जांच रिपोर्ट में ठेकेदार के साथ-साथ जल विभाग के अधिकारियों की निगरानी में भी गंभीर लापरवाही पाई गई।

किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
जांच रिपोर्ट के आधार पर जल विभाग के सहायक प्रबंधक मनोज कुमार, प्रबंधक गरिमा सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से उनके सभी दायित्वों से मुक्त कर ग्रेटर नोएडा वेस्ट कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अलावा—
- सहायक प्रबंधक मनोज कुमार (जो लोक निर्माण विभाग से प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं) के निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की संस्तुति पीडब्ल्यूडी शासन को भेजी गई है।
- प्रबंधक गरिमा सिंह के निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी शासन को भेजी गई है।
- वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
ठेकेदार पर एफआईआर और ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई
प्राधिकरण ने घटना के लिए जिम्मेदार ठेकेदार सुप्रीम इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर मनोज कुमार जैन के खिलाफ नॉलेज पार्क कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
इतना ही नहीं, कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है ताकि भविष्य में उसे प्राधिकरण के किसी कार्य में शामिल न किया जा सके।

दो सुपरवाइजरों की सेवा समाप्त
जांच में यह भी सामने आया कि प्राधिकरण के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार ने भी अपने दायित्वों का गंभीर उल्लंघन किया। दोनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
कलाधाम सोसाइटी में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगभग तीन दिन पहले नया नलकूप (बोरवेल) खोदने का कार्य शुरू किया गया था।
बताया गया कि ठेकेदार ने कार्य शुरू करने की सूचना जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। खुदाई के बाद बने गहरे गड्ढे में पानी भर गया, लेकिन उसे सुरक्षित करने के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया।
शनिवार शाम सोसाइटी में रहने वाले केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव का छह वर्षीय बेटा अव्यान सूर्या खेलते-खेलते उसी गड्ढे में गिर गया। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण मासूम की डूबने से मौत हो गई।
इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरी सोसाइटी और शहर को गहरे सदमे में डाल दिया।

घटना के बाद सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने सभी वर्क सर्किलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत बिना बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेराबंदी और आवश्यक सुरक्षा उपायों के नहीं की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार दोनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसीईओ ने जताया शोक
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने मासूम की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल...
कलाधाम की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण बन गई है। एक मासूम की जान चली गई, लेकिन सवाल अब भी बाकी है—यदि निर्माण स्थल पर समय रहते बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो क्या अव्यान आज अपने परिवार के साथ होता?
यह घटना उन सभी सरकारी एजेंसियों और ठेकेदारों के लिए भी एक चेतावनी है कि विकास कार्यों में लापरवाही की कीमत किसी निर्दोष की जिंदगी नहीं होनी चाहिए।
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