Sunday, July 26, 2026

15 मौतों के बाद भी नहीं गिरा पूरा अवैध भवन! अलीगंज अग्निकांड में LDA का बुलडोजर जारी, 30 दिन की मोहलत की मांग से नया मोड़

लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एमएस-102 भवन में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद LDA ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज की। अब तक केवल 25 प्रतिशत भवन ध्वस्त हो सका है, जबकि भवन स्वामी के भाई ने पूरा ढांचा गिराने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है।

New Delhi , Latest Updated On - Jul 25 2026 | 14:20:00 PM
विज्ञापन

अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 पर बने भवन का ध्वस्तीकरण जारी है, लेकिन अब तक केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही गिराया जा सका है। भवन स्वामी के भाई और अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ल ने एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर पूरा भवन गिराने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। अब नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद एलडीए की प्रवर्तन टीम मौके का निरीक्षण करेगी और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेगी।

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 पर बने भवन में लगी आग में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 9 अन्य लोग घायल हुए थे। इस हादसे के बाद जांच में भवन के निर्माण और उपयोग को लेकर कई गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।

हालांकि, कार्रवाई शुरू होने के कई दिन बाद भी भवन का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही गिराया जा सका है। इसी बीच भवन स्वामी के भाई और अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ल ने एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र भेजकर पूरे भवन को ध्वस्त करने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। इससे इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या एमएस-102 में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग भवन में फंस गए। दमकल विभाग की लंबी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक 15 लोगों की जान जा चुकी थी और 9 लोग घायल हो गए थे।


इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने भवन के निर्माण, स्वीकृत नक्शे और फायर सेफ्टी मानकों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आवासीय स्वीकृति वाले भूखंड पर कथित रूप से अवैध व्यावसायिक निर्माण किया गया था।

जेल में ही तामील कराया गया नोटिस

अग्निकांड के बाद भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ल के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। एलडीए ने उन्हें जेल में ही नोटिस तामील कराया।

इसके बाद 7 जुलाई से एलडीए के विहित न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान भवन स्वामी ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो बार अतिरिक्त समय मांगा। प्राधिकरण ने दोनों बार एक-एक दिन की मोहलत दी।

सभी पक्षों को सुनने के बाद 10 जुलाई को विहित न्यायालय ने आदेश दिया कि भवन स्वामी 15 दिनों के भीतर स्वयं अवैध निर्माण ध्वस्त करें, अन्यथा एलडीए स्वयं ध्वस्तीकरण करेगा और उसका पूरा खर्च भवन स्वामी से वसूलेगा।

20 जुलाई से शुरू हुई ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया

भवन स्वामी के भाई और अधिवक्ता राजेंद्र शुक्ल के अनुसार, उन्होंने 20 जुलाई से भवन गिराने की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि उनका कहना है कि उसी दिन अलीगंज पुलिस ने ध्वस्तीकरण रोक दिया।

इसके बाद 21 जुलाई से दोबारा अवैध हिस्से को गिराने का काम शुरू हुआ। चार दिन तक लगातार कार्रवाई के बावजूद केवल लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा ही ध्वस्त किया जा सका।


राजेंद्र शुक्ल का दावा है कि भवन का बेसमेंट बंद कर दिया गया है, जबकि तीसरी मंजिल पूरी तरह तोड़ी जा चुकी है। उनका कहना है कि भवन की संरचना जटिल होने के कारण शेष हिस्से को गिराने में अधिक समय लग रहा है।

एलडीए से 30 दिन की अतिरिक्त मोहलत की मांग

राजेंद्र शुक्ल ने एलडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पूरे भवन को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त करने के लिए उन्हें 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए।

उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण कार्य जारी है और वे न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं। जल्दबाजी में कार्रवाई करने से आसपास के भवनों और लोगों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है, इसलिए अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए।

नोटिस की अवधि पूरी, अब एलडीए लेगा अगला फैसला

एलडीए द्वारा जारी नोटिस की निर्धारित अवधि शनिवार को पूरी हो रही है। अब प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौके का निरीक्षण करेगी और यह आकलन करेगी कि भवन स्वामी द्वारा अब तक कितनी कार्रवाई की गई है।

यदि एलडीए को लगता है कि आदेश का पर्याप्त पालन नहीं हुआ है, तो संभावना है कि प्राधिकरण स्वयं शेष भवन को बुलडोजर से ध्वस्त करेगा। इस स्थिति में ध्वस्तीकरण की पूरी लागत भवन स्वामी से वसूली जाएगी।

फिलहाल एलडीए ने अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की है।

मौके पर जारी है कार्रवाई

अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या एमएस-102 पर एलडीए की निगरानी में ध्वस्तीकरण कार्य जारी है। मौके पर संबंधित अधिकारी और तकनीकी टीम मौजूद हैं। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि आसपास की इमारतों और आम लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे।


प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और न्यायालय के आदेश के अनुरूप की जा रही है।

अग्निकांड के बाद बढ़ी अवैध निर्माणों पर सख्ती

अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ सहित प्रदेश के कई शहरों में अवैध निर्माणों और फायर सेफ्टी नियमों के पालन की व्यापक समीक्षा शुरू की गई है। प्रशासन ने कई व्यावसायिक भवनों, कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य सार्वजनिक परिसरों की जांच तेज कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण नियमों और अग्निशमन मानकों का समय पर पालन सुनिश्चित किया जाए, तो इस तरह की बड़ी त्रासदियों को रोका जा सकता है।

अब सबकी नजर एलडीए के अगले कदम पर

अलीगंज अग्निकांड अब केवल एक दुर्घटना का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह अवैध निर्माण, शहरी नियोजन, भवन सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा उदाहरण बन चुका है।

एक ओर भवन स्वामी अतिरिक्त समय की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर 15 लोगों की मौत के बाद सख्त कार्रवाई की मांग भी लगातार उठ रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एलडीए अतिरिक्त समय देता है या फिर स्वयं बुलडोजर चलाकर शेष अवैध निर्माण को ध्वस्त करता है।

फिलहाल, पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आगे की कार्रवाई निरीक्षण रिपोर्ट तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय की जाएगी।

विज्ञापन

Aliganj Fire, Lucknow Fire News, LDA Action, Lucknow Development Authority, Illegal Construction, Aliganj Sector D, MS-102 Building, Bulldozer Action, Fire Tragedy, Lucknow News, Uttar Pradesh News, Building Demolition, Fire Safety, Illegal Commercial Building, Virendra Shukla, Rajendra Shukla, LDA Demolition Drive, Fire Accident, Breaking News, Hindi News

Related News

विज्ञापन

Newsletter

For newsletter subscribe us

विज्ञापन
आपकी राय
भारत क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान का नाम कौन है?




COMMENTS
All Comments (11)
  • V
    vijaykumar
    vijaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    arif
    arif@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    A
    ajaykumar
    ajaykumar@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    Lorem ipsum, dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Earum autem perferendis ad libero at cumque ipsa labore consequatur inventore eaque
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    25/12/2023
    very intresting news
    A
    ankitankit
    ankitankit@pearlorganisation.com
    27/12/2023
    Good
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    29/12/2023
    good news
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Nice
    R
    rahul+11
    rahul+11@pearlorganisation.com
    15/01/2024
    Bisarkh police station, during checking at Char Murti intersection, spotted an FZ MOSA carrying two persons towards Surajpur.
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    test
    H
    harshit
    harshit@pearlorganisation.com
    02/02/2024
    अच्छा
    R
    rahul
    rahul@pearlorganisation.com
    08/02/2024
    अच्छा