गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर ग्रेनो ईस्ट और ग्रेनो वेस्ट में अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। अभियान के तहत सड़क, नालियों, निर्माण स्थलों और खाली जगहों से कूड़ा व मलबा हटाने के साथ उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। कूड़ा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी है।
गांधी जयंती के मौके पर जब देशभर में स्वच्छता और साफ-सफाई का संदेश दिया जा रहा है, उसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक क्षेत्रों को लेकर बड़ा सफाई अभियान शुरू किया है। शहर के औद्योगिक इलाकों में अब सिर्फ झाड़ू लगाने तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों, नालियों, निर्माण स्थलों और खाली जगहों पर जमा ठोस कचरे और मलबे को चिन्हित कर हटाने के साथ उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी किया जाएगा।
प्राधिकरण की कोशिश है कि अभियान के दौरान औद्योगिक सेक्टरों का कोई भी हिस्सा सफाई व्यवस्था से अछूता न रहे। इसके लिए ग्रेटर नोएडा ईस्ट और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। साथ ही पूरे अभियान पर नजर रखने के लिए दो वरिष्ठ प्रबंधकों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
ईस्ट और वेस्ट के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर शुरू किए गए इस विशेष अभियान की निगरानी के लिए ग्रेटर नोएडा ईस्ट में वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट की जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह को दी गई है।

इन दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे सफाई अभियान की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित औद्योगिक सेक्टरों में सफाई का काम प्रभावी तरीके से पूरा हो।
प्राधिकरण ने इसके लिए अलग-अलग टीमों को भी मैदान में उतारा है, ताकि बड़े औद्योगिक क्षेत्र में सफाई कार्य को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
इन औद्योगिक सेक्टरों में चलेगा अभियान
ग्रेटर नोएडा ईस्ट के तहत कई प्रमुख औद्योगिक सेक्टरों को अभियान में शामिल किया गया है। इनमें इकोटेक-1, इकोटेक-1 एक्सटेंशन-1, इकोटेक-1 एक्सटेंशन, इकोटेक-10, इकोटेक-11, इकोटेक-6, इकोटेक-7, इकोटेक-8 और उद्योग विहार (इकोटेक-2) समेत अन्य औद्योगिक सेक्टर शामिल हैं।
वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र में इकोटेक-3 और इकोटेक-12 को विशेष सफाई अभियान के दायरे में रखा गया है।
प्राधिकरण का फोकस केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं है। औद्योगिक क्षेत्रों के अंदर खाली स्थानों, नालियों, निर्माण स्थलों और उन जगहों को भी अभियान में शामिल किया गया है जहां लंबे समय से ठोस अपशिष्ट या निर्माण मलबा जमा होने की संभावना रहती है।

कूड़ा उठेगा, लेकिन सिर्फ डंप नहीं होगा
इस अभियान की एक खास बात यह है कि प्राधिकरण ने एकत्रित ठोस अपशिष्ट और मलबे को केवल एक जगह से उठाकर दूसरी जगह डालने के बजाय उसे सेग्रिगेट कर वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारित करने की बात कही है।
यानी सफाई के दौरान निकलने वाले अलग-अलग प्रकार के कचरे को अलग किया जाएगा और उसके निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था के साथ-साथ कचरा प्रबंधन को भी बेहतर बनाने की कोशिश होगी।
सफाई के साथ इन क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्राधिकरण का उद्देश्य औद्योगिक सेक्टरों को केवल कचरा मुक्त करना नहीं, बल्कि उन्हें साफ-सुथरा और बेहतर स्वरूप देना भी है।
कूड़ा फेंकने वालों पर लगेगा जुर्माना
प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि सफाई अभियान के बाद दोबारा सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान प्राधिकरण की टीमें विभिन्न स्थानों पर नजर रखेंगी।
अगर कोई व्यक्ति या संस्था खुले में कूड़ा फेंकती हुई पाई जाती है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे अभियान को केवल एक दिन की औपचारिक सफाई तक सीमित रखने के बजाय नियमित व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस खुद कर रहीं निगरानी
इस पूरे अभियान की निगरानी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस खुद कर रही हैं। उनका जोर इस बात पर है कि औद्योगिक क्षेत्रों का कोई भी हिस्सा विशेष स्वच्छता अभियान से छूट न जाए।
एसीईओ ने कहा है कि औद्योगिक क्षेत्रों की स्वच्छता को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण प्रतिबद्ध है। विशेष टीमों को तैनात कर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
इस निगरानी व्यवस्था के पीछे मकसद यही है कि अभियान केवल कागजों या कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर भी उसका असर दिखाई दे।
गांधी जयंती पर स्वच्छता का संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में प्राधिकरण की पहल है। औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कर्मचारी, कारोबारी और श्रमिक रोजाना आते-जाते हैं। ऐसे में इन इलाकों की सफाई का सीधा असर वहां के कामकाजी माहौल और आसपास की व्यवस्था पर पड़ता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि विशेष अभियान के दौरान कितनी मात्रा में कूड़ा और मलबा हटाया जाता है और अभियान खत्म होने के बाद इन औद्योगिक सेक्टरों में सफाई व्यवस्था कितनी नियमित रहती है।
फिलहाल प्राधिकरण ने टीमें उतार दी हैं, नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है और निगरानी भी शुरू हो चुकी है। गांधी जयंती पर शुरू हुआ यह अभियान औद्योगिक ग्रेटर नोएडा को कितना साफ और व्यवस्थित बनाता है, इसकी असली तस्वीर आने वाले दिनों में सामने आएगी।
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