ग्रेटर नोएडा में रोजाना निकलने वाले करीब 800 टन कूड़े के निस्तारण की दिशा में प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। लखनावली में फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट शुरू हो गया है। यहां गीले और सूखे दोनों तरह के कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। गीले कचरे से खाद और सूखे कचरे से आरडीएफ तैयार किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल सीमेंट कारखानों में किया जाएगा।
शहर में हर दिन निकलने वाला सैकड़ों टन कूड़ा अगर समय पर प्रोसेस न हो तो कुछ ही दिनों में कूड़े के पहाड़ का रूप ले सकता है। ग्रेटर नोएडा में इसी चुनौती से निपटने के लिए अब एक अहम कदम उठाया गया है। लखनावली में लंबे समय से जमा हो रहे कचरे के बीच मंगलवार से फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट ने काम करना शुरू कर दिया। इस प्लांट के शुरू होने के बाद शहर से रोजाना निकलने वाले करीब 800 टन कूड़े को प्रोसेस करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस प्लांट का शुभारंभ दादरी विधायक तेजपाल नागर ने किया। इस मौके पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ सुमित यादव और ओएसडी गिरीश कुमार झा मौजूद रहे।

प्लांट के शुभारंभ के साथ ही प्राधिकरण को उम्मीद है कि रोज निकलने वाले कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और लगातार चलाया जा सकेगा।
रोज निकलता है करीब 800 टन कूड़ा
ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और गांवों से प्रतिदिन लगभग 800 टन कूड़ा निकलता है। अब तक यह कूड़ा लखनावली में एकत्रित किया जाता रहा है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि रोज आने वाले नए कचरे को समय पर प्रोसेस किया जाए। यदि प्रतिदिन निकलने वाले कचरे का निस्तारण नहीं होता है तो लखनावली में कूड़े का ढेर लगातार बढ़ने का खतरा बना रहता है।
इसी चुनौती को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट तैयार कराया। प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर लखनावली में इस प्लांट का निर्माण कराया गया है। अब शहर से रोजाना निकलने वाले कचरे को सीधे प्रोसेसिंग प्रक्रिया में ले जाने का रास्ता तैयार हो गया है।

गीले कचरे से बनेगी खाद, सूखे कचरे का बनेगा आरडीएफ
इस प्लांट की खासियत यह है कि यहां गीले और सूखे दोनों तरह के कचरे को प्रोसेस किया जा सकेगा। कचरे को अलग-अलग प्रक्रिया से गुजारने के बाद उसका उपयोगी हिस्सा तैयार किया जाएगा।
गीले कचरे से खाद तैयार की जाएगी। वहीं सूखे कचरे को प्रोसेस करने के बाद आरडीएफ यानी Refuse Derived Fuel तैयार किया जाएगा। इस आरडीएफ को सीमेंट कारखानों को दिया जाएगा, जहां इसका इस्तेमाल सीमेंट निर्माण की प्रक्रिया में किया जा सकेगा।

यानी कचरे को सिर्फ एक जगह जमा करने के बजाय उसे उपयोगी उत्पादों में बदलने की कोशिश की जाएगी। इससे एक ओर कूड़े के ढेर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कचरे के कुछ हिस्से का दोबारा उपयोग भी संभव होगा।
लखनावली में पहले से चल रहा है लिगेसी वेस्ट का काम
लखनावली में कचरा प्रबंधन से जुड़ा काम पहले से ही चल रहा है। यहां पुराने यानी लिगेसी वेस्ट को प्रोसेस करने का कार्य जारी है। वर्षों से जमा कचरे को लिगेसी वेस्ट के तौर पर प्रोसेस किया जा रहा है।
अब इसी स्थान पर रोजाना निकलने वाले नए कचरे के लिए फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट भी शुरू कर दिया गया है। इस तरह पुराने कचरे और रोजाना निकलने वाले नए कचरे के प्रोसेसिंग कार्य को अलग-अलग स्तर पर आगे बढ़ाने की व्यवस्था तैयार की गई है।

दादरी विधायक ने जनसहयोग को बताया जरूरी
प्लांट के शुभारंभ के दौरान दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कूड़े के निस्तारण के लिए प्राधिकरण की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने के लिए केवल सरकारी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है।
कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है जब लोग भी जिम्मेदारी समझें और शहर को साफ रखने में अपनी भूमिका निभाएं। घरों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित व्यवस्था के तहत देने और कूड़ा इधर-उधर न फेंकने से इस पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।

फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा में रोजाना निकलने वाले करीब 800 टन कचरे के निस्तारण की एक नई व्यवस्था शुरू हुई है। हालांकि अब असली चुनौती इस क्षमता के अनुरूप प्लांट को नियमित रूप से संचालित करने और शहर से आने वाले कचरे को लगातार प्रोसेस करने की होगी।
प्राधिकरण के सामने लक्ष्य साफ है—लखनावली में रोजाना पहुंचने वाले नए कचरे का समय पर निस्तारण हो और कचरे का ढेर लगातार बढ़ता न जाए। यदि व्यवस्था निर्धारित क्षमता के अनुसार चलती है तो आने वाले समय में शहर के कचरा प्रबंधन को इससे महत्वपूर्ण सहारा मिल सकता है।
प्लांट के शुभारंभ के अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव, प्रबंधक दिव्या चौधरी समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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