अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। पुलिस, भूलेख और प्रोजेक्ट विभाग की संयुक्त टीम ने करीब 30 हेक्टेयर यानी 3 लाख वर्गमीटर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। प्राधिकरण ने साफ किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA ने बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान करीब 30 हेक्टेयर यानी 3,00,000 वर्गमीटर भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। प्राधिकरण के मुताबिक मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब यमुना औद्योगिक विकास क्षेत्र में नियोजित विकास को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अधिसूचित जमीनों पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण को लेकर प्राधिकरण लगातार सख्ती की बात करता रहा है।
अभियान की शुरुआत से लेकर कार्रवाई पूरी होने तक स्थानीय पुलिस प्रशासन और प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। कार्रवाई के दौरान राजस्व और प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों ने जमीन की स्थिति का निरीक्षण किया और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
CEO के निर्देश पर चला व्यापक अभियान
प्राधिकरण के अनुसार यह पूरी कार्रवाई मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर की गई। वहीं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री राजेश कुमार और श्री शैलेंद्र सिंह के निर्देशन में अभियान को जमीन पर अंजाम दिया गया।
कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ प्राधिकरण के भूलेख विभाग और प्रोजेक्ट विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 30 हेक्टेयर भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया।
प्राधिकरण का कहना है कि इस अभियान के जरिए ऐसी भूमि को दोबारा नियोजित और निर्धारित विकास व्यवस्था के तहत इस्तेमाल किए जाने का रास्ता साफ हुआ है।
करोड़ों की जमीन पर अतिक्रमण, प्रशासन ने की कार्रवाई
आज की कार्रवाई में करीब 3 लाख वर्गमीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। इतनी बड़ी भूमि पर कार्रवाई को क्षेत्र में प्राधिकरण के स्तर से की गई महत्वपूर्ण प्रवर्तन कार्रवाई माना जा रहा है।
प्राधिकरण के मुताबिक इस भूमि का मूल्य करोड़ों रुपये में है। हालांकि कार्रवाई के आधिकारिक विवरण में जमीन के कुल बाजार मूल्य की कोई निश्चित धनराशि जारी नहीं की गई है।
यानी यहां बड़ा सवाल सिर्फ जमीन के रकबे का नहीं है, बल्कि यह भी है कि इतनी बड़ी सरकारी/प्राधिकरण क्षेत्र की भूमि पर अवैध कब्जा आखिर किस तरह बना और उस पर लंबे समय तक गतिविधियां कैसे चलती रहीं।
हालांकि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में किसी व्यक्ति या संस्था विशेष पर अवैध कब्जे का अलग से आरोप नहीं लगाया गया है।
कई बड़े अधिकारी रहे मौके पर मौजूद
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई में प्राधिकरण और राजस्व विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अभियान में विशेष कार्याधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह (आईएएस), श्री शिव अवतार सिंह, उप जिलाधिकारी श्री हरी प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी श्री अभिषेक शाही, उप जिलाधिकारी श्री कृष्ण गोपाल त्रिपाठी और तहसीलदार श्री मनोज कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से भी पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया गया, जिससे अभियान को मौके पर व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया जा सके।
प्रशासन और प्राधिकरण की संयुक्त मौजूदगी का उद्देश्य कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटना और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूरा करना था।
टप्पल में कार्रवाई के पीछे क्या है बड़ी तस्वीर?
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण का क्षेत्र भविष्य में बड़े औद्योगिक, आवासीय और अन्य नियोजित विकास से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अधिसूचित भूमि पर अनधिकृत कब्जा या निर्माण प्राधिकरण की नियोजन व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
इसी वजह से YEIDA की ओर से समय-समय पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जाती रही है।
टप्पल क्षेत्र में हुई ताजा कार्रवाई इसी व्यापक प्रवर्तन व्यवस्था का हिस्सा है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, अवैध निर्माण अथवा अनधिकृत विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस बयान से साफ है कि टप्पल में हुई कार्रवाई को केवल एक दिन का अभियान मानने के बजाय प्राधिकरण इसे अपनी प्रवर्तन नीति का हिस्सा मान रहा है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
30 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्राधिकरण आगे किन क्षेत्रों में कार्रवाई करता है।
YEIDA ने साफ किया है कि क्षेत्र में नियोजित और सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भविष्य में भी प्रभावी प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा।
यानी टप्पल में हुई कार्रवाई को लेकर संदेश स्पष्ट है—अधिसूचित भूमि पर अवैध कब्जा या अनधिकृत निर्माण करने वालों के खिलाफ प्राधिकरण आगे भी कार्रवाई कर सकता है।
अब बड़ा सवाल यही है कि टप्पल के बाद अभियान की अगली कार्रवाई कहां होगी और क्या आने वाले दिनों में इससे भी बड़े अतिक्रमणों पर प्राधिकरण का एक्शन देखने को मिलेगा?
फिलहाल टप्पल में करीब 30 हेक्टेयर यानी 3 लाख वर्गमीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है और प्राधिकरण ने भविष्य में भी कार्रवाई जारी रखने का संकेत दे दिया है।नजर अब इस बात पर रहेगी कि YEIDA के अगले प्रवर्तन अभियान में कौन सा क्षेत्र कार्रवाई के दायरे में आता है।
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