नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास, उद्योग, कारोबार, किसानों और हरित ऊर्जा से जुड़े 11 महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। सेक्टर-147 में 68,000 वर्गमीटर संस्थागत आईटी/आईटीईएस भूमि पर आवंटन योजना, सेक्टर-105 में एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स, AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क, औद्योगिक इकाइयों के अंतरण शुल्क में कमी और 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों के नियोजन के लिए मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधन बैठक के प्रमुख बिंदु रहे।
नोएडा में आईटी कारोबार, औद्योगिक निवेश, व्यावसायिक संपत्तियों और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बुधवार को आयोजित 224वीं बोर्ड बैठक में AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क, सेक्टर-147 में 68,000 वर्गमीटर भूमि पर IT/ITES आवंटन योजना और सेक्टर-105 में एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स को मंजूरी दी गई।
बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। इसमें नोएडा के CEO कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा के CEO एन.जी. रवि कुमार, यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह और अन्य बोर्ड सदस्य शामिल हुए।
AI सिटी और आईटी निवेश को बढ़ावा
बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम, 2025 को अपनाने और नोएडा में AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क के लिए मास्टर डेवलपर चुनने संबंधी प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी। परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, IT/ITES, रिसर्च, स्टार्टअप और कौशल विकास की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

चयन प्रतिस्पर्धी ई-बिडिंग से होगा और परियोजना DBFOT मॉडल पर विकसित की जाएगी। जमीन का स्वामित्व प्राधिकरण के पास रहेगा। निर्धारित शर्तों के तहत 45 साल की अवधि को अगले 45 साल तक बढ़ाया जा सकेगा तथा निर्मित क्षेत्र का कम से कम 50 प्रतिशत IT और ज्ञान आधारित सेवाओं के लिए आरक्षित होगा।
सेक्टर-147 में 68,000 वर्गमीटर संस्थागत IT/ITES भूमि पर आवंटन योजना प्रकाशित करने की सैद्धांतिक अनुमति भी दी गई। इसका उद्देश्य विश्वस्तरीय GCC हब और ग्रेड-A ऑफिस स्पेस विकसित करना है।
सेक्टर-105 में ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स
सेक्टर-105 में 12,596.64 वर्गमीटर वाणिज्यिक भूमि पर एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना मंजूर हुई। पूरा भूखंड एकल बोली के जरिए एक पट्टाधारक को दिया जाएगा। इसमें 4.0 FAR, अधिकतम 20 मीटर ऊंचाई और भूखंड के भीतर नियमानुसार पार्किंग की व्यवस्था होगी। पट्टा प्रलेख के निष्पादन से पांच साल के भीतर अधिकतम तीन चरणों में निर्माण पूरा कर अधिभोग प्रमाणपत्र लेना होगा।
भवन नियम और लॉजिस्टिक्स योजना
बोर्ड ने उत्तर प्रदेश के मॉडल भवन विनियम, 2026 को नोएडा में अपनाने की मंजूरी दी। इनके क्रियान्वयन और बोर्ड स्तर पर निर्णय की जरूरत वाले विषयों पर विचार के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाई जाएगी।

नोएडा की सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट भी मंजूर की गई, जिसे अब शासन को भेजा जाएगा। इसका लक्ष्य माल परिवहन और वितरण को बेहतर बनाना, लॉजिस्टिक्स लागत घटाना, यातायात जाम और पर्यावरणीय प्रभाव कम करना तथा विभागों, उद्योगों और परिवहन संचालकों के बीच समन्वय बढ़ाना है।
उद्योगों और व्यावसायिक संपत्तियों को राहत
सेक्टर-32 के वाणिज्यिक भूखंड CC-01 पर निर्मित यूनिटों के उपपट्टाधारकों का वार्षिक भू-भाटक 612 रुपये से घटाकर पुनर्गणना के आधार पर लगभग 232 रुपये प्रति वर्गमीटर करने का निर्णय लिया गया।
बोर्ड ने वाणिज्यिक भूखंडों और निर्मित संपत्तियों के उपपट्टा प्रलेख तथा अंतरण की सुविधा HUF, सोसाइटी और ट्रस्ट के पक्ष में तथा एक से अधिक नामों में उपलब्ध कराने को भी मंजूरी दी।
औद्योगिक इकाइयों के Unified Regulations, 2025 में संशोधन के तहत कार्यशील इकाइयों का अंतरण शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत किया जाएगा। मूल अवधि तीन या पांच वर्ष समाप्त होने के बाद अधिकतम तीन वर्ष की सालाना समयवृद्धि दी जा सकेगी, जिसके लिए अतिरिक्त वर्षों का शुल्क क्रमशः 3, 5 और 7 प्रतिशत होगा।
अंशधारिता परिवर्तन की सूचना में देरी का शुल्क 500 रुपये से घटाकर 300 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा। निर्धारित शर्तों के तहत प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को LLP में बदलने की प्रक्रिया सरल करने और पारिवारिक अंशधारिता परिवर्तन में शुल्क छूट के लिए शासन की परिवार संबंधी परिभाषा अपनाने को भी मंजूरी दी गई।

मोबाइल टावर की अनुमति ऑनलाइन
17 सितंबर 2024 की केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुरूप दूरसंचार नीति अपनाने और मोबाइल टावर तथा Right of Way की अनुमति प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया। नई व्यवस्था में एक लाख रुपये का आवेदन शुल्क, पहले से स्थापित टावर के लिए डेढ़ लाख रुपये का शुल्क और तीन लाख रुपये की बैंक गारंटी की शर्त नहीं रहेगी। भूमि के ऊपर दूरसंचार नेटवर्क लगाने के आवेदन की जांच का 10,000 रुपये शुल्क जारी रहेगा।
किसानों के 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों पर भी फैसला
प्राधिकरण द्वारा अर्जित भूमि के बदले किसानों को दिए जाने वाले 5 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंडों के लंबित नियोजन के लिए नोएडा महायोजना-2031 के जोनिंग रेगुलेशन 7.3.1 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया। मौजूदा गांव की आबादी से लगी भूमि पर ऐसे भूखंडों के नियोजन का प्रावधान शामिल किया जाएगा। हालांकि, पहले आम जनता से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे, जिसके बाद मामला शासन को भेजा जाएगा। इसलिए इसे सभी लंबित मामलों के तत्काल निस्तारण की अंतिम मंजूरी नहीं माना जा सकता।
15 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्रों को मंजूरी
प्राधिकरण के सीवेज शोधन संयंत्रों, बहुस्तरीय कार पार्किंग और गंगाजल भूमिगत जलाशयों पर RESCO मॉडल से लगभग 15 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें करीब 8 मेगावाट संयंत्र सीवेज शोधन संयंत्रों और जलाशयों पर तथा 7 मेगावाट पार्किंग स्थलों पर लगाए जाएंगे। प्राधिकरण के अनुमान के अनुसार, इससे अगले 25 वर्षों में लगभग पांच लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है और बिजली खर्च में बचत होगी।
कुल मिलाकर, बोर्ड बैठक में निवेश, औद्योगिक सुविधाओं, किसानों के भूखंडों, डिजिटल अनुमति व्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े फैसले लिए गए हैं। अब इनका वास्तविक असर योजनाओं के प्रकाशन, आवश्यक स्वीकृतियों और जमीन पर क्रियान्वयन के बाद स्पष्ट होगा।
COMMENTS