ग्रेटर नोएडा स्थित एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल करते हुए Autonomous (स्वायत्त) संस्थान का दर्जा प्राप्त किया है। संस्थान ने NAAC मान्यता, AI-सक्षम कैंपस, HP के साथ तकनीकी सहयोग, B.Tech में 90% प्लेसमेंट, 100% तक मेरिट स्कॉलरशिप और भविष्य की तकनीकों पर आधारित शिक्षण मॉडल के साथ शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
उत्तर भारत में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। संस्थान को अब स्वायत्त (Autonomous) संस्थान का दर्जा प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि केवल संस्थान के लिए ही नहीं बल्कि उन हजारों विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो भविष्य में आधुनिक, उद्योगोन्मुख और वैश्विक स्तर की शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।
इस उपलब्धि की औपचारिक घोषणा ग्रेटर नोएडा स्थित परिसर में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं मीडिया सम्मान समारोह के दौरान की गई, जिसमें राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
अब उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार होंगे पाठ्यक्रम
स्वायत्त दर्जा मिलने के बाद संस्थान अब अपने पाठ्यक्रमों को स्वयं तैयार और समय-समय पर अपडेट कर सकेगा। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और रोजगारपरक ज्ञान प्राप्त होगा।
संस्थान के अनुसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए Board of Studies का गठन किया जाएगा। यही बोर्ड नई तकनीकों, वैश्विक मानकों और उद्योग की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करेगा।
इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं बल्कि वास्तविक इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, लाइव असाइनमेंट और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।
HP के साथ साझेदारी से मिलेगा भविष्य की तकनीकों का प्रशिक्षण
एक्यूरेट ग्रुप ने वैश्विक तकनीकी कंपनी HP के साथ रणनीतिक सहयोग भी स्थापित किया है।
इस सहयोग के अंतर्गत विद्यार्थियों और शिक्षकों को Artificial Intelligence (AI), Generative AI, Cloud Computing, Cyber Security, Data Science, Data Analytics तथा Internet of Things (IoT) जैसी भविष्य की तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों की वैश्विक रोजगार क्षमता और मजबूत होगी।

AI-Enabled Campus बनेगा भविष्य की शिक्षा का केंद्र
संस्थान ने अपने पूरे परिसर को AI-सक्षम कैंपस के रूप में विकसित किया है।
स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, AI आधारित टूल्स, आधुनिक प्रयोगशालाएं और Intel GPU आधारित अत्याधुनिक AI Computing Infrastructure विद्यार्थियों को रिसर्च और इनोवेशन के नए अवसर प्रदान करेंगे।
संस्थान का मानना है कि आने वाले समय में Artificial Intelligence प्रत्येक क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली है और विद्यार्थियों को अभी से इसके लिए तैयार करना आवश्यक है।
90 प्रतिशत प्लेसमेंट ने बढ़ाया संस्थान का गौरव
एक्यूरेट ग्रुप की उद्योगोन्मुख शिक्षा प्रणाली का सबसे बड़ा प्रमाण उसका प्लेसमेंट रिकॉर्ड माना जा रहा है।
संस्थान ने बताया कि B.Tech (2022–26 बैच) में 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का सफल प्लेसमेंट हुआ है।
इस दौरान सबसे अधिक वार्षिक पैकेज 24.60 लाख रुपये रहा जबकि औसत पैकेज 4.20 लाख रुपये दर्ज किया गया।
संस्थान ने आने वाले वर्षों में औसत पैकेज को 6 लाख रुपये से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
100% तक मेरिट स्कॉलरशिप और छात्राओं के लिए विशेष प्रोत्साहन
एक्यूरेट ग्रुप का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आर्थिक स्थिति की मोहताज नहीं होनी चाहिए।
इसी सोच के तहत संस्थान मेधावी विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक मेरिट स्कॉलरशिप उपलब्ध करा रहा है।
महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पात्र छात्राओं को मेरिट स्कॉलरशिप के अतिरिक्त 10 हजार रुपये की विशेष छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।
इतना ही नहीं, स्वायत्त दर्जा प्राप्त करने के उपलक्ष्य में प्रथम स्वायत्त बैच के 100 विद्यार्थियों के लिए Exclusive Introductory Merit Scholarship भी शुरू की गई है।

स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्योग आधारित शिक्षा पर विशेष जोर
संस्थान केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहता।
Project-Based Learning, Live Projects, Design Thinking, Entrepreneurship, Innovation, Corporate Certifications, Summer Internship और Industry Integrated Learning जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक उद्योग अनुभव उपलब्ध कराया जा रहा है।
संस्थान का अपना Incubation Centre भी स्थापित हो चुका है, जिसके माध्यम से वर्ष 2026 में 10 स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
चेयरपर्सन पूनम शर्मा ने क्या कहा?
संस्थान की चेयरपर्सन पूनम शर्मा ने कहा कि स्वायत्त दर्जा केवल सम्मान नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि एक्यूरेट का लक्ष्य विद्यार्थियों को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है ताकि वे विश्वस्तरीय उद्योगों में अपनी पहचान बना सकें।
डॉ. सुनील मिश्रा ने बताई आगे की रणनीति
इंजीनियरिंग निदेशक डॉ. सुनील मिश्रा ने बताया कि जुलाई से AI एवं Emerging Technologies पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होंगे।
संस्थान ने 10 से 12 वर्षों के कॉर्पोरेट अनुभव वाले विशेषज्ञों की इन-हाउस ट्रेनिंग टीम तैयार की है, जो विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी।
उन्होंने कहा कि जुलाई माह से लगभग 10 प्रमुख कंपनियों के साथ कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव भी शुरू की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में PGDM निदेशक डॉ. अभिषेक, MBA निदेशक डॉ. अजय शर्मा, BBA, BCA एवं B.Com निदेशक डॉ. डी.सी. अग्रवाल, MCA विभागाध्यक्ष प्रो. एस.डी. सिंह, डॉ. एस.एल. राजपूत, डॉ. नितिन त्यागी, प्लेसमेंट निदेशक प्रो. सतीश वर्मा, प्लेसमेंट हेड पलक तथा डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. आर.के. तिवारी सहित संस्थान के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
स्वायत्त शिक्षा प्रणाली, AI आधारित आधुनिक शिक्षण व्यवस्था, HP जैसी वैश्विक कंपनी के साथ साझेदारी, उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड, छात्रवृत्ति योजनाएं और उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रम यह संकेत देते हैं कि एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं बल्कि भविष्य की शिक्षा का मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान उत्तर भारत ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करने की क्षमता रखता है।
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