छपरौली ब्लॉक, बागपत में स्थापित एस्ट्रोनॉमी लैब से 100 से अधिक बालिकाएं आधुनिक विज्ञान और अंतरिक्ष शिक्षा में भाग ले रही हैं। यह पहल ग्रामीण छात्राओं में वैज्ञानिक सोच और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विज्ञान और बालिकाओं की शिक्षा को नई दिशा देने वाली पहल के तहत छपरौली ब्लॉक में सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित की गई है। इस लैब के माध्यम से अब लगभग 100 बालिकाएं अंतरिक्ष विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से सीख रही हैं।
ब्लॉक संसाधन केंद्र परिसर में स्थापित इस हाईटेक लैब में 45 प्रकार के प्रयोगों की सुविधा उपलब्ध है। छात्राएं टेलिस्कोप संचालन, नाइट-स्काई ऑब्जर्वेशन और आकाशीय पिंडों की स्थिति, गति तथा संरचना को डिजिटल माध्यम से समझने का प्रशिक्षण ले रही हैं। इस प्रयोगशाला से बालिकाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास दोनों का विकास हो रहा है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राएं नियमित रूप से लैब में प्रशिक्षण ले रही हैं। टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रमा और अन्य आकाशीय पिंडों का अवलोकन कर वे अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि और करियर की संभावनाओं को गंभीरता से समझ रही हैं।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि बागपत जिले के 25 सरकारी विद्यालयों में एआई-संचालित स्मार्ट क्लास भी शुरू की गई हैं। इन क्लासों के माध्यम से छात्राओं को इंटरैक्टिव और तकनीक आधारित शिक्षा दी जा रही है, जिससे सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल ग्रामीण पृष्ठभूमि की छात्राओं को विज्ञान और अंतरिक्ष से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो रही है। अब बेटियां न केवल नई तकनीक सीख रही हैं, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान के करियर विकल्पों पर गंभीरता से सोच रही हैं।
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