इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) ने अपना 15वां स्थापना दिवस नई दिल्ली में मनाया। इस अवसर पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में चुनावी प्रशिक्षण, लोकतांत्रिक क्षमता निर्माण और वैश्विक चुनाव प्रबंधन के भविष्य पर चर्चा की गई। सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य कर रहे इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) ने मंगलवार को अपना 15वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर नई दिल्ली में 16 और 17 जून 2026 को दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें चुनावी क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था और भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा हुई।
सम्मेलन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत के चुनावी तंत्र की उपलब्धियों का मूल्यांकन करने और आने वाले वर्षों के लिए एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच भी बना।
450 से अधिक विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने लिया हिस्सा
दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर से आए 450 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें 250 राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, IIIDEM के 80 अधिकारी एवं कर्मचारी, चुनाव आयोग के 30 अधिकारी तथा दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े 100 बीएलओ सुपरवाइजर शामिल रहे।
इस सम्मेलन का उद्देश्य चुनावी प्रशिक्षण की उपलब्धियों की समीक्षा करना, नई चुनौतियों पर चर्चा करना और लोकतांत्रिक क्षमता निर्माण के भविष्य की दिशा तय करना था।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने गिनाईं IIIDEM की उपलब्धियां
सम्मेलन के प्लेनरी सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने IIIDEM की पूरी टीम को 15 वर्षों की सफल यात्रा के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में चुनाव केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे लाखों लोगों की मेहनत और व्यापक प्रशिक्षण व्यवस्था काम करती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि लोकसभा चुनावों के दौरान IIIDEM लगभग 1.8 करोड़ अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी निभाता है, ताकि वे संविधान, चुनावी कानूनों और निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता का आधार प्रशिक्षित और जागरूक चुनावी कार्यबल है, और इस दिशा में IIIDEM की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वैश्विक स्तर पर भी बढ़ रही भारत की पहचान
कार्यक्रम में चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वर्तमान में इंटरनेशनल आईडिया (International IDEA) की अध्यक्षता कर रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IIIDEM भविष्य में भी वैश्विक स्तर पर चुनाव प्रबंधन और लोकतांत्रिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान बना रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता समाप्त होने के बाद भी यह संस्थान दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों के लिए एक प्रतिष्ठित प्रशिक्षण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाए रख सकता है।
अनुभव और शोध का अनूठा संगम
IIIDEM के महानिदेशक राकेश वर्मा ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि यह संस्थान चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में एक अनूठा मंच है, जहां चुनाव कराने का वर्षों का अनुभव रखने वाले अधिकारी और लोकतंत्र पर शोध करने वाले शिक्षाविद एक साथ आते हैं।
उन्होंने कहा कि इस संवाद और ज्ञान-साझाकरण की प्रक्रिया से चुनावी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।

चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभों पर केंद्रित रहा सम्मेलन
दो दिवसीय सम्मेलन में भविष्य की चुनावी प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभों पर विशेष ध्यान दिया गया।
इनमें शामिल हैं—
- राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत बनाना।
- वैश्विक कार्यक्रमों एवं अंतरराष्ट्रीय सहभागिता का विस्तार करना।
- शोध और ज्ञान विकास को प्रोत्साहित करना।
- सतत लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन को बढ़ावा देना।
विशेषज्ञों ने इन चारों क्षेत्रों में दीर्घकालिक योजनाओं और नई पहलों पर विचार-विमर्श किया।
पहले दिन राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति पर हुई चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
इनमें प्रस्तावित राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति, राज्य, जिला और विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण मानकों का निर्धारण, चुनाव प्रबंधन निकायों के लिए नए कार्यक्रम और प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल थे।
इसके अलावा जमीनी स्तर पर चुनावी कार्यकर्ताओं और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों के लिए तैयार किए जा रहे वीडियो, स्क्रिप्ट और नुक्कड़ नाटक आधारित प्रशिक्षण सामग्री की भी समीक्षा की गई।
दूसरे दिन ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स पर फोकस
सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न श्रेणियों के प्रशिक्षकों के लिए "ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स" सत्र आयोजित किए गए।

इस दौरान STNOs, NLMTs और SLMTs के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। साथ ही विभिन्न थीमैटिक समूहों की प्रगति पर शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
इसी दिन स्थापना दिवस समारोह और निर्वाचन आयोग के विशेष सत्र का भी आयोजन किया गया।
15 वर्षों में 1,885 प्रशिक्षण कार्यक्रम
IIIDEM की उपलब्धियों की बात करें तो वर्ष 2011 से अब तक संस्थान ने 1,885 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से 1,20,883 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम शामिल हैं, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित किए गए।
142 देशों तक पहुंचा भारतीय चुनावी अनुभव
IIIDEM की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक इसकी वैश्विक पहुंच है।
आज यह संस्थान दुनिया के 142 देशों तक अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों और चुनाव प्रबंधन विशेषज्ञता के माध्यम से पहुंच बना चुका है। इससे भारत के लोकतांत्रिक अनुभव और चुनावी प्रबंधन मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।
लोकतंत्र को मजबूत करने में निभा रहा अहम भूमिका
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदार संस्थाओं के सहयोग से IIIDEM लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को मजबूत करने, चुनावी प्रबंधन में सुधार लाने, शोध को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
15 वर्षों की इस यात्रा के बाद अब संस्थान का लक्ष्य केवल चुनावी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक लोकतांत्रिक सहयोग, ज्ञान विकास और चुनावी नवाचारों को नई दिशा देना भी है।
नई दिल्ली में आयोजित यह सम्मेलन इसी सोच और भविष्य की रणनीति का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
COMMENTS