पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए घुसपैठियों को बाहर करने और भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन को “अराजकता का काला अध्याय” करार देते हुए जनता के सामने 19 आरोपों वाला चार्जशीट पेश किया।
शाह ने स्पष्ट कहा कि 6 मई को यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ और भ्रष्टाचार के दिन समाप्त हो जाएंगे। उनका बयान “ममता जी, जितना रोना है रो लो…” राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
घुसपैठ पर सीधी चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर एक-एक घुसपैठिए को न सिर्फ मतदाता सूची से हटाया जाएगा, बल्कि उन्हें देश से बाहर भी किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों को वोट देने का अधिकार होना चाहिए जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं।
असम मॉडल का हवाला
शाह ने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकार बनने के बाद घुसपैठ लगभग समाप्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पश्चिम बंगाल ही एकमात्र ऐसा रास्ता बचा है, जहां से घुसपैठ जारी है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने यह भी वादा किया कि भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी और सीमा को पूरी तरह सील किया जाएगा।
‘मुक्ति का चुनाव’ बताया
अमित शाह ने इस चुनाव को “मुक्ति का चुनाव” बताते हुए जनता के सामने दो स्पष्ट विकल्प रखे।
पहला, भय से मुक्ति — जिसमें जान का डर, संपत्ति लूटने का डर, रोजगार छिनने का डर और महिलाओं की असुरक्षा शामिल है।
दूसरा, भरोसे की गारंटी — जिसमें शांति, सम्मानजनक जीवन, मुफ्त इलाज, पक्का घर, मुफ्त बिजली और युवाओं के लिए बेहतर भविष्य शामिल है।
बंगाल की स्थिति पर गंभीर आरोप
शाह ने कहा कि विकास और उद्योगों की कमी के कारण पश्चिम बंगाल “फैक्ट्रियों का कब्रिस्तान” बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सोनार बांग्ला’ का सपना दिखाकर TMC ने राज्य में सिंडिकेट राज स्थापित किया और जनता का शोषण किया।
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल आज भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन गया है, जहां हर स्तर पर उगाही का खेल चल रहा है।
ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमला
शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर “पीड़ित कार्ड” खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी कभी अपनी चोट का हवाला देती हैं तो कभी चुनाव आयोग पर आरोप लगाती हैं, लेकिन अब जनता उनकी राजनीति को समझ चुकी है।
युवाओं के लिए बड़ा ऐलान
शिक्षक भर्ती और अन्य घोटालों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने युवाओं के लिए बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं की उम्र सीमा भर्ती घोटालों के कारण खत्म हो चुकी है, उन्हें भाजपा सरकार बनने पर 5 साल की छूट दी जाएगी।
इसके साथ ही, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्तियों में उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।

19 आरोपों का चार्जशीट
भाजपा द्वारा जारी चार्जशीट में TMC सरकार के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
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सातवां वेतन आयोग लागू न करना
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20 लाख सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकालना
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40 लाख से अधिक युवाओं का पलायन
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6,688 कंपनियों का राज्य छोड़ना
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भ्रष्टाचार के कारण 26,000 नौकरियां रद्द होना
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लगभग 8,000 स्कूल बंद होना
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महिलाओं के खिलाफ 34,738 अपराध दर्ज होना
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मवेशी तस्करी और नौकरी घोटाले
OBC मुद्दे पर भी विवाद
शाह ने आरोप लगाया कि TMC सरकार ने OBC श्रेणी में 77 समुदायों को शामिल किया, जिनमें से 75 मुस्लिम समुदाय से हैं। उन्होंने इस निर्णय पर भी सवाल उठाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा चुनाव
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल का चुनाव केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि घुसपैठ का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है और इसे रोकना आवश्यक है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। एक ओर भाजपा घुसपैठ और भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बना रही है, वहीं TMC इन आरोपों को राजनीतिक हमला बता रही है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता इन मुद्दों को किस तरह से लेती है और चुनाव परिणाम किस दिशा में जाते हैं।
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