उत्तर प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के तहत करोड़ों मतदाताओं से दावे-आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। अब तक लाखों मामलों की सुनवाई हो चुकी है और बड़ी संख्या में नए मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर चुके हैं।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 का कार्य तेजी से चल रहा है। इस प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च 2026) में बड़ी संख्या में नागरिकों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए आवेदन किए हैं।
06 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में कुल 12,55,56,025 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 6,88,43,159 पुरुष मतदाता (54.83%), 5,67,08,747 महिला मतदाता (45.17%) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।
नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मिलान न कराने वाले मतदाताओं की संख्या 1.04 करोड़ रही, जबकि तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की संख्या 2.22 करोड़ दर्ज की गई। इन मामलों में जांच और सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए गए।
नोटिस जारी करने की पहली तिथि 14 जनवरी 2026 रही, जबकि सुनवाई की प्रक्रिया 21 जनवरी 2026 से शुरू हुई। 6 मार्च 2026 तक 93.8 प्रतिशत नोटिस वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 85.8 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है।
सुनवाई प्रक्रिया के लिए प्रदेश भर में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 12,758 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 5,621 नोटिस सुनवाई केंद्र स्थापित किए गए हैं।
अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं को अधिकतम सुविधा दी जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और कम समय में प्रक्रिया पूरी हो सके।
मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा
निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था भी की है कि यदि कोई मतदाता व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकता है तो वह किसी प्रतिनिधि को लिखित अधिकृत कर सकता है।
इसके साथ ही ईआरओ और एईआरओ द्वारा मतदान केंद्रों पर भी सुनवाई आयोजित की जा रही है, जबकि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) दस्तावेज जमा करने में मतदाताओं की मदद कर रहे हैं। इससे मतदाताओं को कम दूरी तय करनी पड़ रही है और अधिक संख्या में लोग सुनवाई में शामिल हो पा रहे हैं।
दावा और आपत्ति अवधि में प्राप्त आवेदन
दावा और आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च 2026) के दौरान फॉर्म-6 के तहत 70,69,810 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 34,96,911 पुरुष, 35,72,603 महिलाएं और 296 तृतीय लिंग के आवेदन शामिल हैं। इनमें 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 47,81,526 युवा मतदाता भी शामिल हैं।
27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक कुल 86,69,073 फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं।

इसके अलावा इस अवधि में फॉर्म-7 के तहत 2,68,682 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 27 अक्टूबर 2025 से अब तक 3,18,140 आवेदन मिले हैं।
वहीं फॉर्म-8 के तहत 16,33,578 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें पता परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, ईपिक प्रतिस्थापन और दिव्यांग मतदाताओं के चिन्हांकन से जुड़े आवेदन शामिल हैं। 27 अक्टूबर 2025 से अब तक कुल 22,55,473 फॉर्म-8 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि विहित प्रक्रिया के बिना किसी मतदाता का नाम सूची से विलोपित नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक दलों की भागीदारी
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण प्रक्रिया में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी रही। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में राज्य स्तर पर पांच बैठकें आयोजित की गईं।
ये बैठकें 29 अक्टूबर 2025, 19 नवंबर 2025, 8 दिसंबर 2025, 6 जनवरी 2026 और 27 जनवरी 2026 को आयोजित की गईं।
इसके अलावा प्रदेश भर में राजनीतिक दलों के साथ कुल 3,090 बैठकें आयोजित की गईं। इनमें गणना चरण में 1,548 बैठकें और दावा-आपत्ति अवधि में 1,544 बैठकें शामिल हैं।
पुनरीक्षण प्रक्रिया में 5,82,877 बूथ लेवल एजेंट भी सक्रिय रहे। इन एजेंटों में बीजेपी के 1,61,581, समाजवादी पार्टी के 1,57,631, बसपा के 1,54,224, कांग्रेस के 97,153, आम आदमी पार्टी के 6,480, सीपीआई (एम) के 315 और अपना दल (सोनेलाल) के 5,493 एजेंट शामिल हैं।
विशेष अभियान दिवस और शिकायत निस्तारण
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान चार विशेष अभियान दिवस भी आयोजित किए गए। ये अभियान 11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी 2026 को प्रदेश भर के मतदान केंद्रों पर आयोजित हुए।
शिकायत निवारण के लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है। फरवरी 2026 की रेटिंग के अनुसार शिकायत निस्तारण में उत्तर प्रदेश को पूरे देश में पहला स्थान मिला।
27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक 92,497 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 91,790 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
इसके अलावा मतदाताओं के लिए बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा, हेल्पलाइन 1800-180-1950 और 1950 तथा पीजीआरएस प्रणाली के माध्यम से भी शिकायतों का समाधान किया जा रहा है।
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