गाजियाबाद में दिव्यांग युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर सामने आया है। “दिव्या पावर सोलर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी लगभग 30 दिव्यांगजनों को नौकरी देगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं।
आज के समय में रोजगार हर युवा की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है, लेकिन जब बात दिव्यांग युवाओं की आती है तो चुनौतियां और भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में गाजियाबाद से एक राहत भरी खबर सामने आई है। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने दिव्यांग युवाओं के लिए रोजगार का विशेष अवसर उपलब्ध कराया है। इस पहल के तहत गाजियाबाद की “दिव्या पावर सोलर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी लगभग 30 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराएगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि विभाग लगातार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य से निजी कंपनियों के सहयोग से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि “दिव्या पावर सोलर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड” सोलर पावर और घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाने का कार्य करती है। कंपनी प्रधानमंत्री सोलर योजना के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। अब इसी अभियान से जोड़ते हुए दिव्यांग युवाओं को रोजगार देने की पहल की गई है।
किन कार्यों के लिए मिलेगी नौकरी?
कंपनी द्वारा जिन पदों पर दिव्यांगजनों को काम दिया जाएगा, उनमें मुख्य रूप से कॉलिंग कार्य, फील्ड विजिट और प्रधानमंत्री सोलर योजना का प्रचार-प्रसार शामिल है। विभाग के अनुसार यह कार्य ऐसे दिव्यांगजन आसानी से कर सकते हैं जिन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक परेशानी नहीं होती।
अधिकारियों का कहना है कि इस रोजगार अभियान का उद्देश्य केवल नौकरी देना नहीं, बल्कि दिव्यांग युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्हें ऐसा प्लेटफॉर्म देना है जहां वे अपनी क्षमता के अनुसार काम कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
वेतन के साथ मिलेंगी अतिरिक्त सुविधाएं
इस रोजगार अवसर में चयनित अभ्यर्थियों को केवल वेतन ही नहीं बल्कि अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। कॉलिंग और फील्ड विजिट के आधार पर मानदेय तय किया जाएगा। इसके अलावा इंसेंटिव भी मिलेगा। आने-जाने का खर्च कंपनी की ओर से दिया जाएगा और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें दिवyangजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होती हैं। निजी कंपनियों और सरकारी विभागों के सहयोग से अगर ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएं तो बड़ी संख्या में दिव्यांग युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
क्या है जरूरी योग्यता?
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का न्यूनतम 10वीं पास होना जरूरी है। साथ ही उन्हें हिंदी या अंग्रेजी पढ़ने-लिखने का सामान्य ज्ञान होना चाहिए।
इसके अलावा ऐसे दिव्यांगजन आवेदन कर सकते हैं जिन्हें फील्ड कार्य करने में अत्यधिक दिक्कत न हो। विभाग का कहना है कि चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की स्थिति और कार्य क्षमता को ध्यान में रखा जाएगा।
आवेदन के लिए क्या-क्या जानकारी देनी होगी?
इच्छुक अभ्यर्थियों को अपना रिज्यूम या व्यक्तिगत विवरण भेजना होगा। इसमें नाम, आयु, शैक्षिक योग्यता, मोबाइल नंबर, पूरा पता, दिव्यांगता का प्रकार, शरीर के किस अंग से दिव्यांगता है, दिव्यांगता प्रतिशत, हिंदी या अंग्रेजी भाषा का ज्ञान और कार्य अनुभव जैसी जानकारी देनी होगी।
विभाग ने बताया कि प्राप्त रिज्यूम की जांच के बाद योग्य अभ्यर्थियों को कॉल करके इंटरव्यू और आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा।
व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं आवेदन
रोजगार के इच्छुक दिव्यांगजन अपना आवेदन व्हाट्सएप नंबर 8791491011 पर भेज सकते हैं। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, विकास भवन, गाजियाबाद के कक्ष संख्या 131 में संपर्क कर सकते हैं।
आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक दिव्यांग युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि रोजगार मिलने से दिव्यांगजन आर्थिक रूप से मजबूत होंगे और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में और कंपनियों से संपर्क कर इसी तरह रोजगार मेले और भर्ती अभियान चलाए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा दिव्यांग युवाओं को नौकरी मिल सके।
आज जब बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, ऐसे समय में यह पहल दिव्यांग युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। अगर सरकारी विभाग और निजी कंपनियां मिलकर इसी तरह काम करें तो हजारों दिव्यांग युवाओं का भविष्य बदल सकता है।
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