गौतमबुद्धनगर में आबकारी विभाग ने आकस्मिक निरीक्षण कर शराब दुकानों और बार की गहन जांच की। गुप्त टेस्ट खरीद के जरिए नियमों के पालन की हकीकत परखी गई।
गौतमबुद्धनगर में मंगलवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब आबकारी विभाग की टीमें अचानक जिले की शराब दुकानों और बार पर पहुंच गईं। यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि कई दुकानदारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दरअसल, यह पूरा अभियान आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश पर चलाया गया, जिसका मकसद जिले में शराब बिक्री से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था।
यह अभियान जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में चलाया गया, जबकि इसकी निगरानी जिला आबकारी अधिकारी द्वारा की जा रही थी। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आबकारी निरीक्षकों की टीमें बनाई गईं, जिन्होंने 5 मई 2026 को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी जैसी कार्रवाई करते हुए आकस्मिक निरीक्षण किया।
इस दौरान देशी शराब की दुकानों से लेकर कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार तक—किसी को भी इस जांच से बाहर नहीं रखा गया। हर दुकान पर टीम ने पहुंचकर न सिर्फ कागजी औपचारिकताओं की जांच की, बल्कि मौके पर व्यवस्थाओं को भी बारीकी से परखा।

सबसे खास बात रही ‘गोपनीय टेस्ट परचेज’। यानी अधिकारियों ने आम ग्राहक बनकर शराब खरीदी, ताकि यह देखा जा सके कि दुकानदार नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इस प्रक्रिया से यह साफ तौर पर सामने आता है कि दुकानों पर वास्तविक स्थिति क्या है, क्योंकि कई बार जांच के दौरान दिखावे के लिए सब कुछ ठीक रखा जाता है।
इसके अलावा, दुकानों और बार में लगे CCTV कैमरों की भी गहन जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी कैमरे रियल टाइम में सही तरीके से काम करते रहें और उनकी रिकॉर्डिंग नियमित रूप से सुरक्षित रखी जाए। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या विवाद की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध हो सके।
इसी के साथ POS मशीनों के इस्तेमाल को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। दुकानदारों और अनुज्ञापियों को साफ निर्देश दिए गए कि 100 प्रतिशत बिक्री POS मशीन के माध्यम से ही की जाए। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और नकद लेन-देन में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाना है।
जांच के दौरान कैनटीन और बार की व्यवस्थाओं को भी खंगाला गया। यह देखा गया कि वहां पर शराब परोसने के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। साफ-सफाई, लाइसेंस की शर्तें और सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई।

अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे अभियान का असर भी तुरंत नजर आया। कई दुकानदारों ने मौके पर ही अपनी व्यवस्थाओं को सुधारना शुरू कर दिया। कुछ जगहों पर कर्मचारियों को नियमों के बारे में दोबारा समझाया गया।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां एक ओर आम लोगों ने इसे सही कदम बताया, वहीं कुछ दुकानदारों ने इसे अचानक और सख्त कार्रवाई बताया। हालांकि प्रशासन का साफ कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं और उनका पालन करना अनिवार्य है।
गौतमबुद्धनगर में चलाया गया यह अभियान यह संकेत देता है कि प्रशासन अब शराब बिक्री को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में ऐसे और अभियान देखने को मिल सकते हैं, जिससे जिले में व्यवस्था और पारदर्शिता को और मजबूत किया जा सके।
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