कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में एडीएम न्यायिक प्रियंका ने गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गर्मी से बचाव, चारे, पेयजल और गोवंश संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा बैठक संपन्न, गर्मी से बचाव हेतु जारी हुए सख्त निर्देश
गौतमबुद्ध नगर में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के गौ आश्रय स्थलों के संचालन, प्रबंधन और वर्तमान व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था, ताकि भीषण गर्मी के दौरान गोवंशों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में परियोजना निदेशक नेहा सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारी, विभिन्न खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के साथ गौशालाओं की मौजूदा स्थिति, सुविधाओं और भविष्य की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

गौ संरक्षण कोष को मजबूत बनाने पर जोर
बैठक के दौरान गो संवर्धन एवं संरक्षण कोष में अधिक धनराशि एकत्रित करने और उसके प्रभावी उपयोग पर गंभीर चर्चा हुई। एडीएम न्यायिक प्रियंका ने कहा कि गौ संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक संगठनों, संस्थानों और आम नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा जाए ताकि गौ संरक्षण कोष को और अधिक मजबूत किया जा सके।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और गौशालाओं की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए सभी लोग सहयोग करें। प्रशासन की मंशा है कि गौ आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर और व्यवस्थित बनाया जाए।
गर्मी को लेकर प्रशासन अलर्ट
बैठक में सबसे अधिक फोकस गर्मी के मौसम को देखते हुए गौशालाओं में की जाने वाली विशेष व्यवस्थाओं पर रहा। एडीएम न्यायिक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गौ आश्रय स्थलों में पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव की स्थिति को देखते हुए गौवंशों के लिए छायादार स्थान उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही गौशालाओं में पंखे, कूलिंग सिस्टम और ठंडे पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन ने साफ किया कि यदि किसी गौशाला में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में यह भी कहा गया कि गोवंशों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए चलेगा विशेष अभियान
एडीएम न्यायिक प्रियंका ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में निराश्रित गोवंशों के शत-प्रतिशत संरक्षण के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जाए। सड़कों और खुले क्षेत्रों में घूम रहे गोवंशों को सुरक्षित गौ आश्रय स्थलों तक पहुंचाने के लिए समन्वित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए ताकि कोई भी निराश्रित गोवंश खुले में न घूमे।
ग्राम सभा की भूमि पर उगाया जाएगा हरा चारा
बैठक में गौशालाओं में स्थायी रूप से चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। एडीएम न्यायिक ने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं की खाली पड़ी भूमि पर हरा चारा उगाने की कार्यवाही तत्काल शुरू की जाए।
प्रशासन का मानना है कि इससे गौशालाओं में चारे की समस्या काफी हद तक दूर होगी और गोवंशों को नियमित रूप से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सकेगा। अधिकारियों को इस संबंध में शीघ्र कार्य योजना तैयार कर अमल में लाने को कहा गया।

नियमित निरीक्षण और सत्यापन के निर्देश
बैठक के दौरान गौशालाओं में गोवंशों की वास्तविक स्थिति की निगरानी को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए। एडीएम न्यायिक ने सभी नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि गौशालाओं में मौजूद गोवंशों की वास्तविक संख्या का सत्यापन रजिस्टर और ऑनलाइन पोर्टल से मिलान कर सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता सामने न आए।
इसके अलावा गौ आश्रय केंद्रों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी निर्देश दिए गए। सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर सीसीटीवी कैमरों का आईपी एड्रेस और आईडी-पासवर्ड मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है, जिससे गौशालाओं की गतिविधियों की प्रभावी निगरानी की जा सके।
“लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”
बैठक के अंत में एडीएम न्यायिक प्रियंका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौ संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं में सुधार प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रशासन का उद्देश्य है कि जनपद की प्रत्येक गौशाला में गोवंशों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
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