गौतमबुद्धनगर में महाशिवरात्रि एवं कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रमुख कांवड़ मार्गों, शिवालयों और कांवड़ शिविरों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता, पेयजल और सीसीटीवी निगरानी सहित सभी व्यवस्थाओं को मजबूत रखने के निर्देश दिए।
गौतमबुद्धनगर में महाशिवरात्रि एवं कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों के आवागमन को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने जमीन पर उतरकर तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। 10 अगस्त 2026 को पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जनपद के प्रमुख कांवड़ मार्गों, शिवालयों और कांवड़ शिविरों का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण का मकसद केवल व्यवस्थाओं को देखना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को रास्ते से लेकर शिविर और शिवालय तक किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि सुरक्षा और सुविधा से जुड़े किसी भी इंतजाम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने चिल्ला बॉर्डर, श्री सिद्ध पीठ शनि मंदिर, सेक्टर-14ए नोएडा तथा शिव मंदिर नानकेश्वर, ग्राम भाईपुर, जेवर समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया।
इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, कांवड़ यात्रियों के आवागमन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को देखा गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों से मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जहां सुधार की जरूरत दिखाई दी, वहां तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रमुख कांवड़ मार्गों पर यातायात सुचारु रखने के लिए जरूरत के मुताबिक बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक खान-पान की होती है। इसी को देखते हुए पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने कांवड़ शिविरों में बनाए गए किचन का भी निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने वहां तैयार हो रही खाद्य सामग्री, भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की स्थिति देखी। शिविर संचालकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रियों को मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए।

खाना बनाने वाली जगहों पर विशेष स्वच्छता रखने और भोजन की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने को कहा गया। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भोजन और पानी के स्तर पर किसी तरह की परेशानी न हो।
भीड़ बढ़ने के साथ सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने कांवड़ शिविरों में लगे सीसीटीवी कैमरों, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा सुरक्षा प्रबंधों का भी जायजा लिया।
संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीसीटीवी के जरिए लगातार निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रत्याशित स्थिति का समय रहते पता लगाया जा सके।
प्रशासन ने अधिकारियों को संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले से वैकल्पिक इंतजाम तैयार रखने के निर्देश भी दिए हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में मेडिकल कैंप की भूमिका भी अहम हो जाती है।
पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने मेडिकल शिविरों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दवाइयों, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था और चिकित्सकीय स्टाफ की जानकारी ली।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि जरूरी दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें और मेडिकल टीम पूरी तत्परता के साथ तैनात रहे। किसी श्रद्धालु को अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उसे तत्काल प्राथमिक चिकित्सा मिल सके, इसके लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी रखने को कहा गया।

निरीक्षण के दौरान कांवड़ मार्गों और शिवालयों के आसपास साफ-सफाई की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन ने पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
कांवड़ शिविरों में स्वच्छता, भोजन, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। यानी प्रशासन केवल एक दिन निरीक्षण करके रुकने के बजाय इन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी पर जोर दे रहा है।
महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर उतरने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था के साथ यातायात को संभालने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। कांवड़ मार्गों पर भीड़ नियंत्रण, पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।

पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संभावित परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान एडिशनल सीपी राजीव नारायण मिश्रा, डीसीपी नोएडा साद मियां खान, डीसीपी ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम, डीसीपी (एचQ) शव्या गोयल, सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की कोशिश साफ है—कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि के दौरान आस्था का माहौल बना रहे, लेकिन सुरक्षा और व्यवस्था में कोई ढिलाई न हो। अब असली परीक्षा यात्रा के दौरान होगी, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़ यात्री इन मार्गों पर निकलेंगे। फिलहाल प्रशासन ने तैयारियों को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है कि सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था—तीनों में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
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