उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गौतमबुद्धनगर के विकास भवन सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, चारा प्रबंधन, पशु रोग नियंत्रण और टीकाकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को चयन पत्र और अनुमति पत्र भी वितरित किए गए।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गौतमबुद्धनगर के विकास भवन सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों, सरकारी योजनाओं और पशुपालन से जुड़े नवीनतम संसाधनों के बारे में जागरूक करना था।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने किसानों और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान पशुपालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
किसानों और पशुपालकों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशुओं के रखरखाव, चारा प्रबंधन और पशु स्वास्थ्य संबंधी अनेक जानकारियां प्रदान की गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन करने पर दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सकता है।
अधिकारियों ने किसानों को यह भी बताया कि पशुओं को संतुलित आहार देने, नियमित टीकाकरण कराने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से उनकी उत्पादकता में वृद्धि होती है।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना से जुड़ा रहा। वित्तीय वर्ष 2026-27 की ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा चयन पत्र और अनुमति पत्र प्रदान किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देना है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
लखनऊ से जुड़ा कार्यक्रम, दिखाई गई विकास यात्रा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यालय लखनऊ से दुग्ध आयुक्त धन लक्ष्मी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
इसके अलावा जूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभाग की 50 वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। इन फिल्मों में विभाग की विभिन्न उपलब्धियों और पशु रोग नियंत्रण से जुड़े अभियानों को विस्तार से दिखाया गया।
विशेषज्ञों ने बताए पशुपालन के आधुनिक तरीके
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सचान, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. विपिन कुमार और वैज्ञानिक डॉ. कुमार घनश्याम ने किसानों को पशुओं की देखभाल के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ पशुपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग आवश्यक हो गया है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी भी की जा सकेगी।
विशेषज्ञों ने पशुओं में होने वाली बीमारियों की पहचान और उनके उपचार के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने किसानों को समय पर टीकाकरण कराने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
ऋण और वित्तीय सहायता की भी दी गई जानकारी
कार्यक्रम में नाबार्ड की जिला विकास अधिकारी अलका और एलडीएम ने किसानों को कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा रही है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न वित्तीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
विभागीय योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने दुग्ध विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि सरकार डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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