19 मार्च 2026 को गौतमबुद्धनगर में आबकारी विभाग ने अचानक अभियान चलाकर शराब दुकानों, बार और कैंटीनों की गहन जांच की। गोपनीय टेस्ट परचेज से नियमों के पालन की हकीकत परखी गई।
आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में जनपद गौतमबुद्धनगर में गुरुवार, 19 मार्च 2026 को एक व्यापक और सघन प्रवर्तन अभियान चलाया गया। यह अभियान ज़िलाधिकारी गौतमबुद्धनगर एवं पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में संचालित हुआ, जिसमें ज़िला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षकों की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस विशेष अभियान के तहत जनपद में संचालित विभिन्न श्रेणियों की मदिरा दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इनमें देशी शराब की दुकानें, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप के साथ-साथ बार अनुज्ञापन भी शामिल रहे। निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह अचानक और बिना पूर्व सूचना के की गई, जिससे वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके।

अभियान के दौरान टीम ने न केवल दुकानों के संचालन की जांच की, बल्कि उनसे जुड़ी कैंटीनों की भी गहनता से चेकिंग की। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी दुकानों पर शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों का पूर्ण रूप से पालन हो रहा है या नहीं। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें लाइसेंस की वैधता, स्टॉक का मिलान, बिक्री प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों का पालन शामिल था।
इस कार्रवाई की सबसे अहम और चौंकाने वाली बात रही ‘गोपनीय टेस्ट परचेज’। विभाग द्वारा गुप्त रूप से ग्राहकों के माध्यम से शराब की खरीद कराई गई, ताकि यह परखा जा सके कि विक्रेता नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह जांचा गया कि कहीं बिना बिल के बिक्री तो नहीं हो रही, अधिक कीमत तो नहीं वसूली जा रही, या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता तो नहीं है। इस कदम से दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

इसके साथ ही सभी मदिरा दुकानों पर लगे CCTV कैमरों की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी CCTV कैमरे रियल टाइम में चालू अवस्था में रहें और उनकी रिकॉर्डिंग सुचारू रूप से होती रहे। यह भी कहा गया कि किसी भी स्थिति में कैमरों को बंद या निष्क्रिय नहीं रखा जाएगा, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए POS (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। आबकारी अधिकारियों ने सभी अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को निर्देशित किया कि 100 प्रतिशत बिक्री POS मशीन के माध्यम से ही की जाए, जिससे हर लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की कर चोरी या अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि जनपद में मदिरा बिक्री व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध बनाया जा सके।
इस अभियान के बाद शराब दुकानों और बार संचालकों में सतर्कता बढ़ गई है। विभाग की इस सख्ती को कानून व्यवस्था और राजस्व संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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