जनगणना-2027 को लेकर गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 16 से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले स्व-गणना अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए गए। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से खुद अपनी जनगणना कर सकेंगे। प्रशासन ने सहायता बूथ, जागरूकता अभियान और छूटने वाले वर्गों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
देश की आगामी जनगणना-2027 को लेकर अब तैयारियां जमीनी स्तर पर तेज होने लगी हैं। इस बार जनगणना की प्रक्रिया में आम नागरिकों को भी सीधे भागीदारी का अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि लोगों को अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कराने के लिए स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है।
इसके तहत नागरिक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना कर सकेंगे। गौतमबुद्धनगर में इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी पात्र व्यक्ति या परिवार की गणना छूटनी नहीं चाहिए। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
16 नवंबर से 30 नवंबर तक घर बैठे होगी स्व-गणना
बैठक में जानकारी दी गई कि भारत की जनगणना-2027 के तहत 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से स्वयं अपनी जनगणना कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सुविधा की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रत्येक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिक निर्धारित अवधि के भीतर अपनी जानकारी दर्ज करा सकें।
14 नवंबर को बाल दिवस पर स्कूल-कॉलेजों में विशेष अभियान
स्व-गणना के प्रति बच्चों और युवाओं को जागरूक करने के लिए 14 नवंबर 2026 को बाल दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में जनगणना विषय पर निबंध लेखन, संवाद, पोस्टर मेकिंग और चित्रकला प्रतियोगिताएं कराई जाएं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
इसके अलावा सभी चार्ज अधिकारी RWA, सरकारी कार्यालयों, संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों के साथ समन्वय बनाकर जनसभाएं, नुक्कड़ नाटक, रैलियां और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराएंगे।

40 सवालों की जानकारी पहले से देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जनगणना से जुड़ी तैयारियों को लेकर एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने क्षेत्र के गणमान्य और प्रतिष्ठित नागरिकों की सूची तैयार करने को कहा, ताकि उन्हें जनगणना में पूछे जाने वाले 40 प्रश्नों की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जा सके।
16 नवंबर को स्व-गणना के पहले दिन इन प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ SE-ID प्रदर्शित करते हुए फोटो खिंचवाए जाएंगे। इसके माध्यम से आम लोगों को भी ऑनलाइन स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाएगा।
हर वार्ड और सोसाइटी में बनेंगे जनगणना सहायता बूथ
नागरिकों को ऑनलाइन स्व-गणना में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रत्येक वार्ड, राजस्व ग्राम और सोसाइटी स्तर पर RWA के सहयोग से 16 नवंबर से पहले जनगणना सहायता बूथ या टेबल स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन बूथों पर प्रगणक और पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे, जो लोगों को स्व-गणना की प्रक्रिया में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएंगे। नागरिकों को अपने घर के मुख्य द्वार पर स्व-गणना ID स्लिप लगाने या ID लिखने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। बूथों के माध्यम से यथासंभव ID स्लिप उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
ऐसे राजस्व ग्राम और वार्ड, जो स्वयं एक गणना ब्लॉक हैं, वहां शत-प्रतिशत स्व-गणना सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
इन वर्गों की जनगणना पर रहेगा विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने उन वर्गों की अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए, जिनके जनगणना प्रक्रिया में छूटने की आशंका अधिक रहती है। इनमें LGBTQ+ समुदाय, विदेशी छात्र-छात्राएं तथा नियमित रूप से मंदिरों, धर्मशालाओं और आश्रमों में रहने वाले लोग शामिल हैं।
इसके साथ ही सभी संस्थागत छात्रावासों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों को स्व-गणना की अवधि से पहले चिह्नित कर उनके प्रबंधन से समन्वय स्थापित किया जाएगा। यहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्व-गणना कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति गणना से वंचित न रहे।
SE-ID संभालकर रखना बेहद जरूरी, वरना दोबारा करनी पड़ सकती है गणना
स्व-गणना पूरी करने के बाद परिवार को मिलने वाली SE-ID को सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को इस संबंध में विशेष रूप से जागरूक किया जाए।
दरअसल, स्व-गणना पूरी होने के बाद जब निर्धारित जनगणना अवधि में प्रगणक घर पहुंचेगा, तब परिवार को अपनी SE-ID उपलब्ध करानी होगी। प्रगणक इस ID की प्रविष्टि करके परिवार की जनगणना प्रक्रिया पूरी करेगा। यदि परिवार SE-ID उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो संबंधित परिवार की जनगणना प्रगणक को दोबारा करनी पड़ सकती है।

मेट्रो स्टेशन से लेकर मॉल तक चलेगा जागरूकता अभियान
जनगणना-2027 का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन डिजिटल और जमीनी दोनों स्तरों पर प्रचार अभियान चलाएगा।
जिलाधिकारी ने CHC, PHC, महाविद्यालयों और प्रमुख संस्थानों में प्रचार बैनर एवं स्टीकर लगाने के निर्देश दिए। प्रमुख चौराहों, मेट्रो और बस स्टेशनों, पूजा स्थलों, मॉल और सिनेमा घरों की डिजिटल स्क्रीन पर भी जनगणना संबंधी प्रचार सामग्री प्रदर्शित कराई जाएगी।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आकर्षक सेल्फी पॉइंट बनाए जाएंगे। नगर निकायों की घर-घर कूड़ा संग्रहण करने वाली गाड़ियों के माध्यम से जागरूकता जिंगल और ऑडियो संदेश नियमित रूप से प्रसारित होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत बैठकों के दौरान लोगों को स्व-गणना के लिए प्रशिक्षित और प्रेरित किया जाएगा। स्थानीय व्यापार मंडलों के साथ बैठक कर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी प्रचार कराया जाएगा।
इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, स्थानीय समाचार नेटवर्क और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सहयोग से डिजिटल जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जनगणना से जुड़ी किसी भी झूठी या भ्रामक खबर का तत्काल खंडन कर सही जानकारी प्रसारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गैर-राजनीतिक होगी प्रचार सामग्री, हेल्पलाइन नंबर 1855 का होगा इस्तेमाल
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना के प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें केवल स्वीकृत लोगो, मैस्कट 'विकास-प्रगति' और हेल्पलाइन नंबर 1855 का ही प्रयोग किया जाएगा।
उन्होंने स्व-गणना के लिए निर्धारित Thematic Day प्लान के अनुसार प्रत्येक दिवस की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसे जमीनी स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए। स्व-गणना अवधि के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को अपने निर्धारित गणना ब्लॉकों में सक्रिय रहकर नागरिकों की सहायता करनी होगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं जिला जनगणना अधिकारी अजीत कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर सहित नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा प्राधिकरण के अधिकारी तथा सभी तहसीलों के चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से उप निदेशक अभिमन्यु सिंह तथा जिला प्रभारी जनगणना प्रदीप कुमार और उत्कर्ष पाण्डेय भी बैठक में शामिल हुए।
जिलाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना निदेशालय और संबंधित कार्यालयों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अभियान की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है और इसकी सफलता प्रत्येक नागरिक की भागीदारी पर निर्भर करती है। ऐसे में सभी विभागों और संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
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