उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने प्रयागराज में दीपावली के अवसर पर 750 परिवारों के 2779 बच्चों को उनकी पसंद के कपड़े और जूते खरीदवाए। 122 ई-रिक्शा के जरिए बच्चे सिविल लाइंस पहुंचे, जहां से मंत्री उन्हें लेकर सिटी कार्ट मॉल पहुंचे। बिना बजट और बिल की सीमा के हुई इस खरीदारी ने बच्चों की दीपावली को यादगार बना दिया।
दीपावली का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। कहीं घरों को सजाने की तैयारी होती है तो कहीं नए कपड़ों और मिठाइयों की खरीदारी। लेकिन उन परिवारों के बच्चों के लिए त्योहार की खुशियां कई बार सीमित रह जाती हैं, जिनके घरों में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही बड़ी चुनौती होती है।
ऐसे में अगर किसी बच्चे को अपनी पसंद के कपड़े और जूते चुनने की पूरी आजादी मिल जाए, तो उसके लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होता। प्रयागराज में इस दीपावली कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने हजारों बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने की पहल की।
मंत्री नन्दी ने अपने वर्षों पुराने 'हर घर रोशनी, हर घर दीपावली' अभियान के तहत प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र की झुग्गी-झोपड़ियों और मलिन बस्तियों में रहने वाले 750 परिवारों के 2779 बच्चों और लोगों को दीपावली की खरीदारी कराई। इस आयोजन की खास बात यह रही कि बच्चों को अपनी पसंद के कपड़े और जूते चुनने की पूरी छूट दी गई। उन्हें न तो किसी तय बजट की चिंता करनी थी और न ही बिल की सीमा को लेकर कोई पाबंदी थी।
122 ई-रिक्शा से सिविल लाइंस पहुंचे 2779 बच्चे और अभिभावक
गुरुवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न मलिन बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों से 750 परिवारों के बच्चे और उनके अभिभावक शामिल हुए। कुल 122 ई-रिक्शा के माध्यम से 2779 बच्चे और लोग सिविल लाइंस स्थित सुभाष चौराहे पहुंचे।
यहां उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने सभी बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया। बच्चों के चेहरों पर उत्साह और त्योहार की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। इसके बाद मंत्री नन्दी ने बच्चों के साथ ई-रिक्शा में बैठकर सिटी कार्ट मॉल तक का सफर किया। मंत्री का बच्चों के साथ इस तरह शामिल होना भी आयोजन का खास आकर्षण रहा।

मॉल में बच्चों की पसंद को मिली प्राथमिकता, बजट और बिल की कोई सीमा नहीं
सिटी कार्ट मॉल पहुंचने के बाद बच्चों को उनकी पसंद के कपड़े और जूते खरीदने का अवसर दिया गया। आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे त्योहारों पर अपनी पसंद की चीजें खरीदने से पहले कई बार सोचते हैं, लेकिन इस आयोजन में उन्हें ऐसी किसी चिंता का सामना नहीं करना पड़ा।
बच्चों को साफ तौर पर कहा गया कि वे अपनी पसंद के कपड़े और जूते चुनें। खरीदारी के दौरान बजट या बिल की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई थी। बच्चे अपनी पसंद के रंग-बिरंगे कपड़े और जूते देखकर उत्साहित नजर आए। किसी ने अपनी पसंद की ड्रेस चुनी तो किसी ने नए जूते पसंद किए।
मंत्री नन्द गोपाल नन्दी ने भी मॉल में बच्चों के साथ समय बिताया और उनकी पसंद के अनुसार कपड़े और जूते निकलवाने में सहयोग किया। बच्चों की खुशी और उत्साह से मॉल का माहौल भी दीपावली के रंग में रंगा नजर आया।
2005 से जारी है 'हर घर रोशनी, हर घर दीपावली' अभियान
मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी वर्ष 2005 से लगातार दीपावली के अवसर पर अपने प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र की मलिन बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों के साथ त्योहार मनाते आ रहे हैं।
'हर घर रोशनी, हर घर दीपावली' अभियान के माध्यम से उनका प्रयास रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी दीपावली की खुशियों से वंचित न रहें। पिछले करीब दो दशकों से जारी इस पहल के जरिए वह हर साल जरूरतमंद परिवारों के बीच पहुंचकर त्योहार की खुशियां साझा करते हैं।
इस वर्ष भी 750 परिवारों के 2779 बच्चों और लोगों को खरीदारी कराने की पहल इसी परंपरा का हिस्सा रही। आयोजन का उद्देश्य केवल कपड़े और जूते दिलाना नहीं, बल्कि उन बच्चों को भी त्योहार का वैसा ही उत्साह और अपनापन महसूस कराना था, जैसा हर परिवार अपने बच्चों के लिए चाहता है।
'हर किसी के जीवन में खुशियां आएं, बस यही प्रयास है'
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान देखकर उन्हें सच्ची खुशी मिलती है। उन्होंने कहा कि गरीब हो या अमीर, हर किसी को त्योहार मनाने का अधिकार है।
मंत्री नन्दी के मुताबिक, यदि ईश्वर ने किसी व्यक्ति को दूसरों की मदद करने और उनके घरों में खुशियां लाने की क्षमता दी है, तो उसे इस दिशा में जरूर प्रयास करना चाहिए। उनका कहना था कि दीपावली जैसे पर्व पर जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के साथ खुशियां बांटना उनके लिए बेहद संतोष और आनंद का विषय है।
उन्होंने कहा कि हर किसी के जीवन में खुशियां आएं, यही उनका प्रयास है। वह हर साल इस तरह के आयोजन के माध्यम से गरीब बच्चों के साथ दीपोत्सव मनाते हैं और उनके जीवन में खुशियों के कुछ यादगार पल जोड़ने की कोशिश करते हैं।
किसी के चेहरे की मुस्कान ही त्योहार की असली रोशनी
प्रयागराज में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खूबसूरती केवल घरों की सजावट, रोशनी और खरीदारी में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने में भी छिपी है। 750 परिवारों के 2779 बच्चों और लोगों को दीपावली की खरीदारी का अवसर देकर मंत्री नन्दी ने अपने अभियान की परंपरा को आगे बढ़ाया।
बच्चों के लिए अपनी पसंद के कपड़े और जूते चुनने का यह अनुभव निश्चित तौर पर दीपावली की यादों में लंबे समय तक बना रहेगा।
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