उत्तर प्रदेश STF ने श्रावस्ती के थाना सोनवा क्षेत्र में कार्रवाई कर जाली भारतीय मुद्रा छापने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1.74 लाख रुपये के नकली नोट, कैनन कलर प्रिंटर, तीन डाई, स्याही, कागज, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। पूछताछ में दिवाली के दौरान नकली नोट बाजार में खपाने की कथित योजना सामने आई है।
त्योहारों के दौरान बाजार में नकदी की बढ़ती मांग और दिवाली पर जुआ खेलने वालों के बीच पैसों के लेन-देन को कथित तौर पर कमाई का मौका बनाने की तैयारी चल रही थी। योजना थी कि नकली नोट छापे जाएं और उन्हें बाजार में असली मुद्रा की तरह चलाया जाए।
लेकिन इससे पहले कि यह कथित नेटवर्क अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता, उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 74 हजार रुपये की जाली भारतीय मुद्रा के साथ नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामान बरामद किया गया है।
यह कार्रवाई 5 नवंबर 2026 की रात श्रावस्ती जिले के थाना सोनवा क्षेत्र में की गई। STF ने बहराइच-मल्हीपुर रोड पर गिरिराज राइस मिल, भटिया चिचड़ी के पास से तीनों आरोपियों को रात करीब 8:45 बजे गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी कौन हैं?
STF की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
गिरिजा शंकर जायसवाल, पुत्र छोटे लाल जायसवाल, निवासी शिवनगर, गोंडा रोड, थाना कोतवाली देहात, जनपद बहराइच।
नरेन्द्र कुमार चौरसिया, पुत्र सुखराम चौरसिया, निवासी ग्राम लालबोझी, पोस्ट भटपुरवा, थाना नवीन मॉडर्न, जनपद श्रावस्ती।
बृजेन्द्र गोस्वामी, पुत्र उदयराज गोस्वामी, निवासी ग्राम भगवानपुर बनकट, थाना इकौना, जनपद श्रावस्ती।
₹1.74 लाख के नकली नोट और प्रिंटर बरामद
STF के अनुसार आरोपियों के कब्जे से कुल 1,74,000 रुपये की भारतीय जाली मुद्रा बरामद हुई। इसमें 500 रुपये के 223 नोट, 200 रुपये के 44 नोट और 100 रुपये के 537 नोट शामिल हैं। बरामद नोटों की संख्या और मूल्य का विवरण इस प्रकार है—
500 रुपये के 223 नोट: 1,11,500 रुपये
200 रुपये के 44 नोट: 8,800 रुपये
100 रुपये के 537 नोट: 53,700 रुपये

जाली मुद्रा के अलावा मौके से एक कैनन कलर प्रिंटर, कैनन प्रिंटर की स्याही की चार रिफिल और दो खाली इंक रिफिल भी बरामद की गईं। इसके साथ ही ए4 साइज पेपर के तीन बंडल और 500, 200 तथा 100 रुपये के नोटों के लिए इस्तेमाल होने वाली तीन डाई भी मिलीं।
कार्रवाई के दौरान तीन आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, 5,500 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। STF इन सभी सामानों को कथित जाली नोट छापने और गिरोह की गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर जांच कर रही है।
मुंबई में सीखा नकली नोट छापने का तरीका, फिर बनाया कथित गिरोह
STF की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी बृजेन्द्र गोस्वामी ने कथित तौर पर बताया कि वह पहले मुंबई में रहता था। वहीं उसने नकली नोट छापने का काम सीखा और इसके बाद श्रावस्ती लौट आया। यहां उसने अपने साथियों गिरिजा शंकर जायसवाल और नरेन्द्र कुमार चौरसिया के साथ मिलकर नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाई।
पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों को लगा कि नकली नोट छापकर बाजार में सप्लाई करने से उन्हें काफी मुनाफा हो सकता है। STF के अनुसार, दिवाली के दौरान जुआ खेलने वाले लोगों के बीच नकदी की मांग को ध्यान में रखते हुए आरोपियों ने इसी समय नकली नोट बाजार में चलाने की योजना बनाई थी। हालांकि, यह आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कथित खुलासा है। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
कई दिनों से STF जुटा रही थी गिरोह की जानकारी
उत्तर प्रदेश STF को पिछले कुछ दिनों से श्रावस्ती में संगठित गिरोह बनाकर भारतीय जाली मुद्रा की छपाई और बिक्री किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार नागर के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर अभिसूचना संकलन और कार्रवाई की जा रही थी।
5 नवंबर को उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अशोक कुमार, उपनिरीक्षक राजेश मौर्य तथा मुख्य आरक्षी रुद्र नारायण उपाध्याय, रवि वर्मा, विजय वर्मा और कौशलेंद्र प्रताप सिंह की टीम श्रावस्ती जिले में भ्रमणशील थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि जाली भारतीय मुद्रा छापने वाले गिरोह के कुछ सदस्य गिरिराज राइस मिल में मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए STF टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
थाना सोनवा में मुकदमा दर्ज, आगे की जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना सोनवा, जनपद श्रावस्ती में मुकदमा अपराध संख्या 196/2026 दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 318(2), 180, 181 और 182 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
फिलहाल मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई थाना सोनवा पुलिस की ओर से की जा रही है। STF की इस कार्रवाई से कथित जाली नोट छापने और बाजार में सप्लाई करने की योजना का खुलासा हुआ है। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि इस नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े थे, जाली नोटों की छपाई कितने समय से चल रही थी और क्या इससे पहले भी नकली मुद्रा बाजार में खपाई गई थी।
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