SGPGIMS में 31 जनवरी और 1 फरवरी को आयोजित S-CRAFT 26 CME cum Workshop में अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रीजनल एनेस्थीसिया पर गहन प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें 100 से अधिक डेलीगेट्स और 20 अनुभवी फैकल्टी शामिल हुईं।
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS), लखनऊ में 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रीजनल एनेस्थीसिया पर आधारित दो दिवसीय CME cum Workshop – S-CRAFT 26 का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से आए 100 से अधिक डेलीगेट्स और लगभग 20 वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों ने सहभागिता की।
यह S-CRAFT कार्यशाला का दूसरा संस्करण था, जिसे एनेस्थीसियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. संजय धीरज के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। आयोजन सचिव की भूमिका डॉ. प्रतीक सिंह बैस ने निभाई। उद्घाटन सत्र में पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमान, निदेशक SGPGIMS ने उच्चस्तरीय अल्ट्रासाउंड मशीनों की भूमिका को रेखांकित करते हुए इसे रोगी सुरक्षा और बेहतर उपचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

डीन प्रो. शलीन कुमार ने कहा कि पेरिऑपरेटिव नर्व ब्लॉक्स से दर्द कम होता है और मरीज जल्दी रिकवरी करता है। वहीं प्रो. संजय धीरज ने बताया कि ये तकनीकें स्ट्रेस रिस्पॉन्स को कम कर प्रारंभिक चल-फिर को संभव बनाती हैं और पोस्टग्रेजुएट छात्रों के प्रशिक्षण में भी सहायक हैं।
कार्यक्रम के दौरान अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रीजनल एनेस्थीसिया पर आधारित एक बेडसाइड रेफरेंस एटलस का विमोचन भी हुआ, जिसे ATC की एनेस्थीसिया टीम के डॉ. वंश, प्रतीक, सुरुचि, गणपत और रफत ने लिखा है। ATC प्रमुख प्रो. अरुण श्रीवास्तव और CMS प्रो. देवेंद्र गुप्ता ने आयोजन की सराहना की।

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