गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न डेरी और थोक विक्रेताओं से दूध एवं पनीर के पांच नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए, जबकि लगभग 300 किलो पनीर प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराया गया।
जनपदवासियों को शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न डेरी और थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण कर दूध और पनीर के नमूने संग्रहित किए। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में ऐसा पनीर भी मिला जो प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त प्रतीत हुआ। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लगभग 300 किलोग्राम पनीर नष्ट करा दिया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ऐसे समय में सामने आया है जब बाजार में दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। त्योहारों, समारोहों और दैनिक उपभोग में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले दूध एवं पनीर की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में विभाग की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जिलाधिकारी और आयुक्त के निर्देश पर चला विशेष अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दूध और दूध उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की अलग-अलग टीमों का गठन कर डेरी और थोक विक्रेताओं के यहां जांच अभियान संचालित किया गया।

हल्दौनी स्थित डेरी में मिला संदिग्ध पनीर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार, विजय बहादुर पटेल और रविंद्र नाथ वर्मा की संयुक्त टीम ने ग्रेटर नोएडा के हल्दौनी क्षेत्र स्थित चौधरी डेरी पर जांच की।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पनीर का एक नमूना संग्रहित किया, जिसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच के दौरान डेरी में मौजूद लगभग 100 किलोग्राम पनीर प्रथम दृष्टया मिलावटी और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त प्रतीत हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे पनीर को नष्ट करा दिया ताकि यह बाजार में न पहुंच सके।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन प्रारंभिक जांच में गुणवत्ता को लेकर गंभीर संदेह पाया गया था।
जेवर के जहांगीरपुर में दूध का नमूना लिया गया
इसी टीम ने आगे कार्रवाई करते हुए जेवर तहसील के ग्राम जहांगीरपुर स्थित प्रमोद डेरी का भी निरीक्षण किया। यहां से दूध का एक नमूना संग्रहित किया गया है।
इस नमूने को भी परीक्षण के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां इसकी गुणवत्ता, शुद्धता और निर्धारित मानकों के अनुरूपता की जांच की जाएगी।
सेक्टर-15 नोएडा में 200 किलो पनीर कराया गया नष्ट
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सैयद इबादुल्लाह और विशाल गुप्ता की टीम ने नोएडा सेक्टर-15 स्थित चौहान डेरी पर निरीक्षण किया।
जांच के दौरान यहां से भी पनीर का एक नमूना लिया गया। निरीक्षण में पाया गया कि डेरी में रखा लगभग 200 किलोग्राम पनीर प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं था।
जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से पूरे पनीर को नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह पनीर बाजार में पहुंच जाता तो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता था।

सेक्टर-65 स्थित प्रतिष्ठित कंपनी से भी लिए गए नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज ने नोएडा सेक्टर-65 स्थित हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड परिसर में जांच अभियान चलाया।
इस दौरान दूध और पनीर के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए। इन नमूनों को भी वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
विभाग का कहना है कि जांच अभियान किसी एक वर्ग या प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी उत्पादकों, वितरकों और विक्रेताओं पर समान रूप से लागू किया जा रहा है।
कुल पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए
अभियान के दौरान विभिन्न डेरी और थोक विक्रेताओं से कुल पांच नमूने संग्रहित किए गए। इनमें दूध और पनीर दोनों शामिल हैं।
सभी नमूनों को विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जनस्वास्थ्य से समझौता नहीं
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विभाग का प्राथमिक उद्देश्य जनपदवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। दूध, पनीर, मावा, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने नियमित रूप से लिए जाएंगे ताकि मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह हो तो उसकी शिकायत विभाग को करें, ताकि तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मिलावटखोरों के लिए सख्त संदेश
गौतमबुद्धनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।
करीब 300 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को नष्ट कर विभाग ने यह संदेश दिया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
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