गौतम बुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया। ग्रेटर नोएडा और नोएडा के विभिन्न प्रतिष्ठानों से दूध, पनीर, मक्खन, चीज़ और पिज़्ज़ा सॉस समेत सात नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जनपदवासियों को शुद्ध, सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने एक बार फिर व्यापक जांच अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत दूध और दूध से बने विभिन्न उत्पादों के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर के निर्देशों के क्रम में यह अभियान संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य बाजार में उपलब्ध दूध एवं डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं तक शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना है।
गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थों पर विभाग का विशेष फोकस
गौतम बुद्ध नगर जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले में बड़ी संख्या में डेयरी उत्पादों का उत्पादन और वितरण होता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और नमूना संग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न प्रतिष्ठानों से दूध और दूध उत्पादों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
ग्रेटर नोएडा की दूध पैकिंग इकाई से लिया गया गाय के दूध का नमूना
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार ने ग्रेटर नोएडा के हबीबपुर स्थित कांटिनेंटल मिल्कोज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की दूध पैकिंग इकाई का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गाय के दूध का एक नमूना संग्रहित किया गया। यह नमूना प्रयोगशाला में भेजा जाएगा, जहां इसकी गुणवत्ता, शुद्धता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूपता की जांच की जाएगी।
नोएडा फेस-2 स्थित डेयरी इकाई से मक्खन और चीज़ के नमूने
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय बहादुर पटेल एवं रविंद्र नाथ वर्मा की संयुक्त टीम ने नोएडा फेस-2 स्थित सोवेंस फॉर्मेज डेरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डेयरी इकाई से कुल चार नमूने लिए गए, जिनमें—
- मक्खन का 01 नमूना
- प्रोसेस्ड चीज़ स्प्रेड के 02 नमूने
- चीज़ का 01 नमूना
शामिल हैं

अधिकारियों ने बताया कि डेयरी उत्पादों की बढ़ती खपत को देखते हुए उनकी गुणवत्ता की नियमित जांच बेहद आवश्यक है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
सेक्टर-45 स्थित डेयरी से पनीर का नमूना
अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमर बहादुर सरोज ने नोएडा सेक्टर-45 स्थित डाबर डेयरी का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पनीर का एक नमूना संग्रहित किया गया। पनीर भारतीय परिवारों में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले डेयरी उत्पादों में से एक है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता और शुद्धता की जांच उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पिज़्ज़ा सॉस की भी होगी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग ने केवल डेयरी उत्पादों तक ही जांच सीमित नहीं रखी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रितु सक्सेना ने सेक्टर-68 स्थित ऑर्गेनिक्ट फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण कर पिज़्ज़ा सॉस का एक नमूना भी संग्रहित किया।
यह कदम दर्शाता है कि विभाग केवल पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर ही नहीं बल्कि प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर भी बराबर नजर बनाए हुए है।
कुल सात नमूने जांच के लिए भेजे गए
अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 07 नमूने संग्रहित किए गए। इनमें—
- गाय का दूध – 01 नमूना
- मक्खन – 01 नमूना
- प्रोसेस्ड चीज़ स्प्रेड – 02 नमूने
- चीज़ – 01 नमूना
- पनीर – 01 नमूना
- पिज़्ज़ा सॉस – 01 नमूना
शामिल हैं।

इन सभी नमूनों को विधिवत सील कर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनपदवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा और समय-समय पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाएगी।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान न केवल खाद्य कारोबारियों को मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं में भी भरोसा पैदा करेगा कि उनके लिए उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की नियमित निगरानी की जा रही है।
गौतम बुद्ध नगर में चलाया गया यह विशेष अभियान इस बात का संकेत है कि प्रशासन खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बरतने के पक्ष में नहीं है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जबकि विभाग का निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
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