उत्तर प्रदेश में अवैध व अनियमित शराब बिक्री पर शिकंजा कसते हुए उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के निर्देशानुसार 1 मार्च 2026 को गौतमबुद्धनगर में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त के आदेश पर जिलाधिकारी एवं पुलिस आयुक्त के निर्देशन में की गई, जिससे जिले में शराब कारोबार से जुड़े अनुज्ञापियों में हड़कंप मच गया।
जिला आबकारी अधिकारी गौतमबुद्धनगर के पर्यवेक्षण में जनपद के आबकारी निरीक्षकों की टीमों ने एक साथ जिले में स्थित देशी शराब दुकानों, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप, प्रीमियम रिटेल शॉप और बार अनुज्ञापनों का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी, जिससे कई दुकानों पर अचानक अधिकारियों की मौजूदगी से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अभियान के दौरान दुकानों की कैनटीनों की भी गहनता से जांच की गई। स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस शर्तों और बिक्री रजिस्टरों का मिलान किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की ओवररेटिंग या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कुछ स्थानों पर गोपनीय रूप से टेस्ट परचेज कर यह परखा गया कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत तो नहीं वसूली जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी रखी कि प्रत्येक दुकान पर CCTV कैमरे रियल टाइम में संचालित हों। रिकॉर्डिंग व्यवस्था की मौके पर जांच की गई और जहां खामियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी अनुज्ञापियों और विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि 100 प्रतिशत बिक्री POS मशीन के माध्यम से ही की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और राजस्व हानि की संभावना समाप्त हो।
अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में किसी भी दुकान पर ओवररेटिंग, अवैध बिक्री या CCTV व POS नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस व्यापक निरीक्षण अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और राजस्व प्रणाली को पारदर्शी बनाना है।
जिले में एक ही दिन में हुई इस सघन कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि प्रशासन अब शराब बिक्री व्यवस्था पर कड़ी नजर रखे हुए है। आने वाले दिनों में भी ऐसे आकस्मिक निरीक्षण जारी रहने की संभावना है, जिससे नियमों के अनुपालन को लेकर अनुज्ञापियों में सतर्कता बढ़ गई है।
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