मुस्कान लौटाने वाला ऑपरेशन
गौतमबुद्धनगर में जिन लोगों ने अपना कीमती स्मार्टफोन खो दिया था, उनके लिए 2 मार्च 2026 का दिन खुशखबरी लेकर आया। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने एक सराहनीय अभियान चलाते हुए 111 गुमशुदा स्मार्टफोन खोजकर उनके असली मालिकों को सुपुर्द कर दिए।
यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशानुसार की गई। पुलिस उपायुक्त सेंट्रल नोएडा श्री शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में, अपर पुलिस उपायुक्त श्री आरके गौतम और सहायक पुलिस आयुक्त प्रथम श्री उमेश यादव के निकट पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल सेंट्रल नोएडा और थाना फेस-2 पुलिस ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया।
CEIR पोर्टल बना गेमचेंजर
पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन को खोजने के लिए CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। जिन मोबाइलों के संबंध में सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में गुमशुदगी दर्ज थी, उन पर कार्रवाई करते हुए तकनीकी विश्लेषण से लोकेशन ट्रैक की गई और फोन बरामद किए गए।
ये सभी मोबाइल अलग-अलग कंपनियों के कीमती स्मार्टफोन थे, जो भीड़भाड़ वाले स्थानों या लापरवाही के चलते गुम हो गए थे।
आखिर कैसे गुम हुए थे मोबाइल?
जांच में सामने आया कि मोबाइल गुम होने के पीछे कई सामान्य लेकिन चौंकाने वाले कारण थे:
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कई लोग भीड़भाड़ वाले बाजार, सब्जी और फल मंडियों या साप्ताहिक बाजार में खरीदारी के दौरान झुकते या बैठते समय मोबाइल गिरा बैठे।
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कुछ मोबाइल यात्रा के दौरान ऑटो, टैक्सी, बस या मेट्रो में छूट गए।
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बाइक चलाते समय लोअर या पाजामे की जेब में रखे मोबाइल स्पीड ब्रेकर पर उछलकर गिर गए।
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सार्वजनिक पार्कों में खेलते या व्यायाम करते समय फोन छूट गए।
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शादियों में बारात चढ़त के दौरान नाचते समय मोबाइल गिर गए या कार्यक्रम के बाद बारात घर में छूट गए।
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शराब के नशे में कुछ लोग अपने मोबाइल कहीं गिरा बैठे।
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बड़े आयोजनों में अत्यधिक भीड़ के कारण फोन गुम हो गए।
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मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों में भी कई मोबाइल छूटे पाए गए।
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कुछ मामलों में बच्चों ने गेम खेलते समय मोबाइल कहीं रखकर भूल गए।
तकनीक और सतर्कता का मेल
पुलिस ने बताया कि हर गुमशुदगी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी विश्लेषण किया गया। IMEI नंबर के माध्यम से मोबाइल की पहचान कर CEIR पोर्टल पर ब्लॉक और ट्रैकिंग की प्रक्रिया अपनाई गई। इसके बाद लोकेशन के आधार पर फोन बरामद कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए स्वामियों को लौटाए गए।
मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कई नागरिकों ने पुलिस की तत्परता और पारदर्शी कार्यप्रणाली की सराहना की।
जनता के लिए संदेश
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और IMEI नंबर सुरक्षित रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों, सार्वजनिक परिवहन और आयोजनों में मोबाइल की विशेष सावधानी बरतें।
यह अभियान केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा जीतने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 111 मोबाइल की बरामदगी ने यह साबित कर दिया कि यदि शिकायत समय पर दर्ज हो और तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो खोया हुआ सामान भी वापस मिल सकता है।
गौतमबुद्धनगर पुलिस का यह प्रयास निश्चित रूप से अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन गया है।


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