नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के प्रस्तावित संचालन से पहले गौतमबुद्धनगर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने परी चौक, नॉलेज पार्क मेट्रो स्टेशन और अल्फा-1 क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गौतमबुद्धनगर में बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के संचालन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही हैं। आगामी 15 जून से एयरपोर्ट के परिचालन को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
इसी क्रम में शनिवार को पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशानुसार डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने ग्रेटर नोएडा के प्रमुख यातायात और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट शुरू होने के बाद संभावित यात्री दबाव और यातायात की स्थिति का आकलन करना था।
परी चौक बना निरीक्षण का प्रमुख केंद्र
ग्रेटर नोएडा का सबसे व्यस्त और रणनीतिक चौराहा माने जाने वाले परी चौक को निरीक्षण का प्रमुख केंद्र बनाया गया। यह क्षेत्र दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।
डीसीपी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने यहां यातायात संचालन, वाहनों की आवाजाही, पार्किंग व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं और यात्रियों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में होने वाली संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
नॉलेज पार्क मेट्रो स्टेशन की सुरक्षा पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान डीसीपी ने नॉलेज पार्क मेट्रो स्टेशन का भी दौरा किया। यह स्टेशन एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने स्टेशन परिसर, प्रवेश और निकास मार्गों, यात्री आवागमन व्यवस्था तथा सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मेट्रो स्टेशन के आसपास यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए भी प्रभावी योजना बनाने पर जोर दिया गया।
अल्फा-1 क्षेत्र में ट्रैफिक मूवमेंट और पुलिसिंग की समीक्षा
डीसीपी ग्रेटर नोएडा ने अल्फा-1 क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में ट्रैफिक मूवमेंट, पुलिस की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
उन्होंने स्थानीय पुलिस और यातायात अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी स्थिति में यातायात बाधित न होने दिया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यात्रियों को किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर पुलिस और प्रशासनिक टीमें तुरंत उपलब्ध रहें।

एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बढ़ेगा यात्री दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में यात्री और वाहनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
ऐसी स्थिति में परी चौक, नॉलेज पार्क, अल्फा-1 और आसपास के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन अभी से व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है ताकि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान डीसीपी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट संचालन के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
- यातायात प्रबंधन को सुचारू रखा जाए।
- पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए।
- सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
- यात्रियों के लिए सहायता केंद्रों और सूचना व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
- संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस निगरानी रखी जाए।

यातायात और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रभारी पुलिस उपायुक्त यातायात श्री अभय कुमार मिश्र सहित यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
डीसीपी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट जैसे राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट की सफलता काफी हद तक उससे जुड़ी यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर निर्भर करती है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
जेवर एयरपोर्ट के साथ बदलने जा रही है पूरे क्षेत्र की तस्वीर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत की सबसे बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद न केवल गौतमबुद्धनगर बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इसी वजह से प्रशासन और पुलिस किसी भी संभावित चुनौती से पहले ही निपटने के लिए व्यापक तैयारियों में जुटे हुए हैं।
15 जून को एयरपोर्ट संचालन की शुरुआत के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने के लिए बनाई गई व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर कितनी सफल साबित होती हैं।
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