गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में हुई करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल Aura कार बरामद हुई है। पुलिस का दावा है कि निवेश के नाम पर पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद के बाद चोरी की योजना बनाई गई थी।
शहर में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात ने पुलिस को भी सकते में डाल दिया था। मामला साधारण चोरी का नहीं था, बल्कि इसमें कथित तौर पर 1 करोड़ 48 लाख रुपये की नकदी शामिल थी। रकम इतनी बड़ी थी कि घटना के पीछे कौन है और इतनी बड़ी राशि कहां से आई, यह पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गया।
अब गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने इस मामले का खुलासा करने का दावा किया है। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से चोरी की रकम में से कुल 1 करोड़ 48 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई Aura कार भी पुलिस ने बरामद की है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 18 अगस्त 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई।
रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाते वक्त गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक आरोपियों को रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया।
जांच में पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवनीश कुमार, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, जितेन्द्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और बरामदगी के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया गया।

पुलिस की जांच के मुताबिक मामले का मुख्य आरोपी अवनीश कुमार अपने तीन अन्य साथियों आशीष, आदर्श और भरत के साथ कथित तौर पर एक C.A. फर्म से जुड़ा हुआ है।
पुलिस के अनुसार यह लोग निवेश के नाम पर लोगों से पैसा लेकर काम करते थे। इस दौरान कई लोगों से निवेश के नाम पर रकम लिए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस का दावा है कि अवनीश को उसके द्वारा लगाया गया पैसा वापस नहीं मिल रहा था। इसी आर्थिक विवाद के बीच कथित तौर पर उस रकम को हासिल करने की योजना बनाई गई, जो आशीष द्वारा निवेशक उपलब्ध कराने के नाम पर वादी से ली गई थी।
पुलिस के अनुसार इसी रकम को लेकर अवनीश ने अपने पांच अन्य साथियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।
गैराज में बैठकर बनाई गई थी योजना!
पुलिस के मुताबिक चोरी की कथित योजना सेक्टर-25 नोएडा स्थित आशीष की गैराज में बनाई गई थी।
जांच एजेंसी के अनुसार योजना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वहां रखी रकम को चोरी कर लिया।
मामले में पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम के लेन-देन का पूरा नेटवर्क क्या था, निवेश के नाम पर कितने लोगों से पैसा लिया गया था और इस रकम से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।
फिलहाल पुलिस की ओर से सामने रखी गई कहानी के अनुसार, पैसों को लेकर पैदा हुआ विवाद ही चोरी की इस वारदात की मुख्य वजह बना।
कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार छह आरोपियों में अवनीश कुमार की उम्र 33 वर्ष है। वह अलीगढ़ के ग्राम साथा का निवासी है और बीएससी पास है। पुलिस के मुताबिक वह पिछले करीब एक वर्ष से TPF यानी Trading Profit Fund में काम कर रहा था।
दूसरा आरोपी पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा 28 वर्षीय है और मथुरा के राया क्षेत्र का रहने वाला है। वह दिल्ली-NCR और मथुरा में ओला-उबर टैक्सी चलाने का काम करता था और आठवीं पास है।
जितेन्द्र कुमार, उम्र 24 वर्ष, हाथरस का निवासी बताया गया है। वह आठवीं पास है और शराब की दुकान पर सेल्समैन के तौर पर काम करता था।
सुमित कुमार, उम्र 22 वर्ष, एटा का रहने वाला है और वर्तमान में गौतमबुद्धनगर के फेस-2 थाना क्षेत्र के नया गांव में रहता है। वह 12वीं पास है और प्राइवेट नौकरी करता है।
अनिल कुमार, उम्र 22 वर्ष, अलीगढ़ का निवासी है। वह 12वीं पास है और शराब की दुकान पर सेल्समैन का काम करता था।
छठा आरोपी नीशू चौहान, उम्र 29 वर्ष, अलीगढ़ के साथा गांव का रहने वाला है। वह 10वीं पास है और खेती का काम करता है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में सबसे बड़ी बरामदगी 1 करोड़ 48 लाख रुपये नकद की हुई है।
इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई Aura कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ली है।
इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने अब रकम के स्रोत और उससे जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है।
सेक्टर-20 थाने में दर्ज है मुकदमा
पुलिस के अनुसार मामले में मु0अ0सं0 340/2026 दर्ज किया गया है। इसमें धारा 305A/331(4)/317(2)/61(2) बीएनएस के तहत थाना सेक्टर-20, गौतमबुद्धनगर में अभियोग पंजीकृत है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की अन्य कड़ियों की जांच कर रही है।
कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के अनुसार आरोपी पवन के खिलाफ मौजूदा मामले के अलावा मथुरा के राया और छाता थानों में कई मुकदमे दर्ज रहे हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी से संबंधित धाराएं, अपहरण/साजिश और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं के मामले शामिल हैं। वर्ष 2015 से 2025 तक उसके खिलाफ कई मुकदमों का उल्लेख पुलिस ने किया है।
अनिल के खिलाफ भी मौजूदा मामले के अलावा हाथरस क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम, धोखाधड़ी और धारा 174A से संबंधित मुकदमों का पुलिस रिकॉर्ड में उल्लेख है।
वहीं जितेन्द्र के खिलाफ मौजूदा मुकदमे के अलावा बुलंदशहर के अरनिया थाने में वर्ष 2023 में एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मुकदमों का विवरण पुलिस ने जारी किया है।
अब जांच का अगला पड़ाव क्या?
1.48 करोड़ रुपये की बरामदगी के बाद मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं रह गया है। अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि रकम का वास्तविक स्रोत क्या था, निवेश के नाम पर कितना पैसा इकट्ठा किया गया था और इस पूरे लेन-देन में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। अब पूछताछ के जरिए इस कथित साजिश से जुड़े बाकी पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल सेक्टर-20 पुलिस की इस कार्रवाई में छह गिरफ्तारियां, 1.48 करोड़ रुपये की नकदी और वारदात में इस्तेमाल Aura कार की बरामदगी इस पूरे मामले का सबसे अहम हिस्सा है। हालांकि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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