ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र स्थित सावित्रीबाई फुले कन्या इंटर कॉलेज के हॉस्टल में मंगलवार सुबह बंद कमरे में अचानक आग लग गई। कमरे में रखा फर्नीचर और कुछ दस्तावेज जलकर राख हो गए। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को दूसरे कमरों तक फैलने से पहले ही काबू कर लिया। राहत की बात रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है और शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
सुबह का वक्त था और हॉस्टल में रोज की तरह गतिविधियां चल रही थीं। तभी सावित्रीबाई फुले कन्या इंटर कॉलेज के हॉस्टल से अचानक आग की खबर सामने आई। पहली मंजिल पर स्थित एक बंद कमरे से धुआं और आग निकलती देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
कुछ ही देर में यह साफ हो गया कि आग उस कमरे में लगी है, जहां फर्नीचर और कुछ जरूरी कागजात रखे हुए थे। कमरे के बंद होने के कारण आग ने अंदर रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति बिगड़ने से पहले ही फायर विभाग को सूचना दी गई।
सबसे राहत की बात यह रही कि आग हॉस्टल के दूसरे कमरों और बड़े हिस्से तक पहुंचने से पहले ही दमकल टीम मौके पर पहुंच गई।
सुबह करीब 8:30 बजे मिली आग की सूचना
जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे हॉस्टल के कमरे में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली थी।
सूचना मिलते ही फायर विभाग ने बिना समय गंवाए तीन दमकल गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया। दमकलकर्मियों ने पहुंचकर आग को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की।
कमरा पहले से बंद था और उसमें कोई छात्र या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। कमरे में मुख्य रूप से फर्नीचर और कुछ दस्तावेज रखे हुए थे। आग की चपेट में आने से वहां रखा सामान जल गया।
दमकलकर्मियों की तेजी के कारण आग को हॉस्टल के अन्य कमरों तक फैलने से रोक लिया गया।
बंद कमरे में लगी आग ने बढ़ाई चिंता
इस घटना ने सबसे ज्यादा चिंता इसलिए बढ़ाई क्योंकि आग हॉस्टल की पहली मंजिल पर स्थित बंद कमरे में लगी थी। बंद कमरे में आग लगने की स्थिति में अंदर धुआं और गर्मी तेजी से बढ़ सकती है और अगर समय रहते जानकारी न मिले तो आग आसपास के कमरों तक पहुंच सकती है।
यही वजह रही कि आग की जानकारी मिलते ही हॉस्टल में मौजूद स्टाफ भी सतर्क हो गया और दमकल विभाग को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची फायर टीम ने स्थिति को संभाला और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। कुछ समय की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया।
फर्नीचर और दस्तावेज हुए खाक
आग से कमरे में रखा फर्नीचर और कुछ कागजात जल गए। हालांकि आग की चपेट में आने वाले सामान का पूरा नुकसान कितना हुआ है, इसका विस्तृत आकलन अभी किया जा रहा है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग को कमरे तक ही सीमित रखने में सफलता मिली और हॉस्टल के दूसरे हिस्सों को सुरक्षित बचा लिया गया।
यह राहत की बात है कि घटना के दौरान किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।
हॉस्टल में छात्राओं के रहने के कारण आग की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। समय पर कार्रवाई होने से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बंद कमरे में आग लगी कैसे?
आग लगने का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट समेत आग लगने के अन्य संभावित कारणों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। मौके की स्थिति, कमरे में मौजूद विद्युत उपकरण और अन्य सामान की जांच के बाद ही आग की सही वजह सामने आने की उम्मीद है।
अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि कमरे में बिजली का कनेक्शन किस स्थिति में था और आग लगने से पहले वहां किसी प्रकार की विद्युत समस्या तो नहीं हुई थी।
तीन दमकल गाड़ियों ने संभाली स्थिति
आग की सूचना मिलते ही फायर विभाग की तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग को फैलने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की।
हॉस्टल की संरचना और कमरों की स्थिति को देखते हुए सबसे पहली प्राथमिकता आग को एक स्थान से दूसरे हिस्से में पहुंचने से रोकना था।
टीम ने आग को नियंत्रित किया और यह सुनिश्चित किया कि आसपास के कमरे इसकी चपेट में न आएं।
अगर आग समय रहते नियंत्रित नहीं होती तो हॉस्टल में मौजूद फर्नीचर और अन्य सामान के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
पुलिस और फायर विभाग कर रहे जांच
घटना के बाद पुलिस और फायर विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल किसी तरह की जनहानि की जानकारी नहीं है।
आग से हुए नुकसान और घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए मौके की जांच की जा रही है। शॉर्ट सर्किट के अलावा अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आग किस वजह से लगी और क्या हॉस्टल के विद्युत सिस्टम या कमरे में रखे किसी उपकरण की इसमें कोई भूमिका थी।
बड़ा हादसा टला, लेकिन सवाल कई
सावित्रीबाई फुले कन्या इंटर कॉलेज के हॉस्टल में लगी आग ने एक बार फिर छात्रावासों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, लेकिन बंद कमरे में आग लगने की घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
अब निगाह इस बात पर है कि जांच में आग की असली वजह क्या सामने आती है और हॉस्टल की विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या स्थिति मिलती है।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि आग सिर्फ एक कमरे तक सीमित रही, फायर टीम ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया और एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
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